West Bengal

बर्दवान : कई सर्वे और जांच के बाद निर्मल जिला हुआ था घोषित, अब 67 हजार मकानों में शौचालय नहीं

Burdwn : कई दौर के सर्वे और जांच के बाद पूर्व बर्दवान जिले को ‘निर्मल जिला’ घोषित किया गया था.  जबकि  जमीनी सच्चाई यह है कि जिले के कुल 23 प्रखंड़ों के 67 हजार मकानों में शौचालय नहीं हैं.

जिला प्रशासन ने इन आवासों में शौचालय बनाने का निर्णय लिया है. जिला परिषद ने इस मद में 67 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है. जिला परिषद के अनुसार निर्मल जिला घोषित होने के पहले जिले में 3.5 लाख शौचालयों का निर्माण किया गया था,  जबकि इन परिवारों के टूट के बाद अपेक्षित रूप से शौचालय का निर्माण नहीं हुआ.

इसे भी पढ़ें : आसनसोल : धनबाद के कोयला व्यवसायी की पत्नी ने जताया पति से जान को खतरा, पुलिस से शिकायत

Sanjeevani

परिवारों को चयन कर बनेगा शौचालय

ऐसे परिवारों का चयन कर शौचालय निर्माण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जिला प्रशासन ने  दावा किया कि दुर्गापूजा से पहले इन शौचालयों का निर्माण पूरा कर लिया जायेगा.

जिला परिषद के उपाध्यक्ष देबु टुडू ने दावा कि इस जिले में 3.56 लाख शौचालयों  का निर्माण किया गया था. उस समय कोई ऐसा घर नहीं था, जिसके पास शौचालय न हो.

उन्होंने कहा कि एक परिवार में दो या तीन भाई एक साथ रहते हैं. जब वे अलग होते हैं और परिवार बिखरता है, तो एक मकान का एक हिस्सा एक भाई के हिस्से में आता है, जिसमें शौचालय होता है. जबकि अन्य भाइयों के मकान में शौचालय नहीं होता.

इसे भी पढ़ें : गिरिडीह : आठ साल पहले हुए #murder के केस में छह को आजीवन कारावास  

100 फीसदी मकानों में शौचालय निर्माण का लक्ष्य

ऐसे आवासों की समीक्षा की गयी. ऐसे मकानों में शौचालय निर्माण शुरू हुआ. प्रशासन ने जिले के सौ फीसदी मकान मै शौचालय निर्माण करने का निर्णय लिया है.

जिला परिषद तथा प्रशासन के अनुसार कई साल पहले जिले में शौचालयों की संख्या को लेकर समीक्षा रिपोर्ट तैयार की गयी. इसकी तैयारी सरकारी स्तर पर की गयी थी. बीपीएल में सूचीबद्ध 3.67  लाख मकानों में शौचालय नहीं था.

दिसंबर, 2017 के अंदर 3.67  लाख मकानों में शौचालयों का निर्माण किया गया. जनवरी, 2018  में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बर्दवान नगर में आयोजित मिट्टी  उत्सव में भाग लिया और पूर्व बर्दवान जिला को मिशन निर्मल बांग्ला के तहत ‘निर्मल जिला’  घोषित किया था.

30 सितंबर के अंदर निर्माण का लक्ष्य

फिलहाल प्रशासनिक समीक्षा में तथ्य सामने आया है कि अभी भी जिले के 67 हजार  मकानों में शौचालय है ही नहीं. वित्तीय वर्ष 2019-20  में 67  हजार मकानों में शौचालय निर्माण का काम शुरू हुआ. प्रशासन ने  30 सितंबर के अंदर 67 हजार मकानों में शौचालय निर्माण करने का लक्ष्य रखा है. सितंबर के पहला सप्ताह तक सिर्फ 1600 मकानो में ही शौचालय का ही निर्माण हो पाया है.

जिला परिषद का दावा है कि कई मकानों में शौचालय निर्माण आखिरी चरण में हैं. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार ग्रामीण इलाको में शौचालय बनने के बाद भी ग्रामीणो ने शौचालय का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. खुली आकाश के नीचे शौच करने को विवश है. पंचायत ने ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान शुरू किया है.

इसे भी पढ़ें :  पलामू : पैसेंजर ट्रेन में फंदे पर लटका मिला युवक का शव, हत्या कर शव लटकाये जाने की आशंका

Related Articles

Back to top button