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बुलंदशहर हिंसा : मुख्य आरोपी योगेश राज गिरफ्तार

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Meerut (Uttar Pradesh) : बुलंदशहर हिंसा के मुख्य आरोपी योगेश राज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी. भीड़ की हिंसा में एक पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह एवं एक आम नागरिक की मौत हो गयी थी.  पुलिस ने बताया कि बजरंग दल का स्थानीय संयोजक योगेश राज पिछले साल तीन दिसंबर को स्याना तहसील में हुई हिंसा के बाद से फरार था. उसे बुधवार की रात करीब साढ़े 11 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग 91 पर खुर्जा टी प्वाइंट से गिरफ्तार किया गया. बजरंग दल ने कहा कि वह राज के साथ है और उसे कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगा.
बुधवार की सुबह हिंसा के आरोपी सतीश एवं विनीत और गोकशी मामले के आरोपी अजहर ने बुलंदशहर की स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था. इससे पहले पुलिस ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के मामले में प्रशांत नट और कलुआ को गिरफ्तार किया था.

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एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस इन मामलों में उनकी संलिप्तता के संबंध में सबूत इकट्ठा कर रही है. पुलिस द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में योगेश राज आरोपी नंबर एक था. क्षेत्राधिकारी (स्याना) राघवेंद्र कुमार मिश्रा ने बृहस्पतिवार सुबह पीटीआई-भाषा को बताया, “योगेश राज को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसकी चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है. कानूनी कार्यवाही के लिए उसे आज स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा.”

बुलंदशहर के एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने पीटीआई-भाषा को बृहस्पतिवार सुबह योगेश राज की गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि कोतवाली देहात क्षेत्र के खुर्जा टी प्वाइंट से गिरफ्तार किये जाने के बाद योगेश राज से पूछताछ की जा रही है. उन्होंने कहा कि बाकी फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. उन्होंने बताया कि पुलिस अब तक बुलंदशहर हिंसा के 13 नामजद समेत 31 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. उनके अनुसार, इस मामले में 27 नामजद और करीब 60 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी.

बजरंग दल की पश्चिमी उत्तर प्रदेश इकाई ने कहा कि राज की कानूनी सहायता के लिए कई वकील होंगे. बजरंग दल की पश्चिमी उत्तर प्रदेश इकाई के सह संयोजक प्रवीण भाटी ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘पुलिस द्वारा आरोपपत्र दायर करने के बाद ही हमें पता चलेगा कि उसके विरुद्ध क्या आरोप लगाये गये हैं.’’  उन्होंने कहा, ‘‘एक हफ्ते पहले हमारे “विभाग मंत्री” ने इस मामले से निपटने के लिए करीब दस वकीलों के पैनल की घोषणा की थी. वे कानूनी सहायता के लिए उपलब्ध होंगे और उन्हें सभी सहायता दी जाएगी.’’उन्होंने कहा कि हमें इस देश की न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है.

गौरतलब है कि बुलंदशहर में तीन दिसंबर को चिंगरावटी पुलिस चौकी के पास कथित गोवंश अवशेष मिलने के बाद हिंसा हुई थी. हिंसा के दौरान स्याना के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और 20 वर्षीय सुमित कुमार की गोली लगने से मौत हो गई थी. हिंसा भड़काने के लिए पुलिस बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश को मुख्य आरोपी मान रही थी, जिसकी गिरफ्तारी के लिए एसआईटी लगातार दबिश दे रही थी. योगेश राज स्याना के नयाबांस गांव का रहने वाला है और पहले भी कुछ विवादों में इसका नाम आ चुका है. पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 302, 333, 353, 427, 436, 394 के तहत मामला दर्ज किया है.

इससे पहले पुलिस ने योगेश की शिकायत पर सात कथित गोकशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. योगेश राज ने स्‍याना पुलिस को दी गई तहरीर में कहा था कि वह अपने कुछ साथियों के साथ तीन दिसंबर को सुबह करीब नौ बजे गांव महाब के जंगलों में घूम रहा था. इसी दौरान उसने कुछ लोगों को कथित तौर पर गोकशी करते देखा। शोर मचाने पर आरोपी भाग निकले. योगेश राज के अलावा स्याना के पूर्व भाजयुमो नगर अध्यक्ष शिखर अग्रवाल भी मामले में आरोपी हैं, जिन्हें अदालत से 30 दिन की राहत मिली है. योगेश राज तथा अग्रवाल दोनों ने हिंसा के बाद वीडियो के जरिए खुद को बेगुनाह बताया था.

 

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