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भवन निर्माण ऐसा हो कि मेंटेनेंस पर होनेवाला खर्च इसी के किराये से निकल आये : अजय कुमार सिंह

निर्माणाधीन रवींद्र भवन, कन्वेंशन सेंटर और अर्बन सिविक टावर भवनों के कार्यों की सचिव ने की समीक्षा

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Ranchi : राजधानी में नगर विकास विभाग अंतर्गत निर्माणाधीन भवनों को लेकर विभागीय सचिव अजय कुमार सिंह ने इसमें भवनों के ऑपरेशन और मेंटेनेंस पर जोर दिया है. प्रोजेक्ट भवन स्थित अपने कक्ष में गुरुवार को बैठक कर उन्होंने कहा कि भवनों के निर्माण के बाद इसके रखरखाव के लिए जरूरी राशि इन्हीं भवनों के किराये से लिया जाना चाहिए. इसके  लिए जरूरी है कि भवनों में सरकारी कार्यक्रम भी आयोजित होते रहें. मालूम हो कि विभाग के अंतर्गत इन दिनों कचहरी रोड स्थित रवींद्र भवन, रांची स्मार्ट सिटी परिसर में बन रहे कन्वेंशन सेंटर और अर्बन सिविक टावर निर्माणाधीन हैं. इस दौरान उन्होंने भवनों के उद्देश्यों, निर्माण लागत, निर्माण अवधि सहित निर्माण के बाद इनके रखरखाव को लेकर भी समीक्षा की. बैठक में विभागीय सचिव के अतिरिक्त संयुक्त सचिव एके रतन,  विभाग के मुख्य अभियंता (तकनीकी कोषांग) राजीव कुमार वासुदेवा, जुडको के प्रोजेक्ट डायरेक्टर (टेक्निकल) एसके साहू और डीजीएम पीके सिंह, रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन लिमिटेड के पीआरओ अमित कुमार, जुडको, कंसल्टेंट कंपनी, L&T शापूर्जी कंपनी के प्रतिनिधि मौजूद थे.

टीम गठित कर गुजरात दौरा करें अधिकारी

बैठक में सचिव ने विभाग, जुडको, कंसल्टेंट और निर्माण कंपनी के कुछ सदस्यों की एक टीम बनाकर गुजरात स्थित महात्मा मंदिर विजिट करने का निर्देश दिया. उन्होंने बताया कि इन मंदिर में पहले से ही 5000 लोगों के बैठने की क्षमतावाले कन्वेंशन सेंटर का निर्माण हो चुका है. साथ ही इसका व्यवस्थित तरीके से संचालन भी हो रहा है. सेंटर की कार्यविधि को समझने के लिए सचिव ने टीम गठित कर दौरा कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया.

भवनों के निर्माण को लेकर दिये निर्देश

सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि भवनों के निर्माण के लिए जरूरी है कि निर्माण कार्य से जुड़े सभी अधिकारी इस ओर सामंजस्य बनाकर काम करें. बैठक में उन्होंने भवनों के प्रारूप का पावर प्वॉइंट प्रेजेंटेशन भी देखा और अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश भी दिये, जो इस प्रकार हैं-

  • कन्वेंशन सेंटर, रवींद्र भवन, अर्बन सिविक टावर के ऑपरेशन व मेंटेनेंस और संचालन के लिए प्लान वर्कआउट तैयार कर सौंपा जाये, ताकि एक माह के अंदर बिड डॉक्यूमेंट तैयार हो.
  • एक माह के अंदर उपरोक्त तीनों भवनों के कॉमर्शियल वायबिलिटी की रिपोर्ट विभाग को दें.
  • 15 दिनों के अंदर तीनों भवनों का 3डी-मॉडल तैयार करें.
  • भवनों के कंसल्टेंट को कन्वेंशन सेंटर में कॉस्ट कटिंग करने का निर्देश.
  • भवन निर्माण में विद्युत निर्माण के लिए अधिक से अधिक सोलर एनर्जी के उपयोग पर जोर देने का निर्देश.

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