Lead NewsMain SliderNationalNEWS

Budget Session :  जानिये, किन मुद्दों से मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में है विपक्ष

कृषि कानून व किसान आंदोलन की गूंज सुनायी देना तय माना जा रहा है

New delhi : कृषि कानूनों को लेकर देश में उबाल है. किसानों के आंदोलन ने हिंसात्मक रूप धारण कर लिया है. करीब दो माह से किसान आंदोलनरत हैं. आंदोलनकारी किसानों के साथ ही विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है. इसकी गूंज कल (29 जनवरी) से शुरू हो रहे बजट सत्र में सुनाई देगी. विपक्ष ने कृषि कानून समेत अन्य मुद्दों से सरकार को घेरने की पुरजोर तैयारी की है.

 

नए कृषि कानून, चीन, कोरोना संकट, गिरती अर्थव्यवस्था आदि एसे मुद्दे हैं, जिन पर विपक्ष सरकार घेरेगा. मोदी सरकार को संसद में इन मुद्दे पर अपना पक्ष रखना होगा. सूचना है कि विपक्ष अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देगा. आज प्रमुख विपक्षी नेता सरकार को चौतरफा घेरने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक कर संयुक्त रणनीति बनाएंगे.

 

बजट सत्र के पहले ही दिन 29 जनवरी कांग्रेस,  वाम दल,  तृणमूल कांग्रेस,  डीएमके,  आरजेडी, शिवसेना,  आम आदमी पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी समेत सभी विपक्षी पार्टियां संयुक्त रूप से विरोध करने की तैयारी में हैं. विपक्ष के नेताओं के बीच राष्ट्रपति के भाषण के बहिष्कार की भी चर्चा है, हालांकि, अभी तक इसपर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.

 

संसद का बजट सत्र 29 जनवरी (शुक्रवार) से शुरू होगा. एक फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा. अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर घिरी सरकार के लिए ये बजट आसान नहीं होने वाला है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों और सरकार के बीच  जारी संग्राम  और भारत-चीन सीमा पर तनाव है.  बजट सत्र में सरकार की सबसे बड़ी चुनौती कोविड संकट के बीच अर्थव्यवस्था को सुधारने की है.

 

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सीपीआईएम प्रमुख सीताराम येचुरी और कुछ अन्य विपक्षी नेताओं के संपर्क में हैं. विपक्षी दल तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग करेंगे. विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि गैर-भाजपा दल इस सत्र में एकजुट रहेंगे.

 

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: