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Budget 2022: जमशेदपुर के बड़े कारोबारियों को भाया मोदी सरकार का बजट, छोटे निराश, जानिए किन फैसलों ने दी आशा-निराशा

Jamshedpur: जमशेदपुर के बड़े कारोबारियों को नरेंद्र मोदी सरकार का बजट रास आया है. वहीं छोटे कारोबारी निराश हैं. बड़े कारोबारी संगठनों का कहना है कि बजट प्रावधानों से भारत को चौतरफा विकास होगा. आधारभूत संरचना के विकास से देश दीर्घकालीन विकास केे रास्ते पर आगे बढेगा. वही छोटे कारोबारी टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं होने से निराश हैं.
झारखंड के जमशेदपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स से शहर के तमाम मध्यमवर्गीय व्यापारी जुड़े हैं. इनके अनुसार सरकार से आम नागरिकों के पांच लाख के टैक्स स्लैब को दस लाख तक किये जाने की उम्मीद थी, लेकिन इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया. साथ ही छोटे और मध्यम वर्गीय व्यापारियों को जीएसटी स्लैब में छूट की उम्मीद थी जो पूरी नहीं हुई। इस कारण अधिकतर मध्यम वर्गीय व्यारियों को इस बजट से निराशा मिली है. चैंबर के पदाधिकारयिों ने कहा कि सरकार ने सड़क, परिवहन एवं वंदे भारत रेल के लिए कई नए प्रावधान किए हैं जो स्वागत योग्य है. लेकिन छोटे और मध्यम वर्गीय व्यापारियों एवं आम वेतनभोगी के लिए इस बजट में कुछ भी बेहतर नहीं है, जिस कारण वे निराश हैं.

सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने किया स्वागत

केंद्रीय वित्त मंत्री डॉ निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को 2022- 23 के लिए 39 लाख करोड़ का बजट पेश किया. बजट में डिजिटलाइजेशन को केंद्र में रखा गया है. केंद्रीय बजट का सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने स्वागत किया है. चेंबर अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने कहा कि बजट आत्मनिर्भर भारत को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. इससे देश का चौमुखी विकास होगा. बकौल मूनका-पेश किए गए बजट से उद्योग में निवेश के अच्छे संकेत मिले हैं. इसके अलावा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के भी संकेत हैं. बजट में एक साल के भीतर 25 हजार किलोमीटर नेशनल हाईवे के निर्माण की बात कही गयी है जिससे देश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी. स्पेशल इकोनॉमिक कॉरिडोर के मार्ग प्रशस्त होंगे. पेयजल के लिए साठ हजार करोड़ का प्रावधान बजट में किया गया है.

पासपोर्ट डिजिटलाइजेशन से विदेश में रह रहे लोगों को सहूलियत

पासपोर्ट के डिजिटलाइजेशन को लेकर भी बजट में प्रावधान किए गए हैं जिससे विदेश में रह रहे लोगों को सहूलियत मिलेगी. डिजिटल करेंसी का भी प्रावधान बजट में किया गया है जो दर्शाता है कि सरकार पैसे बांटने पर भरोसा नहीं करती है बल्कि योजनाओं के माध्यम से देश के विकास को गति देने की मंशा रखती है. इससे व्यापार और रोजगार दोनों को लाभ होगा. पब्लिक- प्राइवेट पार्टनरशिप मोड में इंफ्रास्ट्रक्चर को मंजूरी दी गई है. वैसे आयकरदाता जिन्होंने दो साल का रिटर्न दाखिल नहीं किया है वे फाइन के साथ रिर्टन दाखिल कर सकते हैं. कुल मिलाकर बजट संतुलित है. हालांकि आयकर रिटर्न का स्लैब नहीं बढ़ाए जाने पर मूनका थोड़ी मायूसी की बात करते हैं. वैसे कुल मिलाकर बजट संतुलित और देश के विकास को गति देने वाला है.

आयकर अधिनियम में बदलाव की उम्मीदः मुकेश मित्तल

वही चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष मुकेश मित्तल ने भी बजट की सराहना करते हुए इसे देश के विकास को गति देने वाला बजट बताया. चेंबर के अन्य पदाधिकारियों ने भी बजट को संतुलित बताया. साथ ही भरोसा जताया कि इससे देश के विकास को गति मिलेगी. साथ ही व्यापार के साथ रोजगार भी बढ़ेंगे. हालांकि व्यापारियों ने उम्मीद जतायी है कि बजट का पूर्ण विश्लेषण करने के बाद यह संभावना है कि आयकर अधिनियम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

सरकार का जनता पर विश्वास: मुरलीधर केडिया

वरिष्ठ आयकर अधिवक्ता मुरलीधर केडिया ने कहा कि आम बजट को कुल मिलाकर अच्छा कहा जा सकता है. सरकार ने साढ़े 7 लाख करोड़ रुपया कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए रखा है. इससे लगता है कि सरकार पैसा लुटा नहीं रही है. कैपिटल एक्सपेंडिचर से व्यापार और रोजगार में वृद्धि होती है, जबकि पैसा लुटाने से न तो व्यापार बढ़ता है और न रोजगार. श्री केडिया ने कहा कि लोगों को आशा थी कि सरकार आयकर की सीमा में बढ़ोत्तरी करेगी, ऐसा नही हुआ है. लेकिन सरकार ने आयकर अधिनियम में कई बदलावों की घोषणा की है. उम्मीद की जानी चाहिए कि इसका लाभ आयकरदाताओं को मिलेगा. डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने की घोषणा यह दर्शाती है कि सरकार का जनता पर विश्वास है. कुल मिलाकर यह एक अच्छा बजट है.

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