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 बीएसएनएल कड़ाई से वसूलेगी बकाया 3,000 करोड़ रुपये , 2018-19 में 14 हजार करोड़ के घाटे का अनुमान

नकदी समस्या से जूझ रही सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने अपने कंपनी ग्राहकों से बकाये की वसूली के लिए आक्रामक तरीके से कदम उठाने की योजना बनायी है.  

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NewDelhi :  नकदी समस्या से जूझ रही सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने अपने कंपनी ग्राहकों से बकाये की वसूली के लिए आक्रामक तरीके से कदम उठाने की योजना बनायी है.  खबर है कि बीएसएनएल अगले दो-तीन महीनों में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के बकाये में से बड़ी राशि की वसूली की उम्मीद कर रही है. भारत संचार निगम लि. (बीएसएनएल) यह कदम ऐसे समय उठा रही है जब कंपनी वित्तीय स्थिति को लेकर खासा दबाव में है और इसके कारण उसे इस साल दूसरी बार कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी की है.

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राशि वसूली की समयसीमा बताना कठिन है

बीएसएनएल ने कर्मचारियों का जुलाई महीने का वेतन पांच अगस्त को जारी किया था. बीएसएनएल को 2018-19 में लगभग 14,000 करोड़ रुपये के घाटे का अनुमान है. जान लें कि  बीएसएनएल को 2017-18 में 7,993 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. बीएसएनएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक पी के पुरवार ने भाषा से कहा, हमारा कंपनी ग्राहकों के ऊपर बकाया है जो 3,000 करोड़ रुपये से अधिक है.

हम इसकी वसूली के लिए आक्रामक तरीके से कदम उठा रहे हैं. इस दिशा में हमें सफलता भी मिल रही है.  इस क्रम में पुरवार ने कहा कि पूरी बकाया राशि वसूली की समयसीमा बताना कठिन है, पर बीएसएनएल को अगले दो-तीन महीनों में उसमें से बड़ी राशि की वसूली की उम्मीद है.

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मासिक आय और खर्च  में 800 करोड़ रुपये का अंतर

कंपनी किराये से भी बढ़ी हुई आय प्राप्त करने की उम्मीद कर रही है.  इस साल बीएसएनएल की किराये से  लगभग 1,000 करोड़ रुपये की आय पर नजर है.  पिछली बार यह 200 करोड़ रुपये थी.  इस योजना के तहत मौजूदा इमारतों के अधिक-से-अधिक उपयोग और ज्यादा जगह को पट्टे पर देने की योजना है. इसके अलावा बीएसएनएल सालाना करीब 200 करोड़ रुपये तक बचाने को लेकर आउटसोर्स’ किये गये कार्यों को दुरुस्त करने पर भी काम कर रही है.  खबरों के अनुसार कंपनी की मासिक आय और खर्च (परिचालन व्यय और वेतन) में 800 करोड़ रुपये का अंतर है.

दूरसंचार विभाग पुनरुद्धार पैकेज के रूप में बीएसएनएल और महानगर टेलीफोन निगम लि. (एमटीएनएल) के लिए  राहत योजना तैयार कर रहा है. इस पैकेज में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना, संपत्ति को बाजार पर चढ़ाने और 4 जी स्पेक्ट्रम का आवंटन शामिल है. इसके अलावा विभाग दोनों सार्वजनिक उपक्रमों (बीएसएनएल और एमटीएनएल) को पटरी पर लाने के इरादे से संभवत: उनके विलय पर भी काम कर रहा है.

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