JharkhandLead NewsRanchi

रांची में BSF जवानों ने दिखाए बुलेट पर हैरतअंगेज कारनामे, राज्यपाल रमेश बैस ने सराहा

Ranchi: कांके रोड स्थित नई पुलिस लाइन ग्राउन में सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने बुलेट पर संतुलित और उत्कृष्ट प्रदर्शन से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत BSF के इन जांबाज जवानों ने विशेष प्रस्तुति दी. इस कार्यक्रम में राज्यपाल रमेश बैस बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. बीएसएफ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को इस टीम के अदभुत कारनामों और बहादुरी से रूबरू कराना एवं उनके मध्य देशप्रेम की भावना जगाना है.

कार्यक्रम का प्रारंभ निरीक्षक अवधेश कुमार सिंह, टीम कप्तान द्वारा बुलेट मोटरसाइकिल पर पोल राइडिंग किया गया. उन्होंने 16 फिट 5 इंच पोल पर खड़े होकर सभी आगन्तुकों का अभिवादन किया.

ram janam hospital
Catalyst IAS

इसे भी पढ़ें:Ranbir Alia Wedding : एक-दूजे के हुए आलिया भट्ट-रणबीर कपूर, नहीं होगा रिसेप्शन, जानें क्या है वजह

The Royal’s
Pitambara
Pushpanjali
Sanjeevani

इसके पश्चात बुलेट पर सवार जवानों ने एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज करतब दिखाए. जिसमें चलती मोटर साइकिल पर जवान द्वारा हिमालय की आकृति बनाना, शीर्षासन करना, सेल्फी पोज, मछली की आकृति, चेस्ट जंप आदि ने उपस्थित दर्शकों के रोमांचित किया. राज्यपाल रमेश बैस ने निरीक्षक अवधेश कुमार सिंह एवं उनके टीम की मैदान में आकर सराहना की.

कार्यक्रम में बीएसएफ मेरू की ब्रास बैंड और जॉज बैंड ने विशेष सांस्कृतिक एवं देशभक्त गीतों और धुनों की प्रस्तुति दी.

इसे भी पढ़ें:Jharkhand Panchayat Election: सरकारी सेवकों की छुट्टि‍यां रद्द, अवकाश में भी काम कर रहे अधिकारी एवं कर्मचारी

कार्यक्रम में डीजीपी पुलिस नीरज सिन्हा, उपायुक्त छवी रंजन, बीएसएफ आईजी परमिंदर बेंज, बीएसएफ डीआईजी सी डी अग्रवाल, बीएसएफ कमांडेंट सत्यवान खांची, बीएसएफ कमांडेंट मुकुन्द झा, बीएसएफ सेकेंड-इन-कमांडेंट मनोज कुमार मेहता सहित सेना के पदाधिकारी उच्च अधिकारी एवं भारी संख्या में दर्शक उपस्थित थे.

मालूम हो कि सीमा सुरक्षा बल के बुलेट टीम की स्थापना वर्ष 1990 से ही दर्शकों के बीच कौतूहल का विशेष केंद्र बनी हुई है. इन जांबाजों को ग्वालियर स्थित टेकनपुर के सीमा सुरक्षा बल अकादमी के केंद्रीय यांत्रिक परिवहन विद्यालय (Central Mechanical Transport School) में प्रशिक्षण दिया जाता है.

मालूम हो कि अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर वर्ष 2018 में इन जांबाजों का लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्डस में नाम दर्ज है.

इसे भी पढ़ें:जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षा बलों ने 4 आतंकियों को किया ढेर, एक्सीडेंट में दो जवान शहीद

Related Articles

Back to top button