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Breaking : जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष IPS अधिकारी अमिताभ चौधरी का निधन

Ranchi : जेपीएससी अध्यक्ष रहे अमिताभ चौधरी का निधन हो गया है. आज सुबह अपने रांची स्थित आवास पर उन्हें हार्ट अटैक आया. उन्हें तत्काल santevita हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. वह 62 वर्ष के थे. 6 जुलाई 1960 को उनका जन्म हुआ था. वह मूलरूप से बिहार के दरभंगा जिले के मणिगाछी के बाथो गांव के रहने वाले थे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनके निधन पर शोक जताया है.

 

अमिताभ चौधरी दो माह पहले झारखंड लोक सेवा आयोग के चेयरमैन पद से रिटायर हुए थे. वह झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी थे. चौधरी भारत क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के उपाध्यक्ष और सचिव भी रहे थे. एक कुशल खेल प्रशासक के रूप में पूरे देश में उनकी अलग पहचान थी.रांची का जेएससीए स्टेडियम बनवाने में उनका सबसे अहम योगदान माना जाता है.

एक दिन पूर्व जेसीए स्टेडियम मेंं साथियों संग झंडोत्तोलन के मौके पर अमिताभ चौधरी.

झारखंड के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी में गिने जाते थे.चौधरी ने कल स्वतंत्रता दिवस पर जेएससीए स्टेडियम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया था. रांची के एसएसपी के रूप में उनके कार्यकाल को बेमिसाल उपलब्धियों के लिए जाना जाता है. उन्होंने दो बड़े गैंगस्टर सुरेंद्र बंगाली और अनिल शर्मा को गिरफ्तार किया था. उनकी अगुवाई में रांची में दो कुख्यात अपराधी एनकाउंटर में मारे गए थे. जेपीएसी के चेयरमैन के तौर पर सिविल सेवा की 7वीं से लेकर 10वीं परीक्षा का रिजल्ट रिकॉर्ड समय में जारी करने का श्रेय भी उनके नाम रहा.

Sanjeevani

1985 में आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग करने के बाद वह यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद बिहार कैडर के आईपीएस बने थे. झारखंड अलग राज्य बनने के बाद उन्हें झारखंड कैडर मिला. 2002 में वह बीसीसीआई के मेंबर बने थे. 2005 में राज्य के तत्कालीन डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुदेश कुमार महतो को हरा कर वह झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) के अध्यक्ष बने थे. 2005 से 2009 तक क्रिकेट टीम इंडिया के मैनेजर भी रहे. 2013 में उन्होंने आईपीएस की नौकरी से वीआरएस ले ली. 2014 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा. भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर वह बाबूलाल मरांडी की पार्टी जेवीएम से उन्होंने रांची लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था. लेकिन हार का सामना करना पड़ा था.

 

अमिताभ चौधरी का परिवार

पत्नी उनकी आइपीएस रही हैं. अमिताभ निर्मला चौधरी (वास्तविक नाम निर्मला कौर, पंजाबी) अपने पति से पुलिस सेवा में 6 साल सीनियर रहीं. अमिताभ से पहले रिटायर हुईं. फिलहाल अमिताभ के साथ उनका बेटा रह रहा था. वकालत की पढ़ाई करने को बेटी अपनी माँ निर्मला के साथ रह रही हैं. बेटी नियति चौधरी यूपीएससी की तैयारी कर रही है और बेटा अभिषेक चौधरी सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहा है. बेटा फिलहाल विदेश में है.

 

सेंटेवीटा अस्पताल में जुटी भीड़

अमिताभ चौधरी के निधन की खबर फैलते ही सेंटेवीटा अस्पताल भीड़ जुटनी शुरू हो गई है. राज्य के कई आईएएस व आईपीएस अधिकारी अस्पताल पहुंचे हैं. चौधरी की पत्नी व बेटी भी अस्पताल में हैं. राजनीतिज्ञ भी अस्पताल पहुंच रहे हैं.

अमिताभ चौधरी के पार्थिव शरीर को सेंटेवीटा अस्पताल घर ले जाते परिजन.

 

धौनी को नेशनल टीम में जगह दिलाने में लगाया था जोर

गौरतलब है कि झारखंड में क्रिकेट को नयी ऊंचाइयां दिलाने में अमिताभ चौधरी का अहम रोल माना जाता है. भारतीय क्रिकेट टीम को नयी पहचान दिलाने वाले टीम इंडिया के पूर्व कैप्टन महेंद्र सिंह धौनी को नेशनल टीम में जगह दिलाने में भी उनका रोल जबरदस्त रहा था. टीम इंडिया में धोनी को मौका दिए जाने में चौधरी ने बड़े बड़े दिग्गजों से भी लोहा लिया था. धोनी की योग्यता, क्षमता को लेकर उन्होंने बीसीसीआई और दूसरे लोगों के सामने जोरदार पैरवी की थी.

 

 

 

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