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बिक गया ब्रांड हॉर्लिक्स,  31,700 करोड़ रुपये में डील हुई पक्की

इसे देश के कंज्यूमर गुड्स बाजार का सबसे बड़ा सौदा कहा जा रहा है. इक्विटी आधार के इस विलय सौदे में जीएसकेसीएच के प्रत्येक शेयर के लिए एचयूएल को अपने 4.39 शेयर देने होंगे.

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NewDelhi : ब्रांड  हॉर्लिक्स के  31,700 करोड़ रुपये में बिकने की खबर है. बता दें कि एचयूएल (हिंदुस्तान युनिलिवर लिमिटेड) ने सोमवार को कहा कि उसके बोर्ड ने ग्लेक्सोस्मिथलाइन कंज्यूमर हेल्थकेयर (जीएसकेसीएच इंडिया) के इक्विटी आधार पर विलय की मंजूरी दे दी है.  इस सौदे की कीमत 31,700 करोड़ रुपये होगी.  बताया गया है कि इस सौदे से एचयूएल को आय व लाभ दोनों मामलों में अपने कारोबार की वृद्धि दोहरे अंकों में पहुंचने की उम्मीद है.  इसे देश के कंज्यूमर गुड्स बाजार का सबसे बड़ा सौदा कहा जा रहा है. इक्विटी आधार के इस विलय सौदे में जीएसकेसीएच के प्रत्येक शेयर के लिए एचयूएल को अपने 4.39 शेयर देने होंगे.  जीएसकेसीएच हॉर्लिक्स जैसे लोकप्रिय ब्रांड समेत कई उपभोक्ता स्वास्थ्य संबंधी उत्पादों की बिक्री करती है.  इस सौदे में जीएसकेसीएच का भारत, बांग्लादेश समेत 20 एशियाई बाजारों का पोर्टफोलियो शामिल है.  इस सौदे के बाद यूनिलिवर्स की एचयूएल में हिस्सेदारी 67.2 फीसदी से घटकर 61.9 फीसदी हो जायेगी.

कारोबार बढ़कर 10 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जायेगा

कंपनी ने एक बयान में कहा कि जीएसकेसीएच के साथ एचयूएल इस मुद्दे पर एक निर्धारित समझौते पर पहुंच गयी है.  इस संबंध में एचयूएल के सीएमडी संजीव मेहता ने कहा कि जीएसकेसीएच इंडिया के साथ प्रस्तावित रणनीतिक विलय के साथ ही हम अपना पोर्टफोलियो नये वर्ग के बड़े ब्रांड में बढ़ायेंगे, जिससे हम अपने ग्राहकों की पोषण से संबंधी मांगों को पूरा कर सकें. मेहता ने कहा कि अधिग्रहण के बाद हमारा फूड एवं रीफ्रेशमेंट (एफएंडआर) कारोबार बढ़कर 10 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जायेगा.  साथ ही हम देश में एफएंडआर क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक बन जायेंगे.  एक बयान के अनुसार  मुख्य रूप से हॉर्लिक्स व बूस्ट ब्रांड के माध्यम से जीएसकेसीएच इंडिया का कारोबार मार्च 2018 को खत्म हुए वर्ष में 4,200 करोड़ रुपये रहा था.

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