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पंचायतों में विकास पर लगा ब्रेक, बैंकों में पड़ी 500 करोड़ की राशि

14वें-15वें वित्त आयोग की योजनाएं ठप, यूटिलिटी सर्टिफेकट नहीं मिला तो रुक सकती है केंद्रीय मदद की अगली किस्त

RANCHI. राज्य की ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं पर ब्रेक लग गया है. 15वें वित्त आयोग के तहत केंद्र से आवंटित राशि का उपयोग नहीं हो रहा है. 14वें वित्त आयोग की भी बड़ी राशि अभी तक पड़ी हुई है. पूरे राज्य में 4402 ग्राम पंचायतें हैं, जहां विकास योजनाओं के लिए केंद्र की ओर से प्राप्त चार से पांच सौ करोड़ की राशि बैंक अकाउंट्स में पड़ी है.

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इधर,राज्य सरकार ने पंचायतों को दूसरी बार छह माह या अगले चुनाव तक एक्सटेंशन देने के लिए अध्यादेश की मंजूरी दी है, पर अभी तक पंचायती राज व्यवस्था के मॉडस ऑपरेंडी यानि संचालन की नियमावली पर कोई फैसला नहीं हो पाया है. पंचायती राज विभाग ने फाइल को विधि विभाग के पास भेजा है. वहां से अभी तक मंतव्य नहीं आया है. ऐसे में पंचायतों में असमंजस की स्थिति बरकरार है.

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हर पंचायत में पड़े हैं 15-20 लाख

केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग से हर पंचायतों को पांच लाख-पांच लाख रुपये इस वित्तीय वर्ष में आवंटित किए थे. ऐसे में सिर्फ 15वें वित्त आयोग के ही 210 करोड़ रुपये की राशि पड़ी है. इसके अलावा 14वें वित्त आयोग की बची राशि भी से भी विकास योजनाएं ली जानी थीं. वहीं, राज्य के विभिन्न विभागों की कई योजनाओं की राशि भी पंचायतों-प्रखंडों में हैं. प्रायः हर पंचायत में 15-20 लाख पड़े हुए हैं. मनरेगा के काम में तो प्रखंड विकास पदाधिकारी का राशि भुगतान के लिए सिग्नेटरी पावर दिया गया है लेकिन 14-15वें वित्त आयोग सहित अन्य योजनाओं के लिए अभी भी किसी को सिग्नेटरी पावर नहीं दिया गया है.

कई जगह सामग्री खरीद का भुगतान अटका

कई ग्राम पंचायतों में विभिन्न योजनाओं के लिए खरीदी गयी सामग्री का पेमेंट रूक गया है. सप्लायरों की बड़ी राशि पंचायतों में फंसी हुई है. सोलर लाइट खरीद, नलकूप,शौचालय से जुड़े सामाग्रियों की खरीद सहित अन्य योजनाओं में सामग्री मद का भुगतान नहीं हो पा रहा है.

उपयोगिता प्रमाण पत्र भी नहीं भेजा जा रहा केंद्र को

ग्राम पंचायतों में कामकाज ठप होने की वजह से उपयोगिता प्रमाण पत्र भी केंद्र को नहीं भेजा पा रहा है. इस वित्तीय वर्ष की बडी राशि पंचायतों में अभी खर्च होनी भी शुरू नहीं हुई है. ऐसे में उसका यूसी बिल जेनरेट नहीं हो रहा है. जब तक केंद्र को यूसी बिल नहीं दिया जायेगाा तब तक वहां से अगली किस्त राशि भी नहीं मिलेगी.

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