NEWSWING
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

गिरिडीह कॉलेज में पुस्तक खरीद घोटाला, टेंडर के विपरीत सप्लाई कर दी गईं लाखों की किताबें

 12,50,000 राशि की पुस्तक खरीद में धांधली,  चेहते बुक सप्लायर को दिया गया सप्लाई ऑर्डर

595
mbbs_add

Giridih : गिरिडीह कॉलेज में पुस्तक खरीद में भारी गड़बड़ी का मामला सामने आया है. इसमें कॉलेज पुस्तकालय के लिए विषयवार किताबों की खरीद में न सिर्फ वित्तीय अनियमितताएं बरती गईं, बल्कि टेंडर प्रकाशन से लेकर पुस्तक सप्लाई तक की पूरी प्रक्रिया में नियमों की घोर अवहेलना की गई है. इसके कारण कॉलेज प्रबंधन के साथ साथ पुस्तक सप्लाई एजेंसी भी सवालों के घेरे में आ गए हैं.

इसे भी पढ़ें- नियम की धज्जियां उड़ा रही साईनाथ यूनिवर्सिटी, बिना कुलपति के बांटती है डिग्रियां

क्या है पूरा मामला

यह मामला 2017 से शुरू होता है जब गिरिडीह कॉलेज ने अपनी वेबसाइट में दिनांक 13 मार्च 2017 को पुस्तक खरीद के लिए एक टेंडर (पत्रांक G/176/17) का प्रकाशन किया. इसमें कुल 16 विषयों की किताबों के लिए 12,50,000 रुपये की पुस्तक खरीद के लिए प्रतिष्ठित बुक सप्लाई एजेंसियों से निविदा आमंत्रित की गई. इसमें नई दिल्ली की एजेंसी आयुष्मान पब्लिकेशन का चयन किया गया. सारी प्रक्रिया तत्कालीन प्राचार्य डॉ अशोक कुमार के समक्ष हुई. इसके बाद एजेंसी ने पुस्तकें सप्लाई तो की, लेकिन आधी अधूरी और नियमों के विपरित. एजेंसी ने 7,50,000 रुपये की लागत की ही किताबें सप्लाई की और बिल थमाया 12,50,000 रुपये का.

इसे भी पढ़ें- RU : नहीं मिल पा रही बीटेक और नर्सिंग की डिग्री, छात्रों ने परीक्षा…

बांग्ला और उर्दू की एक भी किताब नहीं दी गई

एजेंसी आयुष्मान पब्लिकेशन ने बांग्ला और उर्दू भाषा की एक भी किताब सप्लाई नहीं की, जबकि टेंडर के मुताबिक दोनों विषयों की 50-50 हजार रुपये की किताबें सप्लाई करनी थीं.

इसे भी पढ़ें- इग्नू के तकनीकी कोर्स में एआईसीटीई मान्यता जरूरी नहीं : सुप्रीम कोर्ट

Hair_club

ऑर्डर नहीं होने पर भी अंग्रेजी और मनोविज्ञान की किताबें कर दी सप्लाई

टेंडर ऑर्डर सूची में अंग्रेजी और मनोविज्ञान की किताबों की खरीद का ऑर्डर नहीं रहने के बावजूद एजेंसी ने नियम के विरूद्ध इन विषयों की लाखों रुपये की किताबें कॉलेज को थमा दी है.

इस पूरे मामले पर गिरिडीह कॉलेज के वर्तमान प्राचार्य डॉ अजय मुरारी ने कहा कि यह उनके कार्यकाल से पहले का मामला है. उन्होंने कहा कि ऑर्डर के विपरीत पुस्तकों का सप्लाई नियमों के खिलाफ है और इसकी जांच होगी।

पुस्तक खरीद मामले की जांच होगी : प्राचार्य

इसे भी पढ़ें- प्रोफेसर साहब के पद और ओहदे के चक्कर में पिस रहे विद्यार्थी, छात्र…

बुक सप्लायर्स का पक्ष

किताबों की सप्लाई करने वाली एजेंसी आयुष्मान पब्लिकेशन के आशीष सिंह ने कहा कि कॉलेज के अंग्रेजी और मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसरों के कहने पर ही उन्होंने उक्त विषयों की किताबें सप्लाई की थीं. इसमें तत्कालिन प्राचार्य डॉ अशोक कुमार की भी सहमति थी.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

nilaai_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

bablu_singh

Comments are closed.