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बोकारो : हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने घेरा थाना

बारिश में भीगकर सैकड़ों महिल-पुरुष बैठे रहे मेन गेट पर, सुरक्षा गार्ड के हत्यारों को अब तक नहीं खोज पायी है पुलिस

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Bokaro Thermal : पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत अरमो पंचायत के सैकड़ों महिला-पुरुष ग्रामीणों ने शनिवार को दोपहर 12.30 बजे से दो घंटे तक बोकारो थर्मल थाना का घेराव किया. आंदोलनकारियों का नेतृत्व पंचायत के मुखिया मणिराम मांझी, आरसीएमएस नेता विकास सिंह,  करमचंद मुर्मू और पंचायत के उप मुखिया हरेराम यादव कर रहे थे. बोकारो एसपी एवं बेरमो एसडीपीओ से मोबाइल पर आंदोलनकारियों की वार्ता के बाद करीब तीन बजे थाना घेराव हटा लिया गया.

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पुलिस के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी

इसके पूर्व अरमो पंचायत के अरमो, गंझूडीह, हथबजवा, खरहरिया, नयी बस्ती, लुकूबाद, कुसुमडीह आदि से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिला एवं पुरुष स्थानीय कार्मेल स्कूल से जुलूस की शक्ल में बोकारो थर्मल थाना मेन गेट के समीप पहुंचे. जुलूस में शामिल लोग पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ, बढ़ते अपराध, निजी गार्ड मोहन गंझू के हत्यारों को गिरफ्तार करने को लेकर जमकर नारेबाजी कर रहे थे. थाना के समक्ष पहुंचकर सभी आंदोलनकारी मेन गेट के समीप जमीन पर धरना पर बैठ गये और पुलिस के खिलाफ लगातार नारेबाजी करते रहे.

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ग्रामीणों के इरादे को बारिश भी डिगा न सकी

ग्रामीण जब थाना का घेराव कर रहे थे, तो इसी बीच जोरों की बारिश शुरू हो गयी. इसके बावजूद आंदोलनकारी टस से मस नहीं हुए. थाना मेन गेट के समीप आयोजित सभा को मुखिया मणिराम मांझी, आरसीएमएस नेता विकास सिंह, करमचंद मुर्मू, उप मुखिया हरेराम यादव, विस्थापित नेता बालेश्वर यादव आदि ने संबोधित करते हुए कहा कि गंझूडीह निवासी सीसीएल के निजी सुरक्षा गार्ड मोहन गंझू की हत्या 21 जून को ड्यूटी के दौरान कर दी गयी थी. हत्या कर शव को ओपन कास्ट के समीप फेंक दिया गया था. हत्या के बाद मामले को लेकर स्थानीय थाना में कांड संख्या 79/2018 भादवि की धारा 320, 201 के तहत मामला दर्ज किया गया था. हत्या के बाद निजी गार्ड के परिजनों एवं ग्रामीणों ने स्थानीय थानेदार को हत्या में संलिप्त लोगों का नाम भी बताया था. बावजूद इसके पुलिस उन्हें गिरफ्तार करना तो दूर, उनसे पूछताछ भी नहीं की है.

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पुलिस पर कई गंभीर आरोप

वक्ताओं ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाये. वक्ताओं ने कहा कि पुलिस ने अगर जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया, तो आनेवाले दिनों में इससे भी बड़ा जनांदोलन किया जायेगा. अरमो पंचायत के ग्रामीणों द्वारा थाना घेराव का कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से रखा गया था. लेकिन, स्थानीय थाना के मेन गेट को सुबह आठ बजे से ही बंद करके रखा गया था. हर आने-जानेवाले पर नजर रखी जा रही थी.

गांधीनगर थानेदार ने प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया

बोकारो थर्मल थाना में मौजूद गांधीनगर के थानेदार आशुतोष कुमार ने वार्ता के लिए आंदोलनकारियों में से मुख्य लोगों को थाना में बुलाया. लेकिन, आंदोलनकारी थाना पर बोकारो एसपी एवं बेरमो एसडीपीओ को बुलाकर उनकी मौजूदगी में वार्ता करने की बात पर अड़े थे. गांधीनगर थानेदार ने बाद में आंदोलनकारियों में से विकास सिंह, मुखिया मणिराम मांझी,उप मुखिया हरेराम यादव, पंसस विश्वनाथ मांझी, करमचंद मुर्मू को थाना में वार्ता के लिए बुलाया और मोबाइल से बेरमो एसडीपीओ से बात करवायी. एसडीपीओ एससी जाट ने आंदोलनकारियों से कहा कि बोकारो थर्मल थानेदार सह कांड के अनुसंधानक अवकाश पर हैं. अवकाश से उनके लौटने के साथ ही 72 घंटे के अंदर हत्या में संलिप्त आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेजने का काम करेगी. उन्होंने कहा कि हत्या में संलिप्त लोगों की पहचान कर ली गयी है और थानेदार के लौटते ही उसे गिरफ्तार कर लिया जायेगा. बाद में सभी आंदोलनकारी वार्ता एवं आश्वासन से आश्वस्त होकर तीन बजे थाना से लौट गये. आंदोलन को सफल बनाने में मुख्य रूप से गोविंद गंझू, मैनेजर गंझू, नरेश गंझू, शिवा गंझू, मंटू यादव, मनोज यादव, फिती यादव, मनीष यादव, बालेश्वर यादव, जोधन बास्के, करमचंद गंझू, प्यारेलाल गंझू, रामकुमार मरांडी, भुवनेश्वर गंझू, सुरेंद्र गंझू, महेश गंझू, मुनिया देवी, सुनीता देवी सहित सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल थे.

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