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बोकारो थर्मल : नये पावर प्लांट में काम करने में कामगारों को हो रही परेशानी, पानी और शौचालय तक की व्यवस्था नहीं

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  • पानी और शौचालय के लिए तय करना होता है दो सौ मीटर का फासला

Bermo : पब्लिक सेक्टर के संस्थान डीवीसी के बोकारो थर्मल स्थित 500 मेगावाट के नये पावर प्लांट में कामगारों को काम करने में असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है. प्लांट में कामगारों के लिए पीने के पानी और शौचालय तक की व्यवस्था नहीं रहने के कारण उन्हें काम के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. पावर प्लांट के सीएचपी में लगाये गये लगभग 90 फीसदी बल्ब जलते ही नहीं हैं, जिसके कारण कार्यस्थल पर रात्रि में जाने में कामगारों को दिक्कत होती है. पावर प्लांट निर्माण के समय सीएचपी सहित अन्य स्थानों पर लाइट लगानेवाली कंपनी द्वारा लाइट लगायी ही नहीं गयी और काम को हैंडओवर लेकर उसे पेमेंट कर दिया गया. 15 नंबर का कन्वेयर शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है.

डीवीसी के स्थानीय प्रोजेक्ट हेड से की गयी है समस्या दूर करने की मांग

कामगारों के मुताबिक, पावर प्लांट के सीएचपी स्थित दो सौ मीटर की ऊंचाई पर 16 से 18 नंबर बैंकर पर काम करनेवाले कामगारों के लिए पावर प्लांट निर्माण के लगभग दो वर्ष बाद भी पीने का पानी एवं शौचालय की व्यवस्था नहीं की गयी है. कामगारों को जब भी प्यास लगती है या शौचालय जाना होता है, तो उन्हें दो सौ मीटर की ऊंचाई से नीचे उतरना पड़ता है. इसी प्रकार कन्वेयर चार सी एवं डी से लेकर 18 नंबर बैंकर तक कहीं भी कामगारों के लिए कहीं भी बैठने की भी कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. इतनी असुविधाओं के बावजूद डीवीसी के कामगार, सप्लाई मजदूर और वार्षिक रखरखाव के कामों में काम करनेवाले मजदूर जान जोखिम में डालकर काम पर जाने को विवश हैं. उपरोक्त सभी मसलों को लेकर डीवीसी यूसीडब्ल्यूयू के अध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह ने डीवीसी के स्थानीय प्रोजेक्ट हेड कमलेश कुमार को पत्र लिखकर सभी असुविधाओं की ओर ध्यान दिलाते हुए इसके निराकरण की मांग की है.

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