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बोकारो : जनता दरबार में आती है केवल जनता, प्रशासन नदारद

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Bokaro: गरीबों व आम लोगों की समस्या के निदान के लिए सरकार ने प्रत्येक पंचायत में जनता दरबार लगाने का निर्देश अधिकारियों को दिया है. इसके पीछे का मुख्य उद्देश्य है कि प्रशासनिक अधिकारी जनता के घर जाकर समस्याओं का निदान ऑन द स्पॉट कर सकें. उन्हें अपने ब्लॉक का चक्कर नहीं लगाना पड़े. इसके उलट बोकारो जिले में प्रशासनिक अधिकारी सरकार के इस निर्देश की पूरी तरह अवहेलना करते दिख रहे हैं. ताजा मामला जिले के कसमार प्रखंड के मुरहुलसुदी पंचायत की है. इस पंचायत में गत 16 नवंबर (शुक्रवार) को प्रखंड विकास अधिकारी की तरफ से एक जनता दरबार का आयोजन किया गया था. दरबार में जिले से एक अधिकारी की उपस्थिति की जानी थी, ताकि लोगों की समस्याओं का निदान किया जा सके.

जब जनता चली गयी, तब आये बीडीओ

इस मामले पर मौके पर उपस्थित जिला 20 सूत्री के उपाध्यक्ष लक्ष्मण नायक का कहना है कि जनता दरबार में प्रखंड के हर उच्च अधिकारियों का उपस्थित रहना पड़ता है. बीडीओ के पत्र के बाद भी उस बैठक में न तो बीडीओ उपस्थित थे न ही डीसीएलआर जेम्स सुरीन. अधिकारियों की उपस्थित को न देख जनता दरबार में आये लोग निराश होकर वापस जाने लगे. इसपर उन्होंने तत्काल ही जिले के वरीय पदाधिकारियों (उपायुक्त, उपविकास आयुक्त) को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी. इस पर उपायुक्त ने बीडीओ को तत्काल जनता दरबार में भेजने का आश्वासन दिया.

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सिर्फ होती है खानापूर्ति, लोगों को दिया जा रहा धोखा

उन्होंने बताया कि उपायुक्त के निर्देश के बाद करीब 2 बजे प्रखंड की बीडीओ जनता दरबार पहुंचे. इसपर जनता दरबार में आमंत्रित प्रखंड के अधिकांश जनप्रतिनिधियों जिसमें प्रमुख, उपप्रमुख, जिला परिषद सदस्य, प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष, मुखिया, पंसस आदि उपस्थित थे, ने नाराजगी व्यक्त की. उन्‍होंने कहा कि जनता दरबार मे सिर्फ खानापूर्ति ही होती है. नियम अनुसार जनता दरबार में एक रजिस्टर में सारे मामलों को सूचीबद्ध करने का प्रावधान है. ताकि दरबार में लिये निर्णय की कार्रवाई की सूचना लाभुकों व प्रतिनिधियों को मिल सके, लेकिन ऐसा न कर दरबार के नाम पर अधिकारियों द्वारा लोगों को केवल धोखा देना का कार्य किया जा रहा है.

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सीएम व वरीय अधिकारियों को किया जाएगा अवगत

20 सूत्री उपाध्यक्ष लक्ष्मण नायक ने कहा कि प्रखंड के सभी सदस्य व लोग इससे काफी नाराज हैं. जहां सरकार जनता की तकलीफों को दूर करने का काम कर रही है. वहीं जिले के प्रशासनिक लोग कानून की पूरी तरह से अवहेलना कर रहे हैं. इसपर उन्होंने लोगों को आश्वश्त किया कि पूरे मामले की जानकारी वरीय पदाधिकारियों व उपायुक्त को दी जाएगी. वहीं दरबार में लेट से पहुंचने वाले बीडीओ ने लोगों से कहा कि कुछ दिनों में इसी पंचायत में जनता दरबार लगाया जाएगा, ताकि जनता की समस्यओं का ऑन द स्पॉट समाधान किया जा सके.

नहीं हो सका बोकारो उपायुक्त से संपर्क

इस मामले पर जब बोकारो के उपायुक्त मृत्युंजय कुमार वर्णवाल से संपर्क साधने की कोशिश भी की गयी. करीब तीन बार ‘न्यूज विंग’ संवादादाता ने उन्हें फोन किया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी.

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