न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

बोकारो : पेटरवार के अंबागढहा नाला पर बने कई चेक डैम बेकार

खेती-किसानी के मामले में पेटरवार है जिले का अव्वल अंचल, किसान कुंआ से ही करते हैं खेती

241

Bokaro: जिले में खेती-किसानी को लेकर सबसे अव्वल अंचल के रूप में पेटरवार की पहचान है. यहां के किसानों को जैसी सिंचाई सुविधा सरकार की ओर से मिलनी चाहिए थी, वह नहीं मिल सकी है. पेटरवार इलाके में रहनेवाले किसान आज भी अपने खेतों में बने कुंआ से ही सिंचाई करते हैं. जबकि सिंचाई सुविधा को लेकर राज्य सरकार के हर दावे हकीकत से कोसों दूर हैं. लघु सिंचाई विभाग पेटरवार में सिंचाई सुविधा मुहैया कराने के नाम पर दो दर्जन से अधिक चेक डैम का निर्माण विभिन्न नालों में कर चुका है, लेकिन उससे एक इंच भी जमीन सिंचित नहीं हो सकी. पेटरवार के बुंडू, चरगी और कोह पंचायत होकर बहनेवाली अंबागढहा नाला पर बना सीरीज आफ चेक डैम लूट की भेंट चढ़ गये हैं.

eidbanner

 

करोड़ों की लागत से विभाग की ओर से इस नाले पर बुढ़नगोड़ा से गुंदलीगढहा तक एक दर्जन चेक डैम बनाए गए हैं. लेकिन इनमें अगर एक-दो को छोड़ दें, बाकि सभी चेक डैम बरसात में ध्वस्त हो गए हैं, या फिर नाला ने अपना रुख ही बदल लिया है. जिस कारण डैम की उपयोगिता नहीं के बराबर दिखती है. करोड़ों की योजना पूरी तरह से पानी में बह गयी है, जिसे लेकर कभी विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं दिखे, इसके बावजूद अभी पेटरवार के श्यामलता नदी में एक नया चेक डैम बनाने की तैयारी विभाग की ओर से की जा रही है.

इसे भी पढ़ेंःफाइलों में दफन हो गये 75000 करोड़ के एमओयू, अब 56000 करोड़ का निवेश भी अटका

अंबागढहा नाला पर बने पुराने बराज का विभाग करेगा जीर्णोद्धार

अंबागढहा नाला पर करीब पचास वर्ष पूर्व मध्यम सिंचाई के लिए बराज बना हुआ है. इस बराज से निकले कच्चे नहर के पानी का उपयोग गुंदलीगढहा, मेरुदारु और इरगवा गांव के किसान करते हैं. वर्षों से यह बराज बेकार पड़ा हुआ है. बराज से रिसनेवाला पानी ही नहर में जाता है. इसके देखते हुए इस वर्ष लघु सिंचाई विभाग के मंत्री चंद्रप्रकाश चैधरी ने 21 अप्रैल 2018 को जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास कर दिया, लेकिन विभाग की ओर से इसका टेंडर नहीं निकाला जा सका है. जिस कारण योजना का काम शुरू नहीं हो सका.

उन दिनों कहा जा रहा था कि करोड़ों की लागत से काम होगा, जबकि विभाग की ओर से अब 40-50 लाख ही खर्च करने की योजना पर विचार किया जा रहा है.  देखा जाए तो इसी नाले पर जो चेक डैम बेकार पड़े हैं उसकी जांच को लेकर कभी विभाग की ओर से पहल नहीं की गई, जबकि मंत्री की ओर से मध्यम सिंचाई का शिलान्यास विभाग ने करा दिया. ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में जब चेक डैम बेकार स्थान पर बन रहे थे, उन दिनों कभी विभाग के अधिकारी देखने तक नहीं पहुंचे और इस मध्यम सिंचाई योजना का जीर्णोद्धार कर सिर्फ सरकारी राशि की हेरा-फेरी होने के ही आसार हैं.

इसे भी पढ़ेंःललितपुर पावर प्लांट के कोयला ट्रांसपोर्टिंग मामले में ट्रांसपोर्टर पर FIR, जांच के घेरे में CCL के जीएम, पीओ व अन्य अधिकारी 

आज तक लोगों ने नहीं देखा पंप सेट

पेटरवार में अंबागढहा में कोह पंचायत के गुंदलीगढहा में चार चेक डैम सीरीज में बनाए गए. इनके बीच एक डैम झालकों की ओर से बना हुआ है, जिसका उपयेाग किसान कर रहे हैं, जबकि लघु सिंचाई का सीरीज डैम बेकार हो गया. हर डैम के दोनों ओर माइक्रोलिफ्ट लगाने को लेकर घर भी बनाया गया. जिसमें एक बार ट्रैक्टर से मोटरपंप लाया गया था और पानी चालू किया गया, उसके बाद फिर वहां कभी पंप नहीं आया. हालांकि कई खेतों और टांड़ में पाइप लाइन भी जमींदोज भी हो गए. गांव के युवक मंटू महतो ने कहा कि सरकार के उदासीन रवैये के कारण ही चेक डैम बेकार हो गये.

इसे भी पढ़ेंःसीएम चाचा रोज ही लुटती है हमारी इज्जत, कभी मालिक तो कभी साहेब रात में नोचते हैं, बचाइए ना हमें

चेक डैम प्रकरण की जांच होनी चाहिए: माधवलाल

गोमिया के पूर्व विधायक माधवलाल सिंह ने चेक डैम निर्माण एवं जगह चयन में बरती गई लापरवाही और घोटाले की जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री, सिंचाई विभाग के प्रधान सचिव को पूरे मामले से अवगत कराया जायेगा. कसमार और पेटरवार पूरी तरह से कृषि पर आधारित प्रखंड है. जहां पर उचित स्थान पर चेक डैम नहीं बनाया गया और किसान उसका उपयोग भी नहीं कर सके. सरकार की करोड़ों की राशि लघु सिंचाई विभाग के अधिकारी और ठेकेदार मिलकर गड़बड़ी कर गए. चेक डैम योजना की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग करेंगे.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: