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बोकारो : कसमार की बीडीओ मैडम को शायद सरकारी ऑफिस पसंद नहीं, आवास से ही करती हैं काम, जनसंवाद में शिकायत

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Bokaro/Kasmar : किसी भी प्रखंड का बीडीओ ऑफिस प्रखंड का सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र होता है. कार्यालय के पोर्टिको में बीडीओ साहब की गाड़ी खड़ी रहना ही इस बात का सबूत होता है कि बीडीओ ऑफिस में काम हो रहा है. चहल-पहल रहती है. लोगों का आना-जाना लगा रहता है. बीडीओ ऑफिस में काम से आनेवाले लोगों की नजर सबसे पहले कार्यालय के पोर्टिको में लगी गाड़ी पर जाती है. गाड़ी नहीं रहने पर लोग निराश हो जाते हैं. ऐसा ही हो रहा है बोकारो जिला के कसमार प्रखंड के लोगों के साथ. कसमार की बीडीओ मोनिया लता को सरकारी कार्यालय शायद पसंद नहीं. यही वजह है कि वह ऑफिस नहीं आती हैं.

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लोगों को हो रही परेशानी

कसमार प्रखंड मुख्यालय में इन दिनों लोगों को काफी परेशानी हो रही है. एक-एक काम के लिए लोगों को महीनों तक प्रखंड मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है. इसके बाद भी लोगों का काम नहीं हो पा रहा है. इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है. वजह यह है कि कसमार की बीडीओ मोनिया लता का जब से कसमार प्रखंड में पदस्थापन हुआ है, तब से एक-दो दिन ही वह कार्यालय आयी हैं. सारा काम वह कार्यालय से दूर अपने आवासीय कार्यालय में करती है. आम जनता का काम हो या प्रखंड के कर्मचारीयों का, सभी लोगों को उनके आवासीय कार्यालय में जाकर काम करवाना पड़ता है.

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मुख्यमंत्री जनसंवाद में हुई शिकायत

मामले में बीडीओ की शिकायत कसमार के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जनसंवाद में करते हुए बीडीओ पर कार्रवाई की मांग की है. कसमार के विकास कुमार सहित अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र से शिकायत करते हुए कहा कि कसमार में जबसे बीडीओ मोनिया लता का पदस्थापन किया गया है, तब से कसमार की जनता काफी परेशान है. आय, जाति सहित अन्य कामों के लिए कार्यालय के महीनों चक्कर लगाने पड़ते हैं.

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आवासीय कार्यालय में कर्मचारियों की लगती है भीड़

रोज सुबह 10 बजे के बाद बीडीओ के आवासीय कार्यालय में अंचल व ब्लॉक के कर्मचारियों की भीड़ काम को लेकर लगनी शुरू हो जाती है. जबकि, कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहता है. शाम पांच बजे तक आवास पर लोगों का आना-जाना लगा रहता है. एक-एक काम को लेकर कर्मचारियों को उनके आवासीय कार्यालय में अपनी हाजिरी लगानी पड़ती है. दबी जुबान से कई कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि जबसे मैडम कसमार आयी हैं, तबसे कर्मचारियों के साथ आम जनता का काम काफी धीमी गति से हो रहा है.

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