न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

  बोकारो: बंद इलेक्ट्रोस्टील कोल माईंस खोलने को लेकर गंभीर नहीं है सरकार

पांच वर्ष से बंद पडी है माईंस, सेल को मिला था चालू करने का जिम्मा, हजारों लोग हो चुके हैं बेरोजगार

615

Prakash mishra

Bokaro : धनबाद लोक सभा क्षेत्र में चंदनकियारी विधान सभा के अमलाबाद में बीसीसीएल की एक पुरानी कोल माईंस थी, जो वर्षो से बंद पड़ी हुई है.  वहीं एक नी कोल माईंस इलेक्ट्रोस्टील कंपनी की ओर से खोली गयी थी, वह भी वर्ष 2014 के बाद बंद हो गयी. इन दोनों माईंस को खोले जाने की पहल पिछले पांच वर्षो में केंद्र की सरकार नहीं कर सकी. हालंकि दोनों बंद पड़ी माईंस खोले जाने का मामला इस लोक सभा में चुनावी मुद्दा नहीं बन सका है और न ही किसी राजनीतिक दल के नेताओं ने इस मामले को अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल ही किया है.

Trade Friends

इस कारण इलाके के आम वोटरों में काफी नाराजगी भी देखी जा रही है, जबकि  दोनों माईंस जब इलाके में चलती थी, तो आम लोगों को रोजी-रोटी के लिए परेशानी नहीं होती थी. सिर्फ इलेक्ट्रोस्टील के कोल ब्लॅाक से आस-पास के करीब दो हजार से अधिक परिवारों को चूल्हा जलता था. बीसीसीएल के अमलाबाद माईंस से स्थायी कर्मचारि‍यों के अलावे भी काफी लोग यहां के काम से जुड़े हुए थे.

दोनों माईंस के बंद हो जाने से लोगों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है, दोनों माईंस को खोले जाने की मांग को लेकर कई बार आंदोलन भी हुए, लेकिन नतीजा कुछ भी नहीं निकल सका. अमलाबाद में कुछेक कर्मचारी अब सिर्फ डयूटी बजाते हैं और इलेक्ट्रोस्टील कोल माईंस में सन्नाटा पसरा रहता है.

इसे भी पढ़ें – नक्सलियों के वोट बहिष्कार को लेकर की गयी पोस्टरबाजी का नहीं हुआ असर, लोगों ने उत्साह के साथ किया मतदान

रोजगार के लिए ग्रामीणों ने इलेक्ट्रोस्टील कंपनी को दी थी जमीन

2007 के आस-पास जब इलेक्ट्रोस्टील कंपनी कोल माईंस के लि‍ए जब रैयतो से जमीन खरीद रही थी, उस समय लोगों ने इस उम्मीद से जमीन दी थी कि कम से  हर घर

सेलोगों को काम मिल जायेगा, प्रारंभ में लोगों को काम भी मिला, उसके बाद अचानक कंपनी द्वारा सरकार के आदेश के बाद वर्ष 2014 में माईंस को बंद कर दिया गया.

अब ऐसी स्थिति है कि तलगड़िया, पर्वतपुर, फतेहपुर, तिलाटांड के आस-पास के पत्थरों के पहाड़ नजर आते है, ओपेन माईंस भी बगैर घेराबंदी के खुली छोड़ दी गयी है. यहां गांव के जानवर आये दिन गिरते रहते है. सरकार के निर्णय के बाद यह माईंस के रख-रखाव का जिम्मा स्टील ऑथरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड(सेल) को दे दिया गया. सेल की ओर से भी सिर्फ इसका रख-रखाव किया जा रहा है, लेकिन इसे चालू करने की दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है.

Related Posts

Giridih : #ACB ने गांवा थाना के दारोगा सतेन्द्र शर्मा को दो हजार घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया

मारपीट के पांच महीने पुराने मामले की केस डायरी और रिम्स से इंजूरी रिपोर्ट मंगवाने के नाम पर दारोगा  महिला से कर रहे थे दो हजार की मांग

WH MART 1

आज जमीन देक गांव के लोग अपने को ठगे से महसूस कर रहें है. जिस कारण गांव के युवा रोजगार के लिए दूसरे महानगरों की ओर पलायन भी कर रहें है. लोगों को उम्मीद थी कि इन पांच वर्षो में देश की सरकार इस बंद माईंस को लेकर पहल करेंगी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका.

इसे भी पढ़ें – काफी आसान हो गयी है वोटिंग प्रक्रिया, वोटर पर्ची नहीं रहने पर भी लोग कर रहे हैं सहयोग

खेती की सारी जमीन माईंस में चली गई

इलेक्ट्रोस्टील कोल माईंस के खुलने से पूर्व पर्वतपुर, तलगड़िया, तिलाटांड, फतेहपुर सहित आस-पास के गांवों के लोगों की जीविका खेती-किसानी से चलती थी, लेकिन कंपनी के आने के बाद लोगों के अधिकांश जमीन माईंस में चली गयी. जिस कारण खेती खत्म हो गयी. उपर से जो खेत बचे हुए वहां पर पानी भी नहीं ठहर पाता है, सारा पानी माईंस में चला जाता है, जिस कारण भी लोग अब खेती नहीं कर सकते हैं.  तिलाटांड के वार्ड सदस्य चंद्रदेव रजवार, फतेहपुर के वार्ड सदस्य दिलीप महतो,उमेश महतो बताते है कि माईंस बनाने के दौरान कई नुकसान भी हुए.

फतेहपुर के पास एक साप्ताहिक हाट निर्मल महतो हाट के नाम से लगता था, वह खत्म हो गया. उसे कोल माईंस कंपनी ने तोड़ डाला, कई चेक डैम भी तोड़े गये. वहीं तालाब हो या कुंआ में पानी का स्तर काफी नीचे चला गया है, जिस कारण भी लोग खेती नहीं कर पाते है. ऐसे में कोल माईंस ही एक मात्र विकल्प है, जो अब उनकी रोजी-रोटी चला सकती है.

इसे भी पढ़ें – हजारीबाग : बड़कागांव के बरवाडीह  में बूथ नंबर 147, 148,149 पर वोट बहिष्कार, बोले वोटर्स – नेता देते…

मंत्री ने मुख्यमंत्री के पास उठाया था मुद्दा

करीब एक वर्ष पूर्व चंदनकियारी के जयताड़ा गांव में आयोजित लीलू, हीरु, पटल बाउरी शहादत दिवस के समारोह में  इलाके के विधायक सह राज्य के भू राजस्व मंत्री अमर कुमार बाउरी ने मंच से ही सीएम से समक्ष यह मांग रखी थी कि वर्ष 2014 से इलाके का इलेक्ट्रोस्टील कोल माईंस बंद पड़ी हुई है, उसे चालू करने की दिशा में सरकार की ओर से पहल की जाये, ताकि आस-पास के ग्रामीणों को रोजगार मिल सके. सीएम ने भी मंच से ही इस दिशा में ठोस कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन  करीब एक वर्ष से अधिक का समय बीत गया है, माईंस को खोले जाने की दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं हो सकी.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like