BokaroJharkhandMain Slider

बोकारो बीजेपी कार्यकर्ता के फेसबुक लाइव से पार्टी में हड़कंप, चुनाव में उम्मीदवार बदलने को लेकर उठाया सवाल

Ranchi/Bokaro: बोकारो जिला बीजेपी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. पार्टी के ही युवा दल के पूर्व महामंत्री कुंज बिहारी पाठक पार्टी के लिए सिरदर्द बन गए हैं. दरअसल उन्होंने बोकारो विधानसभा में मौजूदा बीजेपी विधायक बिरंची नारायण को टिकट दिया जाए या नहीं इसपर सवाल खड़ा कर दिया है.

सोमवार को कुंज बिहारी करीब 11 बजे सुबह लाइव होते हैं. करीब पांच मिनट के अपने वीडियो में उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सर्वे करने की बात कही. उन्होंने लाइव के जरिए लोगों से पूछा कि क्या दोबारा से यहां के मौजूदा विधायक बिरंची नारायण को टिकट दिया जाना चाहिए.

इस लाइव वीडियो को अभी तक करीब 3500 लोगों ने देखा है. 200 से ज्यादा लोगों ने इसे लेकर प्रतिक्रिया भी दी है. किसी ने उम्मीदवार बदलने की वकालत की है, तो किसी ने दोबारा से मौजूदा विधायक पर भरोसा जताया है.

इसे भी पढ़ें – जानें कौन है वो CMPDI अधिकारी आलोक कुमार, जिसने चामा में हाउसिंग कॉलोनी में जमीन कब्जा कर आदिवासियों को ठगा

फेसबुक लाइव करने वाले बीजेपी के कार्यकर्ता कुंज ने लाइव वीडियो के साथ लिखा कि  

“मैं पूरे तबियत से यह वीडियो बना रहा हूं. क्या भाजपा बोकारो विधानसभा के टिकट बटवारे में बदलाव होनी चाहिए या बदलाव नहीं होनी चाहिए. मैं आप तमाम देवतुल्य जनता से फेसबुक लाइव के माध्यम से आपके विचारों से अवगत होना चाहता हूं. कृपया सहयोग करें. लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी है, इसी सोच ने मुझे यह वीडियो बनाने पर प्रेरित किया है.”

मामले पर न्यूज विंग ने जिला भाजयुमो के पूर्व महामंत्री कुंज बिहारी से बात की. पेश है बातचीत के मुख्य अंश

सवालः आखिर ऐसा सर्वे करने की क्या जरूरत पड़ी ?

जवाबः हमलोग जितने भी युवा पार्टी से जुड़े हैं, वो जमीनी स्तर पर काम करते हैं. इसलिए पब्लिक क्या चाहती है, यह जानने की कोशिश की गयी है. विधायक बिरंची नारायण को लेकर पब्लिक के बीच असंतुष्टि है.

पब्लिक चाहती है बीजेपी को वोट करना. लेकिन यह भी पब्लिक का कहना है कि उम्मीदवार बदला जाए. संगठन का कार्यकर्ता होने के नाते ऊपर तक हमें किसी भी हाल में बात पहुंचानी है. वो ही काम मैंने किया. पब्लिक की भावना को आखिर संगठन क्यों नहीं समझे.

सवालः जिला भाजयुमो अध्यक्ष मयंक सिंह के आप करीबी है. कहीं इसी वजह से ऐसा नहीं किया गया ?  

जवाबः जब मयंक सिंह राजनीति में आए भी नहीं थे, तभी से मैं उनका करीबी रहा हूं. 2006 से ही हमलोग साथ हैं. ऐसा नहीं है कि विधायक जी से हमारी नजदीकी नहीं है. मयंक सिंह के साथ ही हमलोग विधायक जी के पास जाते रहे हैं. लेकिन वो सिर्फ सामने ही ठीक से बात करते हैं.

जैसे ही वहां से निकलता हूं, पता चलता है कि वो हमें भला-बुरा कह रहे हैं. बोकारो के डीके गुप्ता वाले प्रकरण में विधायक जी भाजयुमो के कार्यकर्ताओं पर केस करवाने का काम भी किया. कॉम्परमाइज करने गए तो पुलिस ने कहा कि विधायक जी ने मना किया है. हमारे मनोबल को हमेशा गिराने का काम किया गया है.

सवालः क्या विधायक ने क्षेत्र में काम नहीं किया है ?    

जवाबः अगर विधायक क्षेत्र में काम किये होते तो, मेरे फेसबुक लाइव के दौरान उम्मीदवार बदलने वाली जनता की तरफ से दिया गया रुझान 95 फीसदी के आस-पास नहीं होता.

इसे भी पढ़ें –ऑटो सेक्टर में मंदी के बाद अब बैंक-इंफ्रास्ट्रक्चर समेत कई सेक्टरों में घटी नौकरी की रफ्तार!

Related Articles

Back to top button