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बोकारो : जीएम के दौरे को लेकर बोकारो रेल एरिया में खर्च हो रहा डेढ़ करोड़

सर्कुलेटिंग एरिया में बनी सड़क निर्माण के बाद ही कबड़ने लगी

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Bokaro : बोकारो रेलवे एरिया का भ्रमण करने दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक 21 दिसंबर को पहुंचने वाले हैं. उनके आने से पूर्व कहीं पर किसी भी प्रकार की कोई कमी न रहें. उसे छुपाने को लेकर रेलवे महकमें की ओर से दिन-रात काम किया जा रहा है. लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की खर्च रेलवे की ओर से की जा रही है. रेलवे के सर्कुलेटिंग एरिया में दौरे को ध्यान में रखकर चारो तरफ कालीकरण करने का काम किया जा रहा है, लेकिन काम होने के बाद दो दिन तक हुई रिमझिम बारिश में वह जगह-जगह उखड़ने लगी है, जिससे काम के गुणवत्ता की पोल खुलने लगी है.

वहीं रेलवे स्टेशन भवन को जैसे-तैसे रंग रोगन किया जा रहा है. वहीं तीन नंबर प्लेटफार्म का चौड़ीकरण भी जैसे-तैसे किया जा रहा है, ताकि दौरे से पूर्व हर हालत में सभी प्रकार के कमी दूर हो जाये और जीएम यहां के अधिकारियों को शाबासी देकर निकल जायें. रेलवे कॉलोनी की जर्जर सड़कें, जो वर्षों से जीर्णोद्धार की आस में थी, उन्हें भी बनाया गया है. इसके साथ ऐसे कई कॉलोनियों में पेटिंग और चाहरदिवारी का निर्माण भी किया जा रहा है, ताकि जीएम को हर तरफ स्थिति बेहतर नजर आयें.

हर यार्डों की तस्वीर बदलने में हो रहा है रुपयों का खर्च

जीएम दौरे के नाम पर रेलवे की ओर से काफी राशि खर्च किये जाते हैं. इस बार भी उसी तरह राशि का दुरुपयोग हो रहा है. रेलवे एरिया का इन यार्ड, आउट यार्ड, सिक लाईन, कैरेज विभाग, डीजल शेड, सिंग्नल रुम, इलेक्ट्रीक शेड, रनिंग रुम, रेलवे सर्कुलेटिंग एरिया के शौचालय आदि में जो भी कमियां वर्षों से थी. उसे दूर कर दी गयी है. अब बोकारो रेलवे स्टेशन में इन और आउट के लिए अलग-अलग सड़के भी बना दी गयी है. वहीं नया दो पहिया वाहन पड़ाव भी बनाया गया है. इस तरह रेलवे के अधिकारी दिन-रात रेलवे स्टेशन से लेकर हर तरफ छोटे-छोटे खराबियों को खोजकर उसे दूर करने में लगें हैं.

इन जर्जर आवासों पर रेलवे अधिकारियों का नहीं है ध्यान

रेलवे कॉलोनी के डीजल कॉलोनी, पुराना ए टाइप और टेंपल कॉलोनी को मिलाकर करीब 400 ऐसे रेलवे के आवास है. जिनकी स्थिति काफी खराब है. रेलवे की ओर से इन आवासों को मरम्मत करने का काम हाल के वर्षों में नहीं किया गया है. इन आवासों में रहने वाले भी कई बार रेलवे के अधिकारियों को अपनी शिकायत करते हैं, लेकिन उनके आवासों पर इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं होते. जिस कारण जर्जर आवासों में रहने को विवश है.

कई रेलवे स्टेशनों पर चल रहा है काम

दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल के कई रेलवे स्टेशन होकर जीएम गुजरेंगे. जिसे देखते हुए तलगडिया, तुपकाडीह, राधागांव, पुनदाग, कोटशिला आदि के भी पुराने दृश्य को बदलने की तैयारी चल रही है. हर जगह पुराने काम को खत्म किया जा रहा है. तालगड़िया स्टेशन पर काफी दिनों से प्लेटफार्म का काम लंबित पड़ा हुआ था, जिसे जीएम दौरा को देखते हुए बनाने का काम किया जा रहा है. वहीं अन्य स्टेशनों को सिर्फ सजाने और संवारने का काम किया जा रहा है, ताकि जीएम अगर निरीक्षण के दौरान रुक गये. तो उन्हें सब कुछ ठीक-ठाक लगें.

जीएम दौरे को लेकर हर विभाग अलग-अलग खर्च कर रही है. जिसे बताना अभी संभव नहीं है, लेकिन सारे खर्च को जमा करे बताया जा सकता है. अभी फिलहाल उनके आगमन की तैयारी चल रही है.

सिनीयर डीसीएम, आद्रा मंडल, दक्षिण पूर्व रेलवे

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