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बोकारो :  500 मेगावाट के पावर प्लांट से डेढ़ माह बाद भी बिजली का उत्पादन बाधित, प्रतिदिन ढाई करोड़ का नुकसान

यूनिफाइड पावर कंपनी के द्वारा जब बेयरिंग की जांच की गयी तो पाया गया कि स्टीम पास होने के लिए जो स्टेनर लगाया गया था, वह  टूटा हुआ था.

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 Bermo  : बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के 500 मेगावाट के ए पावर प्लांट से डेढ़ माह बाद भी बिजली का उत्पादन आरंभ नहीं किया जा सका है. पावर प्लांट से बिजली का उत्पादन विगत 22 अक्टूवर की दो बजे रात्रि से ही ठप है. पावर प्लांट के ब्यॉलर में रात्रि दो बजे टयूब लीकेज के बाद यूनिट को बंद किया गया था.  तेल का टेम्प्रेचर डाउन करने के लिए स्टीम को ड्रेन किया गया. स्टीम ड्रेन करने के बाद भी टर्बाइन का टेम्प्रेचर डाउन नहीं हो पा रहा था. टेम्प्रेचर डाउन नहीं हो पाने के कारण टयूब लीकेज की मरम्मत नहीं की जा सकी थी. यूनिट ठप होने के बाद उसमें आयी खराबी खोजने के लिए यूनिफाईड पावर कंपनी को लगाया गया. संभावना व्यक्त की जा रही थी कि टर्बाइन के बेयरिंग में आयी खराबी के कारण ही उक्त समस्या आयी है. यूनिफाइड पावर कंपनी के द्वारा जब बेयरिंग की जांच की गयी तो पाया गया कि स्टीम पास होने के लिए जो स्टेनर लगाया गया था, वह  टूटा हुआ था. उसका टूटा हुआ पार्ट टर्बाइन में रोटरी पार्ट के एलपी और आईपी पार्ट में चला गया था, जिसके कारण खराबी आ गयी थी.

उसके बाद टर्बाइन को खोलने एवं खराबी को दूर करने के लिए टर्बाइन का निर्माण करने वाली कंपनी पी इरेक्टर्स को बुलाया गया. जांच की गयी तो पाया गया कि स्टेनर के टूटे हुए पार्ट के टर्बाइन में चले जाने के कारण उसके केसिंग और ब्लेड में स्क्रेच पड़ गया है. मरम़्मत कार्य के लिए स्टेनर सहित अन्य मैटेरियल स्थानीय पावर प्लांट में मौजूद नहीं रहने के कारण  अंडाल, कोडरमा, चंद्रपुरा एवं मीजिया से मंगाये गये.

 दिसंबर तक पूरा हो पाएगा काम : कमलेश कुमार

पावर प्लांट के टर्बाइन में आयी खराबी दूर करने का काम टर्बाइन को खोलकर काम किया जा रहा है.  उसकी मरम्मत कर प्लांट को चालू करने में दिसंबर माह का समय लग जायेगा. डीवीसी मुख्यालय की ओर से काम पूरा कर प्लांट को चालू करने की समय सीमा 27 दिसंबर तय की गयी है.  इस संबंध में डीवीसी के स्थानीय प्रोजेक्ट हेड कमलेश कुमार ने पूछे जाने पर कहा कि टर्बाइन में खराबी आ जाने के कारण यूनिट से उत्पादन ठप है. उन्होंने कहा कि भेल के इंजीनियर काम कर रहे हैं और संभावना है दिसंबर माह के अंत तक काम पूरा कर लिया जायेगा.

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दो लाख एमटी कोयला का स्टाक जमा हो गया है  : 22 अक्टूवर से पावर प्लांट बंद हो जाने के कारण इसके कोल यार्ड में वर्तमान में लगभग दो लाख एमटी कोयला का स्टाक जमा हो गया है और कोयला रखने का स्थान कम पड़ने लगा है. पावर प्लांट में आयी खराबी दूर करने के लिए डीवीसी ने भेल को पहले 50 लाख में काम दिया था, परंतु जब खराबी बड़ी नजर आने लगी तो  राशि को बढ़ाकर लगभग दो करोड़ रुपया कर दिया गया.

प्लांट बंद होने से प्रतिदिन हो रहा ढ़ाई करोड़ का नुकसान : 500 मेगावाट के ए पावर प्लांट में आयी खराबी के बाद उत्पादन बंद होने से डीवीसी को प्रतिदिन ढ़ाई करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है. डीवीसी के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि पावर प्लांट से विद्युत का उत्पादन होने पर प्रतिदिन डीवीसी को लगभग 5 करोड़ रुपया का मुनाफा होता है. पावर प्लांट बंद रहने से कोयला की खपत नहीं होने के कारण डीवीसी को प्रतिदिन ढ़ाई करोड़ रुपया का नुकसान हो रहा है.

 त्रिपाठी ने बोकारो थर्मल पावर प्लांट का दौरा किया : डीवीसी के सदस्य तकनीकी आरपी त्रिपाठी ने पावर प्लांट में आयी खराबी को लेकर लगभग डेढ़ माह बाद सोमवार को बोकारो थर्मल पावर प्लांट का दौरा किया. सदस्य तकनीकी ने इस मामले में डीवीसी के स्थानीय प्रोजेक्ट हेड सहित अन्य इंजीनियरों से जानकारी ली तथा पावर प्लांट के टर्बाइन में करवाये जा रहे काम का जायजा लिया. आरपी त्रिपाठी काम जल्द पूरा करने का निर्देश दिया.

 

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