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जमशेदपुर-चाईबासा रोड पर सड़क हादसे में बोड़ाम के अंचलकर्मी की मौत, सहकर्मियों में शोक की लहर

Patamda : बोड़ाम अंचल कार्यालय में जंजीर वाहक के पद पर पदस्थापित गजेंद्र संवैया (35) की मंगलवार की रात जमशेदपुर-चाईबासा मार्ग पर कुजू के समीप एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी. वह चाईबासा के मूल निवासी थे. अंचल कार्यालय के  कंप्यूटर सहायक प्रसेनजीत मंडल ने बताया कि गजेंद्र संवैया मंगलवार को विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर अपनी बाइक से चाईबासा स्थित अपने गांव गये हुए थे. उनकी मां और भाई वहीं रहते हैं. वहां से देर रात जमशेदपुर स्थित अपने आवास लौटने के क्रम में रात करीब 11 बजे कुजू के पास किसी अज्ञात ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया और वे बुरी तरह से घायल हो गये. गंभीर हालत में पुलिस ने उन्हें रात को ही राजनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

बुधवार की सुबह पुलिस ने गजेंद्र के शव को चाईबासा स्थित पोस्टमार्टम हाउस भेजा. इधर सुबह बोड़ाम की अंचलाधिकारी निवेदिता नियति को इस हादसे की सूचना मिलने पर उन्होंने इसकी जानकारी अंचल कार्यालय के कर्मियों को दी. इसके बाद प्रखंड व अंचल के पदाधिकारी एवं कर्मचारियों ने  2 मिनट का मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. कई अंचलकर्मियों ने चाईबासा पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम कराया एवं उनके पैतृक गांव पहुंचकर अंतिम संस्कार में शामिल हुए. उनके सहकर्मियों ने बताया कि गजेंद्र संवैया पिछले करीब 8 साल से बोड़ाम अंचल कार्यालय में पदस्थापित थे. मिलनसार व्यक्तित्व के कारण सभी कर्मचारियों के साथ उनके मधुर संबंध थे. वह जमशेदपुर में एक किराये के मकान में पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे और वहीं से ड्यूटी आना-जाना करते थे. उन्हें अपने पिता की असामयिक मृत्यु के बाद अनुकंपा पर नौकरी मिली थी. इस घटना के बाद प्रखंड सह अंचल कार्यालय में शोक की लहर है.

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Sanjeevani

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