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दुमका में ग्रामीणों ने अडानी और मुख्यमंत्री रघुवर का फूंका पुतला

गोड्डा में किसानों की फसल बर्बाद करने के खिलाफ प्रदर्शन

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Dumka: गोड्डा में अडाणी ग्रुप द्वारा जमीन अधिग्रहण और प्रशासन द्वारा किसानों की फसल नष्ट करने को लेकर दुमका में प्रदर्शन किया गया. गोड्डा के माली गांव में अडानी पावर प्लांट के लिए झारखंड सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण किये जाने और कंपनी के लोगों द्वारा जबर्दस्ती किसानों के खेत में लगी धान की फसल को जेसीबी चलाकर नष्ट करने की घटना का रविवार को दुमका में विरोध किया गया.

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दुमका की विभिन्न पंचायतों के कई गांवों नकटी, कुकुरतोपा, गुहियाजोड़ी, बुढियारी, बरई, गरडी, राजबांध, जोगीडीह, विजयपुर गांवों में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री रघुवर दास एवं अडानी का पुतला फूंका और इनके खिलाफ नारेबाजी की.  विजयपुर में इसके साथ-साथ मंत्री डॉ लुईस मरांडी का भी पुतला जलाया गया. वहीं, जोगीडीह में सांसद निशिकांत दुबे और मंत्री डॉ लुईस मरांडी का पुतला जलाया गया. ग्रामीणों का कहना है कि भारत किसानों का देश है.

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झारखंड में भी आदिवासियों, मूलवासियों का मूल व्यवसाय खेती ही है. ऐसे में सरकार द्वारा अडानी पावर प्लांट के लिए जमीन अधिग्रहीत किया जाना और खेतों में लगी धान की फसल को जेसीबी चलाकर नष्ट किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है. सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है. किसानों के खेत व जमीन को जबरन हथियाने व रौंदने का काम हो रहा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

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नष्ट की गयी फसल की भरपाई करें सरकार

ग्रामीणों ने गोड्डा के माली गांव में लगी धान की फसल को नष्ट करने की भरपाई करने की मांग सरकार से करते हुए कहा है कि अगर ऐसा नहीं किया गया, तो ग्रामीण किसानों के साथ मिलकर आंदोलन को और तेज करेंगे. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार को कंपनी से अधिक किसानों के लिए सोचने और काम करने की जरूरत है, क्योंकि किसान सुखाड़ से जूझ रहे हैं और राज्य में सिंचाई की सुविधा नहीं है.

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कार्यक्रम में ये थे मौजूद

कार्यक्रम में योगेश मुर्मू, मीरू हांसदा, सुभाष सोरेन, विरंची मोहली, चांदमुनी देवी, शांति देवी, ठाकुर प्रसाद सिंह, शंकर सिंह, संतोषनी बेसरा, प्रेमशिला किस्कू, मानसिंह मुर्मू, सोम मुर्मू, राम मुर्मू, बड़का सोरेन, सुरेंद्र राणा, सोनोती किस्कू, रानी हांसदा, बाबूराम टुडू, रामलाल मुर्मू, गुलशन मुर्मू, मंगल मुर्मू, बैजनाथ देहरी, शिवलाल मुर्मू, रामजन राणा, सूर्य मरांडी, मर्शिला हेम्ब्रोम, निर्मल मुर्मू, डोली मरांडी, सुफल सोरेन, बाबूजी सोरेन, प्रधान सोरेन, सुनीता टुडू, प्रेम प्रकाश हांसदा, पकलू मरांडी, मेलोनी मरांडी, शांति देवी, साहेब टुडू, सुभाष चंद्र मरांडी, सिकंदर मुर्मू, हेमंती मुर्मू, नीलू मरांडी के साथ काफी संख्या में ग्रामीण महिला और पुरुष उपस्थित थे.

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