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मरीजों की जान बचाने को डॉक्टर्स कर रहे हैं ब्लड डोनेट, कर्मचारी और सुरक्षागार्डस भी पीछे नहीं

रिम्स में ब्लड की क्राइसिस, लगाया कैंप

Ranchi: डॉक्टरों को धरती का भगवान कहा जाता है. चाहे मरीजों का इलाज करना हो या फिर उनकी सेवा, हॉस्पिटल में डॉक्टर ही होते हैं जो अपने इलाज से उन्हें नया जीवन देते हैं. लेकिन अब इलाज के साथ-साथ डॉक्टर्स, मरीजों की जान बचाने के लिए खून जमा करने में जुट गये हैं.

यह नेक काम रिम्स के डॉक्टर कर रहे हैं. राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल में ब्लड की क्राइसिस हो चुकी है. यह देखते हुए रिम्स के जूनियर डॉक्टर ने ब्लड डोनेशन कैंप लगाया. जिसमें डॉक्टर मरीजों के लिए ब्लड डोनेट कर रहे हैं. सुबह से ही जूनियर और सीनियर सभी ब्लड डोनेट करने के लिए पहुंच रहे हैं ताकि, इंडोर में एडमिट मरीजों को बिना किसी परेशानी के खून मिल सके. इसके अलावा कुछ पारा मेडिकल स्टाफ और सिक्योरिटी गार्ड भी ब्लड डोनेट करने में पीछे नहीं दिखे. सभी का एक ही लक्ष्य ब्लड बैंक में हर ग्रुप का खून उपलब्ध होगा.

40 यूनिट डोनेशन

Sanjeevani

रिम्स ब्लड बैंक की ओर से इस कैंप में डोनेशन की व्यवस्था की गई है. अब तक लगभग 40 डॉक्टरों ने ब्लड डोनेट किया है. पूछे जाने पर डॉक्टरों ने कहा कि हमारा टारगेट कम से कम 100 यूनिट कराने का है. जेडीए के डॉ विकास ने बताया कि ब्लड की जरूरत तो हर किसी को होती है. लेकिन डोनेट करने के लिए लोग नहीं आते हैं. ऐसे में मरीजों को ब्लड नहीं मिल पाता और डोनर्स को ढूंढ कर लाना पड़ता है. इस चक्कर में काफी समय भी निकल जाता है. कोरोना की वजह से भी लोग ब्लड डोनेशन करने से डरे हुए हैं. लेकिन इसका खामियाजा हॉस्पिटल में इलाज करा रहे गंभीर मरीजों को भुगतना पड़ता है.

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