न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पलामू प्रमंडल के एक मात्र ब्लड बैंक में फिर हुआ रक्त का टोटा

 बड़ा हादसा होने पर रक्त के अभाव में जा सकती है कई लोगों की जान  

48

Dilip Kumar

Palamu : लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों के लोग इन दिनों काफी व्यस्त हैं. उम्मीदवारों के साथ लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं. इस दौरान लोग बड़े-बड़े वायदे करने से पीछे नहीं हट रहे हैं, लेकिन पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर के एक मात्र ब्लड बैंक में पिछले दो दिनों से रक्त का टोटा पड़ा हुआ है. एक यूनिट ब्लड उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसे देखने और रक्त की कमी दूर करने वाला दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा है.

पलामू प्रमंडल के एक मात्र ‘जय जवान ब्लड बैंक’ में इन दिनों किसी समूह का रक्त नहीं है. इसका असर सदर अस्पताल के अलावा जिले में स्थित सरकारी एवं निजी अस्पतालों पर भी पड़ रहा है.

hosp3

रक्त के लिए मरीजों के परिजन लगातार ब्लड बैंक के चक्कर लगाते दिख रहे हैं. ब्लड बैंक में रक्त नहीं मिलने के कारण निराश होकर वापस लौट जाना पड़ रहा है. कई ऐसे लोग भी नजर आ रहे हैं, जो रक्तदाता के इंतजार में ब्लड बैंक के बाहर बैठे रहते हैं.

इसे भी पढ़ेंः Ranchi Nomination: उम्मीदवारी में सेठ पर भारी सहाय, लेकिन मोरहाबादी ने हरमू मैदान को दी है मात

थाइलिसिमियां से पीड़ित बच्चे के पिता लगा रहा ब्लड बैंक का चक्कर

पिछले पांच दिनों से थाइलिसिमिया बीमारी से पीड़ित एक बच्चे का पिता ‘ओ’ पोजेटिव रक्त के लिए ब्लड बैंक का चक्कर लगाते देखा जा रहा है. संवाददाता ने पीड़ित पिता से मुलाकता की और परेशानी जानने की कोशिश की.

चैनपुर के कुदागा खुर्द निवासी उदय यादव ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि उसका पुत्र मनीष कुमार (10वर्ष) थाइलिसिमिया से पीड़ित है. यह बीमारी उसे पांच सालों से है. हर महीने मनीष को एक यूनिट रक्त चढ़ाना पड़ता है.

इसे भी पढ़ेंः शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सपा में शामिल, राजनाथ सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने की संभावना

ब्लड बैंक आकर मायूस होकर लौटते हैं रोगी और उसके परिजन

प्रत्येक माह एक यूनिट रक्त की आवश्यकता ब्लड बैंक से पूर्ति होती है. अप्रैल माह में पिछले पांच दिनों से ब्लड बैंक का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन ब्लड बैंक में रक्त नहीं रहने के कारण ‘ओ’ पॉजेटिव रक्त नहीं मिल पा रहा है.

उन्होंने कहा कि प्रत्येक दिन रक्त की आस में ब्लड बैंक जाता हूं’, लेकिन अबतक उनकी परेशानी दूर नहीं हो पायी है.

इसे भी पढ़ेंः गिरिडीह लोकसभा चुनाव : पहले दिन एक भी नामांंकन नहीं, छह प्रत्याशियों ने खरीदा पर्चा

नहीं पहुंच रहे रक्तदाता

पिछले एक माह से रक्त की कमी झेल रहे ब्लड बैंक की स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है. कई मौकों पर ‘रक्तदान महादान’ के नारा लगाने वाले भी अब ब्लड बैंक के इर्द-गिर्द नजर नहीं आ रहे हैं.

पलामू, गढ़वा और लातेहार से रेफर होकर आते हैं रोगी

प्रमंडलीय सदर अस्पताल में पलामू के अलावा गढ़वा और लातेहार जिले से हर दिन करीब 200 रोगी इलाज के लिए पहुंचते हैं. हादसों के बाद गंभीर हालत में दर्जनों रोगियों का भी आना-जाना लगा रहता है.

केवल सदर अस्पताल में हर दिन 25 से 30 यूनिट रक्त की जरूरत होती है. लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया चल रही है. अगर कोई बड़ा हादसा हो जाये तो कईयों की रक्त के अभाव में जान भी जा सकती है. जिला प्रशासन को इस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है.

इसे भी पढ़ेंः रांची लोकसभा सीटः संजय सेठ, सुबोधकांत और रामटहल ने भरा नामांकन

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: