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कंबल घोटाला जिस रेणु पानिक्कर के कार्यकाल में हुआ, उसने एक मंच पर जुटाया सत्ता और विपक्ष को, सरयू राय चीफ गेस्ट

शीतकालीन सत्र में विधानसभा में एजी की जिस जांच प्रतिवेदन को पटल पर रखा गया, उसमें साफ तौर से कंबल घोटाला का उल्लेख है.

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Ranchi: 19 मार्च 2018 को झारखंड में सबसे पहले न्यूज विंग ने कंबल घोटाला का पर्दाफाश किया था. न्यूज विंग की खबर के बाद झारखंड के दूसरे दैनिक अखबारों ने खबर को प्रमुखता से छापा. पूरी घटना झारक्राफ्ट की तत्कालीन सीईओ रेणु गोपीनाथ परिक्कर के कार्यकाल में हुई थी. एजी ने पूरे प्रकरण की जांच की. शीतकालीन सत्र में विधानसभा में एजी की जिस जांच प्रतिवेदन को पटल पर रखा गया, उसमें साफ तौर से कंबल घोटाला का उल्लेख है. एजी की जांच रिपोर्ट में यह साफ हो चुका है कि कंबल बनाने और बांटने में करीब 19 करोड़ का घोटाला हुआ है. बावजूद इसके सरकार मामले की जांच कराने के नाम पर लगातार लीपापोती कर रही है.

आश्चर्य की बात है कि रांची कमिश्नर की अध्यक्षता में एक बार जांच होने के बाद दोबारा से सरकार उसी कमेटी से जांच करा रही है. माना जा रहा है कि सरकार नहीं चाहती कि कंबल घोटाला में शामिल लोगों पर कार्रवाई हो. इससे ज्यादा ताज्जुब की बात यह है कि जांच कमेटी की अध्यक्षता करने वाले रांची के कमिश्नर श्रवण साय 31 दिसंबर को ही रिटायर कर चुके हैं. लेकिन उनके स्थान पर किसी को भी कमिश्नर नहीं बनाया गया है. पद खाली है. इसी से सरकार की मंशा साफ होती है कि सरकार मामले को लेकर कितना गंभीर है.

फूड ऑन व्हील्स की ओपनिंग का कार्ड

 

रेणु पानिक्कर ने एक मंच जुटाया सत्ता और विपक्ष को

कंबल घोटाला को लेकर अभी तक एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुआ है. एक साल होने को है, लेकिन घोटाला करने वालों पर किसी तरह का कोई शिकंजा नहीं कसा गया है. झारक्राफ्ट की तत्कालीन सीईओ रेणु गोपीनाथ पानिक्कर इस्तीफा देकर दूसरे कारोबार में हाथ आजमा रही हैं. रंगीला फाउंडेशन नाम की कंपनी में वो चेयरपर्सन हैं. कंपनी खूंटी में फूड ऑन व्हील्स की ओपनिंग करने जा रही है. इसके लिए खूंटी के नगर भवन कैंपस में भव्य आयोजन किया जा रहा है. गौर करने बात है कि इस आयोजन में रेणु गोपीनाथ पानिक्कर ने सत्ता और विपक्ष दोनों के दिग्गज नेताओं को आमंत्रित किया है. कार्यक्रम के चीफ गेस्ट सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय हैं. दूसरे अतिथियों में जेएमएम के थिंक टैंक माने जाने वाले सुप्रियो भट्टाचार्य, खूंटी के एसपी आलोक कुमार, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राम कृष्ण चौधरी, जेवीएम के जिलाध्यक्ष दिलीप मिश्रा और बीजेपी के जिलाध्यक्ष काशी साहू शामिल हैं.

सरयू राय ने सीएम को चिट्ठी लिख कर की थी सीबीआई जांच की मांग

कंबल घोटाला की खबर मीडिया में आने के बाद 26 अप्रैल 2018 को सरयू राय ने सीएम को मामले से जुड़ी एक चिट्ठी लिखी थी. चिट्ठी में उन्होंने मुख्यमंत्री रघुवर दास से कहा था कि कंबल घोटाला पशुपालन घोटाला से कम नहीं है. इसकी पूरी जांच सीबीआई से हो. उन्होंने कहा था कि मामले की जांच में किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जो दुखद है. उन्होंने यह भी कहा था कि तत्कालीन झारक्राफ्ट की सीईओ रेणु गोपीनाथ पानिक्कर की इस्तीफा सरकार को मंजूर नहीं करना चाहिए. इनका त्यागपत्र स्वीकार करने से संदेश जायेगा कि सरकार इनका बचाव कर रही है. मामले को रफा-दफा करना चाह रही है. इनके विरुद्ध अविलंब प्राथमिकी दायर कर कार्रवाई आरंभ होनी चाहिए. सरयू राय ने यह भी सवाल उठाया था कि आखिर रेणु गोपीनाथ पानिक्कर झारक्राफ्ट की सीईओ कैसे बन गयीं. इसकी भी जांच होनी चाहिए.

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