न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

70 देशों से मिला कालेधन का सुराग! 400 लोगों को आयकर विभाग का नोटिस

मोदी सरकार विदेशों में जमा कालाधन वापस लाने की मुहिम में धीरे धीरे कामयाब हो रही है. खबरों के अनुसार आयकर विभाग को 70 देशों से कालाधन का सुराग मिला है.  

223

NewDelhi : मोदी सरकार विदेशों में जमा कालाधन वापस लाने की मुहिम में धीरे धीरे कामयाब हो रही है. खबरों के अनुसार आयकर विभाग को 70 देशों से कालाधन का सुराग मिला है.  बताया गया है कि विभाग को विदेशी लेनदेन से जुड़ी 30 हजार से ज्यादा जानकारियां मिली हैं, जिनमें कई संदिग्ध मानी गयी हैं. इस क्रम में कार्रवाई करते हुए आयकर विभाग ने लगभग 400 लोगों को नोटिस भेजा है.   आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार वित्तीय सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान के करार के तहत अलग-अलग देशों ने भारत से जानकारी साझा की है.  आयकर विभाग ने सितंबर में मिली इस जानकारी के आधार पर गहन छानबीन और कार्रवाई शुरू कर दी है.  हालांकि विभाग मानकर चल रहा है कि 30 हजार लेन-देन में से सभी कालेधन की श्रेणी में नहीं होंगे.  तमाम वैध लेनदेन भी हो सकते हैं. बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में अलग-अलग देशों के साथ भारत द्वारा  वित्तीय जानकारी साझा करने के अनुबंध किये गये हैं, जिस कारण ऐसी जानकारियां मिल रही हैं.

स्विट्जरलैंड से जनवरी 2019 से जानकारी मिलना शुरू हो जायेगी

पीएम ने जी-20 सम्मेलन में हर बार वित्तीय सूचनाओं के स्वत: लेनदेन को कालेधन के खात्मे के लिए जरूरी बताया है. भारत अब तक 80 से ज्यादा देशों के साथ वित्तीय लेनदेन की जानकारी साझा करने का करार कर चुका है.  इसमें स्विट्जरलैंड से 21 दिसंबर 2017 को करार पूरा हुआ था.  इसके तहत जनवरी 2019 से जानकारी मिलना शुरू हो जायेगी.  बैंकिंग गोपनीयता को तवज्जो देने वाला स्विट्जरलैंड विदेश में भारतीयों के कालेधन का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है.  बहरहाल 70 देशों से कालाधन का सुराग मिलने पर विदेशों से हुए वित्तीय लेनदेन का मिलान संबंधित लोगों के आयकर रिटर्न से किया जा रहा है.  इसमें एनआरआई और अरबों की संपत्ति के मालिक हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल यानी एचएनआई शामिल हैं.  खबरों के अनुसार उनके  रिटर्न और लेनदेन में तालमेल नहीं दिख रहा है, उन्हें नोटिस भेजे जाने शुरू हो गये हैं.  नोटिस का संतोषजनक जवाब न देने पर सख्त कार्रवाई भी की जायेगी.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: