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कोरोना में कालाबाजारीः लूट सको तो लूट लो भैया…

  • किट उपलब्ध कराने को लेकर दुकानदार वसूल रहे मनमाना चार्ज
  • ऑक्सीजन वाले केन की भी बढ़ गयी कीमत

Ranchi: कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन में रहने वाले गंभीर मरीजों के लिए नई परेशानी खड़ी हो गई है. बाजार में पहले से ही ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी थी. अब ऑक्सीजन सिलेंडर में उपयोग होने वाली ऑक्सीजन किट भी बाजार में नहीं मिल रही है.

अपने परिजनों के लिए किसी प्रकार ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करने वाले लोग अब सिलेंडर से सांस लेने के लिए जरूरी ऑक्सीजन किट के लिए दुकान-दर-दुकान भटक रहे हैं. दुकानदारों के आगे गिड़गिड़ा रहे हैं. लेकिन उन्हें सिलेंडर के लिए जरूरी किट नहीं मिल रही है. ऑक्सीजन किट मार्केट में क्राइसिस है और इसका फायदा दुकानदार उठा रहे हैं.

किट उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों से मनमाना चार्ज भी वसूल रहे हैं. इतना ही नहीं ऑक्सीजन केन, ऑक्सीमीटर, वेपोराइजर के भी दाम दुकानदारों ने बढ़ा दिए है.

Sanjeevani

क्या-क्या होता है किट में:

ऑक्सीजन किट के तहत ऑक्सीजन मास्क, ऑक्सीजन पाइप, सिलेंडर बॉल्व, ऑक्सीजन रेगुलेटर, प्रेशर गेज, फ्लो मीटर, ह्यूमडिटी बॉटल आदि सामान आता है.

ऑनलाइन में भी 3000 में उपलब्धः

ऑक्सीजन फ्लो मीटर की कीमत ऑनलाइन में भी ₹1000 से लेकर ₹3000 तक है. इसके बाद भी सिटी में कोरोना महामारी के नाम पर लोगों को लूटने में लगे हैं. बैक डोर से इसी कीट के लिए 4 से 5000 लिए जा रहे हैं और कोई बिल भी नहीं दिया जा रहा. मरीजों की जान बचाने के लिए परिजन मजबूरी में ज्यादा पैसे चुका रहे हैं.

ऑक्सीजन केन के नाम पर भी लूटः

कुछ दिन पहले ऑक्सीजन 10 सिलेंडर की डिमांड सिटी में बढ़ी. एक के बाद एक लोग ऑक्सीजन केन घरों में स्टॉक करने लगे थे. अब स्थिति यह है कि इसकी भी कीमत अचानक से बढ़ गई है. 10 से 12 लीटर का ऑक्सीजन केन जहां 500 में मिल रहा था अभी ओपन मार्केट में 700 में बिक रहा है. वहीं, रात में अगर किसी को जरूरत पड़ जाए तो इसके लिए पंद्रह सौ तक मांगे जा रहे हैं.

ऑक्सीमीटर और वेपोराइजर के भी दाम बढ़ेः

कोरोना के जब मामले बढ़े तो लोगों ने ऑक्सीमीटर और स्टीम वेपोराइजर का भी इस्तेमाल शुरू कर दिया है. अब इसकी भी डिमांड बढ़ गई तो दुकानदार इसके लिए भी मनमाना रेट वसूल रहे हैं. ऑक्सीमीटर की मार्केट में क्राइसिस हो गई है. लोकल कंपनी से लेकर ब्रांडेड अगर किसी के पास है तो इसके लिए मनमाना चार्ज ले रहा है. वही वेपोराइजर का रेट भी 3 गुना अधिक बढ़ा दिया गया.

केस स्टडी-1

अपर बाजार के मोनू गुप्ता ने एक मित्र की मां को ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया. उसके बाद उन्हें अब सीजन सिलेंडर किट लाने को कहा गया. काफी ढूंढने पर सहजानंद चौक के पास के ही एक दुकान में जाकर किट खरीदा. जिसके लिए उनसे 4500 मांगे गए, बारगेनिंग करने पर वह 4200 में देने को तैयार हो गया. लेकिन इसके बदले में कोई रसीद नहीं दी गई.

केस स्टडी-2

रितेश कुमार के पिता को ऑक्सीजन सिलेंडर लगाने की जरूरत थी. किसी तरह ऑक्सीजन सिलेंडर का जुगाड किया पर किट नहीं मिल पा रहा था. काफी छानबीन के बाद एक व्यक्ति किट लाकर देने को तैयार हुआ. उसने घर पर पहुंचाने के लिए 5000 मांगे. बाद में वह किसी तरह 4500 में किट लेने में सफल हुए. लेकिन उन्हें भी किट की कोई रसीद नहीं दी गई.

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