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ब्लैक कैट कमांडो कश्मीर घाटी में आतंकियों के सफाये के लिए तैयार

एनएसजी की एंटी टेरर 51 एसएजी की टीम पिछले छह महीने से कश्मीर घाटी में मौजूद है, जिसे अब तक घाटी में किसी भी एंटी टेरर ऑपेरशन में इस्तेमाल नहीं किया गया है

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NewDelhi  : एनएसजी की एंटी टेरर 51 एसएजी की टीम पिछले छह महीने से कश्मीर घाटी में मौजूद है, जिसे अब तक घाटी में किसी भी एंटी टेरर ऑपेरशन में इस्तेमाल नहीं किया गया है. 51 एसएजी एनएसजी की एंटी टेरर की फ़ोर्स है, जिसके लगभग 100 कमांडो कश्मीर में तैनात किये गये हैं. ये कमांडो पेनिट्रेशन रडार के साथ साथ घातक हथियारो से लैस है, जिसमे  30 स्नाइपर भी है. खबरों के अनुसार जम्मू कश्मीर में एंटी टेरर ऑपेरशन के लिए तैनात एनएसजी आतंकियों के ख़िलाफ़ ऑपेरशन के लिए फाइनल तैयारियों में जुटी हुई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एनएसजी जम्मू कश्मीर प्रशासन की मदद से घाटी के हर अहम बिल्‍ड‍िंग और सरकारी इमारतों के बिल्डिंग प्लान की जानकारी इक्ट्ठी कर रही है, जिससे आतंकियों के तरफ से बंधक बनाने की सूरत में ब्लैक कैट के कमांडो इसके जरिये बेहतर तरीके से एन्टी टेरर आपरेशन को अंजाम दे सकेंगे और बंधकों की जान सकुशल बचायी जा सके.

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एनएसजी होस्टेज सिचुएशन को बेहतर तरीके से डील कर सकती है

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अधीर रंजन चौधरी के साथ-साथ केरल के नेता के सुरेश, पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी और तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर इस पद के लिए दौड़ में शामिल थे.

बता दें कि 2008 में हुए मुंबई हमले के दौरान आंतकियों के ख़िलाफ़ ऑपेरशन के लिए भेजी गयी एनएसजी टीम के पास ताज होटल की बिल्डिंग प्लान की जानकारी पहले से नहीं थी, जिसका फ़ायदा आतंकियों को मिला था. इस कार्रवाई को पूरी तरफ़ अंजाम देने में भी काफ़ी समय लग गया था. ऐसे में अब एनएसजी घाटी में पहले से अपने होमवर्क को करने में लगी है. एनएसजी के एक कमांडो के अनुसार हम घाटी के हर अहम ठिकानों की जानकारी जमा कर रहे है, ताकि जब भी हमें ऑपेरशन के आदेश मिले हम बिना देर किये तुरंत कारवाई कर सके.  घाटी में ब्लैक कैट को तैनात करने के पीछे गृह मंत्रालय ने ये तर्क दिया था कि एनएसजी होस्टेज सिचुएशन को बेहतर तरीके से डील कर सकती है, हालांकि अब तक आपरेशन में ना इस्तेमाल होने की सूरत में एनएसजी ने गृह मंत्रालय को पत्र लिख कर ये पूछा था कि उनको कश्मीर में किस मकसद के लिए तैनात किया गया है. गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार एनएसजी की टीम को क्रिसमस और नये साल के मौके पर हाई अलर्ट पर रखा गया है. कहा गया है कि जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकी संघठन पठानकोट जैसा एक और हमले को अंज़ाम दे सकते है.

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