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प्रशासनिक अधिकारियों पर बीजेपी का रंग और खुमार अभी तक नहीं उतरा है : मानस सिन्हा

  • कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष ने केंद्रीय नेता उमंग सिंघार का परमिशन कैंसिल होने पर उठाया सवाल
  • कहा, जब प्रशासन को दिक्कत ही थी, तो नहीं देना चाहिए था पास

Ranchi  :  अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सह प्रदेश सहप्रभारी उमंग सिंघार का परमिशन रद्द करने पर कांग्रेस अब प्रशासन पर ही सवाल उठा रही है. प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष मानस सिन्हा ने कहा है कि प्रशासनिक अधिकारियों पर अभी तक बीजेपी का रंग और खुमार नहीं उतरा है. यही कारण है कि परमिशन लेकर आने पर भी उनका पास को रद्द कर दिया गया.

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प्रशासनिक अधिकारियों को कोई दिक्कत थी, तो नहीं देते परमिशन

मानस सिन्हा ने कहा कि प्रशासन ने उमंग सिंघार को 14 दिन का ऑनलाइन पास जारी किया था. इसकी आधार पर ही कांग्रेस पार्टी ने उनके दौरे का रूट मैप तैयार किया. रूट मैप की जानकारी रामगढ़, हजारीबाग, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और रांची प्रशासन को पार्टी मुख्यालय से दी गयी. लेकिन जैसे ही उमंग सिंघार गिरीडीह पहुंचे, तो उन्हें फोन पर जानकारी दी गयी कि उनका पास कैंसिल कर दिया गया है. उन्हें रांची आना होगा और वापस आपको जाना होगा. नहीं तो आप जहां है, वहीं पर आपको 14 दिन का क्वारेंटाइन कर दिया जायेगा.

कार्यकारी अध्यक्ष मानस सिन्हा का कहना है कि प्रशासन को अगर कोई दिक्कत थी, तो पहले उन्हें पास नहीं देना चाहिए था. प्रशासन ने बिना कारण बताये कांग्रेस के शीर्ष नेता का पास रद्द कर दिया, जो साबित करता है कि प्रशासनिक अधिकारियों पर बीजेपी का रंग और खुमार अभी तक नहीं उतरा है.

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कांग्रेसी नेता वैसी जगहों पर जा रहे थे, जहां भीड़-भाड़ ही नहीं होती

उन्होंने कहा कि उमंग सिंघार का दौरा वैसे जगहों पर था, जहां किसी तरह की कोई भीड़भाड नहीं होती. प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और गिरिडीह इंटक के अध्यक्ष स्वर्गीय निरंजन सिन्हा का हाल में निधन हुआ था. वे बेरमो पूर्व मंत्री सह पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह के घर जाने वाले थे. हाल में राजेंद्र सिंह का निधन हुआ है.

धनबाद जिला अध्यक्ष विजेंद्र सिंह का यहां जाने का उद्देश्य था कि उनकी पत्नी का हाल ही में निधन हुआ है. वहीं बोकारो वे कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर के घर जा रहे थे. राजेश ठाकुर की मां का हाल ही में निधन हुआ है. यह सभी जानते है कि कोरोना काल में वैसे भी यहां ज्यादा भीड़ नहीं होती है. वहीं इन जगहों पर सोशल डिस्टेंसिग का पालन भी हो रहा है. उमंग सिंघार ने इसी स्थिति को देख अपना दौरा का कार्यक्रम बनाया था.

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Nayika

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