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भाजपा की CM हेमंत को सलाह, सनातनी होकर सरना धर्म कोड के मसले पर ना फंसें और ना फंसाएं     

Ranchi: भाजपा के मुताबिक सीएम हेमंत सोरेन वास्तव में सनातनी हैं. ऐसे में सरना धर्म कोड जैसे विषयों को लेकर वे उलझन में ना फंसें और न किसी को फंसाएं. राष्ट्रीय अनुसूचित मोर्चा के दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के समापन के मौके पर रविवार को सांसद तथा भाजपा के एसटी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव ने यह अपील की.

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कार्निवल बैंक्वेट हॉल में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, सीएम के पिता और सांसद शिबू सोरेन महादेव-पार्वती के पूजक हैं, उनके प्रति आस्था जताते हैं. ऐसे में हेमंत और उनके घर के सदस्य भी सनातनी हैं. जनजाति समाज को सरना धर्म कोड की आड़ में बांटने की साजिश हो रही. इससे बचने की जरूरत है. यह एक जटिल विषय है. संविधान में जनजातीय समाज के लिये अस्पष्ट प्रावधान हैं. इसे बेहतर किये जाने पर जोर दिया जाना चाहिये. कॉन्फ्रेंस में नीति एवं शोध विभाग के प्रमुख और सांसद सुदेश सिंह सोलंकी, महामंत्री काली राम मांझी भी उपस्थित थे.

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ट्राइबल कमीशन और सरकारी स्कीमों के प्रचार पर जोर

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समीर उरांव ने कहा कि कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक से पार्टी कार्यकर्ताओं, कार्यसमिति सदस्यों में ऊर्जा का संचार हुआ है. बैठक में 27 प्रदेशों से लोग आये. कई केंद्रीय मंत्रियों सहित सांसदों की भी भागीदारी रही. इस तरह से 147 सदस्यों की इसमें उपस्थिति रही. केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने पहले दिन इसका उद्घाटन किया. मोदी सरकार में जनजाति समाज को मिल रहे मान और सरकारी स्तर से उनके स्तर से किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी. इसके बाद कई रचनात्मक सत्र रहे. 40-50 ग्रामों का एक संकुल विकास परिषद बनाकर जनजाति बहुल गांवों में विकास कार्यक्रमों को गति देने की रणनीति बनी.

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इसके जरिये रोजगार, पलायन का निदान किया जायेगा. पहले दिन राजनीतिक प्रस्ताव भी पारित हुए. आजादी के बाद विपक्षी दलों द्वारा जनजाति समाज के हितों को नजरअंदाज किये जाने पर चिंता जतायी गयी. मोदी सरकार में गांव गांव में आते बदलावों का उल्लेख किया गया. एक खुले सत्र का आयोजन भी हुआ जिसमें अलग अलग राज्यों में जनजाति वर्ग की समस्याओं पर चर्चा रही. उसके समाधान पर भी बात हुई.

गांव गांव जाकर एसटी समाज के उत्थान के लिये किये जाने वाले प्रयासों पर भी कार्यसमिति सदस्यों ने राय रखी. रविवार को सत्र के अंतिम दिन ऐसे महापुरुषों के योगदान को याद किया गया जिन्होंने देश और समाज हित में विशिष्ट प्रयास किये. इनमें भगवान बिरसा मुंडा सहित कई अन्य की जीवनी, उपलब्धियों पर विस्तृत चर्चा रही. सत्र का समापन संगठन महामंत्री बी एल संतोष ने किया.

ट्राइबल कमिशन के जरिये एसटी क्लास के लोगों को कई तरह के हक, लाभ मिल सकते हैं. विचार हुआ कि जनजातीय समाज को इसके बारे में और अधिक जागरुक करने का अभियान चले. ट्राइफेड, वन धन के जरिये भी जनजाति भाई बंधुओं को अवेयर किया जाये ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके.

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