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पीएम मोदी की रैली के लिए मैदान नहीं मिल रहे भाजपा को, आसनसोल-बोलपुर की  रैली  कैसे करेंगे मोदी,  कोर्ट जाने को तैयार भाजपा 

 पश्चिम बंगाल में भाजपा और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस  में अदावत  लगातार बढ़ती जा रही है.  एक ओर जहां भाजपा अपनी जड़ें जमाने के लिए जी जान से लगी हुई है, वहीं ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस भाजपा को रोकने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती.

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Kolkata :  पश्चिम बंगाल में भाजपा और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस  में अदावत  लगातार बढ़ती जा रही है.  एक ओर जहां भाजपा अपनी जड़ें जमाने के लिए जी जान से लगी हुई है, वहीं ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस भाजपा को रोकने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. आरोप है कि  ममता के बंगाल में  चुनावी रैली करने के लिए भाजपा को जमीन तक नहीं मिल रही है.  यहां तक कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसका खमियाजा भुगत रहे हैं. खबर है कि पीएम की दो रैलियों पर संकट के बादल मंडरा रहे है. कारण है कि अब तक रैली के लिए मैदान उपलब्‍ध नहीं हुआ हे.

जान लें कि मोदी की बंगाल में दो रैलियां 23 और 24 अप्रैल को हैं.  मोदी 23 अप्रैल को आसनसोल में अपने मौजूदा सांसद एवं उम्मीदवार बाबुल सुप्रियो और 24 अप्रैल को बोलपुर में अपने उम्मीदवार राम प्रसाद दास के समर्थन में रैली करने वाले हैं.  रैली होने में बहुत कम समय रह गया है, लेकिन अभी तक भाजपा को रैली के लिए ग्राउंड नहीं मिल पाये हैं.  ऐसे में भाजपा ओर तृणमूल के बीच खुन्‍नस और बढ़ गयी है.  बता दें कि चुनाव प्रचार के लिए मोदी की बंगाल में लगभग 16 रैलियों की योजना है.

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 आसनसोल का पोलो ग्राउंड नहीं मिलेगा

प्रधानमंत्री मोदी ने 2016 में आसनसोल के पोलो ग्राउंड में रैली की थी.  भाजपा ने एक बार फिर इसी ग्राउंड के लिए पोलो ग्राउंड कमेटी के समक्ष आवेदन किया था, लेकिन अब कहा जा रहा है कि उस दिन यह मैदान खाली नहीं है.  इस कमेटी के चेयरमैन तथा आसनसोल नगर निगम के मेयर जीतेंद्र कुमार तिवारी ने कहा है कि यह आसनसोल पोलो ग्राउंड 20 से 26 अप्रैल तक बुक है.  ऐसे में 23 तारीख को पीएम की रैली के लिए इसे देना संभव नहीं होगा.  हालांकि भाजपा का कहना है कि इसके लिए उसने पहले ही आवेदन किया था, लेकिन उस समय ऐसा कुछ नहीं कहा गया और अब इसे लगातार सात दिन तक तृणमूल के लिए बुक बताया जा रहा है.

बता दें कि इस सीट पर 29 अप्रैल को मतदान होना है.  भाजपा के पश्चिम बर्दवान जिला अध्यक्ष लखन घोरुई का कहना है कि यह सब तृणमूल कांग्रेस जानबूझकर कर रही है.  प्रधानमंत्री तक को रैली करने के लिए ग्राउंड नहीं दिया जा रहा है. ऐसे में वह कोर्ट का दरवाजा खटखटायेंगे.

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बोलपुर का डाक बंगला ग्राउंड खाली नहीं

24 अप्रैल को बोलपुर में  होने वाली प्रधानमंत्री मोदी की रैली भी मुश्किल में फंस गयी है.  बोलपुर का डाक बंगला ग्राउंड खाली नहीं है. यह ग्राउंड बीरभूम जिला परिषद के अंतर्गत आता है, जो कि तृणमूल कांग्रेस के हाथ में है.  उस दिन ग्राउंड भाजपा के बदले माकपा को रैली के लिए दे दिया गया है.  यहां 24 अप्रैल को माकपा नेता सूर्यकांत मिश्र रैली करने जा रहे हैं.  इसे लेकर भाजपा खेमे में नाराजगी है. इस सबंध में  भाजपा के बीरभूम जिला अध्यक्ष राम कृष्ण राय ने कहा है कि प्रधानमंत्री की रैली न होने देने के लिए ही तृणमूल ने इसे माकपा को दे दिया है.

इस संबंध में तृणमूल नेता अणुव्रत मंडल का कहना है कि माकपा की रैली के लिए पहले ही ग्राउंड दे दिया गया था,  तो पीएम मोदी की रैली के लिए उसे कैसे दिया जा सकता है? हालांकि, भाजपा का दावा है कि उसने पहले ही आवेदन किया था, लेकिन अब उसे बताया जा रहा है कि ग्राउंड माकपा को दिया गया है.  यह भाजपा को रोकने के लिए किया जा रहा है. बता दें कि अभी हाल ही में तीनअप्रैल को मोदी ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान एवं सिलीगुड़ी में रैली की थी.  सिलीगुड़ी में मोदी की कावाखाली मैदान में रैली होनेवाली थी, लेकिन ऐन वक्त पर इसमें बदलाव कर दिया गया था.

बाद में उन्हें जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन के निकट भारतीय रेल के मैदान में रैली करनी पड़ी थी.  इसके अलावा 2 फरवरी को मोदी की उत्तर 24 परगना जिले में जो रैली थी, उसमें गड़बड़ी फैलने और भगदड़ मचने से उन्हें 14 मिनट में ही अपना भाषण खत्म कर देना पड़ा था.

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