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मुआवजे के लिए लातेहार DC के समक्ष प्रदर्शन के लिए जा रहे भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव चंदवा में गिरफ्तार

मुआवजे देने के लिए विभाग ने लिखा पत्र

Ranchi: लातेहार डीसी के समक्ष शांतिपूर्वक धरना देने जा रहे भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव और उनके समर्थकों को लातेहार पुलिस ने चंदवा के पास हिरासत में ले लिया है. प्रतुल शाहदेव को हिरासत में लेकर आईबी चंदवा में रखा गया है. ज्ञातव्य हो कि चंदवा के अनिल गंझू की दो बेटियों की मौत फूड प्वाइजनिंग से 15 दिन पूर्व हुई थी. उसी समय मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने ₹ 50,000 मुआवजा देने की घोषणा की थी, लेकिन मुआवजा 15 दिन बाद भी नहीं मिला. इसी वादाखिलाफी के खिलाफ प्रतुल शाहदेव आज अपने समर्थकों के साथ दी DC लातेहार के कार्यालय के समक्ष धरना देने जा रहे थे.

 

दो सप्ताह पहले चंदवा (लातेहार) से सटे परसही गांव निवासी अनिल गंझू की दूसरी बेटी आराध्या कुमारी की भी मौत फुड प्वाइजनिंग से हो गयी थी. इससे तीन दिन पहले ही पैकेट बंद रिंग्स कुरकुरे व महाराजा मिक्सचर खाने से अनिल की एक बेटी मिस्टी कुमारी (दो वर्ष) की भी मौत हो गयी थी. जिस दिन आराध्या की मौत हुई, उस दिन मेदिनीनगर से लौट रहे श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने परसही गांव पहुंच कर पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपए सहायता राशि देने की बात कही. फूड पैकेट से मौत मामले की जांच किये जाने की बात कही. साथ ही दोषी लोगों पर हर संभव कार्रवाई का आश्वासन दिया. इस मामले पर अब हंगामा शुरू हो गया है.

 

नहीं मिला एक भी ढ़ेला

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भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव के मुताबिक अनिल गंझू एक भूमिहीन, गरीब, बेरोजगार ग्रामीण है. उसे न्याय दिलाने को वे लातेहार मार्च पर थे पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. अनिल गंझू की दो बेटियों की मौत फ़ूड पॉइजनिंग से 15 दिन पहले हो गई थी. मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने 50000 रुपये का मुआवजा 24 घंटे में देने का ऐलान 15 दिन पूर्व किया था. अभी तक एक भी ढेला अनिल को नहीं मिला है. अब अनिल गंझू को न्याय दिलाने तक वे प्रयास जारी रखेंगे.

 

MDLM
Sanjeevani

क्या है मामला

गौरतलब है कि 6 जून को पैकेट बंद रिंग्स कुरकुरे व महाराजा मिक्सचर खाने से परसही गांव में कुछ बच्चे फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गये थे. अनिल गंझू की दोनों बच्चियों आराध्या कुमारी और मिस्टी कुमारी की जान चली गयी थी. गांव के ही महेंद्र गंझू की पुत्री रितिका कुमारी एवं श्वेता कुमारी की स्थिति भी खराब हो गयी थी. हालांकि इलाज के बाद परिजन दोनों बच्ची को लेकर रिम्स से वापस घर लौट गए थे. उधर, सत्यानंद भोक्ता ने अनिल के परिजनों को मुआवजा और अन्य मदद की घोषणा की थी. अनुमंडल पदाधिकारी शेखर कुमार ने दोनों मृत बच्चे के दादा गोपी गंझू से मिलकर हर संभव मदद का आश्वासन दिया था. इसके अलावा पीड़ित परिवार को आवास योजना एवं पेंशन का लाभ दिलाने की बात भी कही थी. अधिकारी ने सिंघल स्टोर, विवेक किराना स्टोर एवं जगतपाल स्टोर का निरीक्षण भी किया था. पर इसके बाद से इस मामले में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है. प्रतुल इसे लेकर ही विरोध जता रहे हैं.

 

मुआवजा देने का रास्ता साफ

फूड प्वाइजनिंग से जान गंवाने वाली दो बच्चियों आराध्या कुमारी और मिस्टी कुमारी के परिजन को मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हो गया है. श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विभाग के मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने इस दिशा में विशेष पहल की है. उनकी पहल पर विवेकाधीन कोटे से आराध्या और मिस्टी (परसही गांव, चंदवा, पिता- अनिल गंझू) के परिजन के लिये कुल डेढ़ लाख रुपये जल्द ही रिलीज होने की उम्मीद है. श्रम, नियोजन विभाग ने इस संबंध में महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), झारखंड को भी 22 जून को सूचित कर दिया है. एजी को लिखे पत्र के मुताबिक मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग, झारखंड के संकल्प संख्या 1030, दिनांक-12.-8.206 में निहित आदेश के आलोक में इसे स्वीकृति दी गयी है. इस राशि के संबंध में विभागीय मंत्री का अनुमोदन भी प्राप्त है.

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