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धर्मांतरण मामले में विदेशी फंडिंग पर सीआईडी की रिपोर्ट आने के बाद भाजपा ने की इंटरपोल जांच की मांग

सीआईडी रिपोर्ट में साबित हुआ कि विदेशी फंडिंग का धर्मांतरण के लिए दुरूपयोग हुआ, अब इंटरपोल से जांच कराये सरकार: प्रतुल शाहदेव

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Ranchi: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सीआईडी की विदेश से धन प्राप्त करने वाले एनजीओ की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट ने यह सिद्ध कर दिया है कि भाजपा ईसाई मिशनरी संगठनों पर विदेशी फंड के दुरुपयोग का जो आरोप लगाती थी वह सही था. उन्‍होंने कहा कि अब यह बिल्कुल स्पष्ट हो गया है कि इस जांच से परेशान होकर बड़े-बड़े ईसाई धर्म गुरुओं ने जांच को प्रभावित करने के लिए बड़े-बड़े बयान दिये थे. आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो और बिशप मॉस्करहन्स ने भी इस जांच को राजनीति से प्रेरित बताया था. लेकिन, अब जांच रिपोर्ट आने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है की विदेशी सहायता प्राप्त करने वाले एनजीओ ने जमकर पैसे का दुरुपयोग धर्मांतरण के लिए किया है.

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विदेशी फंड पर्सनल अकांउट और म्‍यूयुअल फंड में निवेश हुए

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि ऐसी खबरें आ रही हैं कि विदेशों से मिली सहायता राशि को पर्सनल अकाउंट और म्यूचुअल फंड में निवेश किया गया है. ऐसी भी खबर हैं की बड़े पैमाने पर विदेशी फंडिंग का एक धर्म विशेष के प्रचार-प्रसार में खर्च किया गया है. उन्‍होंने कहा कि कुछ मामलों में तो धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्तियों के पर्सनल अकाउंट में भी पैसा जमा किये जाने की सूचना है. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी शुरू से कहती थी कि धर्मांतरण में लिप्त शक्तियां समाज सेवा के नाम पर मिलने वाले विदेशी फण्ड का दुरुपयोग करती हैं और यह फंड डाइवर्ट होकर धर्मांतरण में लिफ्ट शक्तियां एवं राष्ट्र विरोधी शक्तियां पास भी पहुंचता है.

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अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश करने के लिए इंटरपोल से जांच कराये राज्‍य सरकार

प्रतुल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राज्य सरकार से आग्रह करती है कि इस मामले में जांच में ना सिर्फ सीबीआई की मदद ली जाए बल्कि इंटरपोल की मदद की भी आवश्यकता है. इस पूरे रैकेट के तार विदेशों से जुड़े हैं. उन्‍होंने मांग करते हुए कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश करने के लिए सीबीआई के साथ इंटरपोल की मदद की आवश्यकता है और राज्य सरकार को इसके लिए शीघ्र पहल करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इस जांच के दायरे में उन सभी संस्थाओं और उन सभी लोगों को भी लाना चाहिए जिन्होंने सीआईडी जांच में हस्तक्षेप करने की कोशिश की थी. श्री शाहदेव ने कहा कि ऐसे व्यक्तियों और संस्थाओं को पता था कि इस जांच रिपोर्ट से क्या जिन्न निकलने वाला है. इसलिए उन्होंने हर एक कदम पर सीआईडी की जांच का विरोध किया था।

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