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भाजपा ने विधानसभा भवन में नमाज कक्ष आवंटन की वैधानिकता पर उठाया सवाल, कहा-फैसला वापस ले सरकार

Ranchi : भाजपा ने झारखंड विधानसभा में नमाज कक्ष आवंटन के फैसले की वैधानिकता पर सवाल उठाये हैं. प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश सहित पार्टी सांसदों और वरिष्ठ नेताओं ने सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है. जगन्नाथपुर मंदिर, रांची के पास उपस्थित हजारों कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद सुदर्शन भगत ने कहा कि स्पीकर को अपने फैसले की समीक्षा करनी चाहिए. यह पूरी तरह से असंवैधानिक फैसला है.

अगर धर्मों के प्रति आदर ही दिखाना हो तो सभी धर्मावलंबियों के हिसाब से विधानसभा परिसर में स्थान निर्धारण करें. धर्म विशेष के प्रति अनुराग दिखाना इसकी वैधानिकता पर सवाल खड़ा करता है.

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दीपक प्रकाश ने भी कहा कि हेमंत सरकार तुष्टिकरण की राजनीति पर उतर आयी है. नमाज आवंटन के लिए स्थान आरक्षित करने के फैसले का विरोध इसके वापस होने तक जारी रहेगा. विधानसभा घेराव में पार्टी कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसाने से उनमें घबराहट नहीं है. उल्टे संघर्ष से वे निखरेंगे.

कार्यकर्ताओं को पूर्व सीएम रघुवर दास, सांसद पीएन सिंह, संजय सेठ, सुनील सोरेन, पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल, रांची मेयर डॉ आशा लकड़ा सहित अन्य कई प्रमुख नेताओं ने भी संबोधित किया. राज्य सरकार की नीयत, फैसले पर सवाल उठाये.

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हेमंत ने ताक पर रखी संविधान की मर्यादा

पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास झारखंड विधानसभा परिसर में अनशन पर बैठे. कहा कि तुष्टिकरण के लिए हेमंत सरकार ने संविधान की मर्यादा को भी ताक पर रख दिया है. संवैधानिक मूल्यों और परंपराओं से भी उसे कोई मतलब नहीं है. सरकार में शामिल कांग्रेस का एक विधायक तालिबान का खुल कर समर्थन करता है तो इससे सरकार की विचारधारा का पता लगता है.

ऐसी ही घटनाओं से तुष्टिकरण को बढ़ावा मिल रहा है. वोट बैंक की राजनीति करते हुए सरकार ने संविधान के पंथ निरपेक्ष मूल्यों को कलंकित कर दिया है. यह बिलकुल अनुचित कदम है.

इसके अलावा नियोजन नीति में हिंदी को बाहर व उर्दू को अंदर रखा गया है. यह भी वोट बैंक की राजनीति का ही नतीजा है. इसका भाजपा पुरजोर विरोध करेगी.

हेमंत सरकार ने सत्ता संभालते ही तुष्टिकरण की राजनीति शुरू कर दी. लोहरदगा दंगा, हजारीबाग में सड़क पर नमाज पढ़ने जैसे मामले उदाहरण हैं. झारखंड में मंदिरों को छोड़कर सब कुछ खुल गया है.

कोरोना के दौरान हिंदपीढ़ी में पुलिस असहाय दिखी. जमशेदपुर में एक फल विक्रेता द्वारा हिंदू लिख देने भर से उस पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया. वोट बैंक की राजनीति के लिए हेमंत सरकार गिरती जा रही है.

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राष्ट्रवादी पार्टी को लाठी का डर नहीं

संजय सेठ ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता राष्ट्रवादी हैं. अंग्रेजों की गोलियां जिन्हें नहीं डरा सकीं, हम सब उनके वंशज हैं. लाठी हमें डरा नहीं सकती.

अंग्रेजी हुकूमत को हिला डालनेवाले भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, तिलका मांझी, शेख भिखारी, फुलो-झानो आदि जैसे महान लोगों के वंशजों को रोम से चलनेवाली सरकार डरा नहीं सकती. राज्य सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार करे.

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पारस अस्पताल गये पार्टी नेता

सांसद संजय सेठ, विधायक नवीन जायसवाल सहित पार्टी के कई प्रमुख नेता पारस अस्पताल, धुर्वा भी गये. वहां उन्होंने पुलिस द्वारा किये गये लाठीचार्ज में घायल नेताओं, कार्यकर्ताओं का हाल चाल लिया.

डॉक्टरों से उनके लिए समुचित इलाज किये जाने का आग्रह किया. घायलों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि उनके शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी हेमंत सरकार के लिए गहरा जख्म साबित होगी.

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