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गोडसे महान, बैट से पीटा, मीडिया की औकात क्या, खून बहा देंगे और भाजपा खेल रही नोटिस-नोटिस

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Surjit Singh

भाजपा के एक पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह ने भोपाल में एक प्रदर्शन के दौरान कहा कि वह खून होगा कमलनाथ (मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री) का.

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विधानसभा के बाहर प्रदर्शन के दौरान जब लोगों ने कहा कि खून बहेगा सड़कों पर, तब पूर्व विधायक ने कहाः और वह खून होगा कमलनाथ का.

सुरेंद्र सिंह के इस खून बहेगा कमलनाथ का वाला वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा नेतृत्व ने उन्हें नोटिस दिया है. सुरेंद्र सिंह भाजपा के पहले नेता नहीं हैं. जिनकी वजहों से भाजपा को परेशानी हुई है.

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हालांकि अब तक किसी के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई की सूचना सार्वजनिक नहीं है. सुरेंद्रनाथ सिंह के मामले में भी हमेशा की तरह भाजपा ने उन्हें नोटिस जारी किया है.

क्या भाजपा के नेताओं-कार्यकर्ताओं को नोटिस से कोई फर्क पड़ता है. उनके लिये नोटिस का कोई मतलब भी है. नोटिस की परवाह भी है. अगर होती, तो शायद सुरेंद्रनाथ सिंह का यह बयान सामने नहीं आता.

इससे पहले चुनाव के दौरान प्रज्ञा भारती सिंह ने कहा कि गोडसे महान थे. उनके इस बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाः वह प्रज्ञा को कभी दिल से माफ नहीं कर पायेंगे.

भाजपा ने प्रज्ञा सिंह भारती को नोटिस जारी किया. साध्वी प्रज्ञा ने क्या जवाब दिया, कोई नहीं जानता. पर उन्होंने लोकसभा में शपथ ग्रहण के दौरान पिता की जगह गुरु का नाम लिया.

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इंदौर में विधायक आकाश विजयवर्गीय ने वहां के नगर निगम के अधिकारी को बैट से पीटा. भाजपा ने उन्हें भी नोटिस जारी किया. पर क्या हुआ. आकाश ने क्या जवाब भेजा कोई नहीं जानता. अब तक कोई कार्रवाई भी नहीं हुई है.

आकाश के पिता कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से औकात पूछी. भाजपा ने चुप्पी साध ली. क्या इस हालात में आप उम्मीद कर सकते हैं कि भाजपा के नेता अब भविष्य में इस तरह के खून बहाने वाले बयान देने से बाज आयेंगे. शायद नहीं.

क्योंकि पिछले पांच-छह सालों में भाजपा और उसके नेता-कार्यकर्ता बदल गये हैं. महत्वपूर्ण पदों पर बैठे भाजपा नेता भी निजी आरोप लगाते वक्त मर्यादा को रौंदते रहते हैं.

दुर्भाग्य से भाजपा का शीर्ष नेतृत्व ऐसे नेताओं को सजा देने के बदले प्रोन्नति देते रहा.  यही कारण है कि अब भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के लिये उनके नेता ही परेशानी बनते जा रहे हैं. हालांकि अभी यह अच्छा लग रहा है.

क्योंकि इससे जनता खुश हो रही है और भाजपा को वोट कर रही है. भाजपा सब जगह जीत भी रही है. पर, अगर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इस समस्या का जल्द हल नहीं निकाला, तो जल्द ही वोट देने वाली जनता, सत्ता से सड़क पर लाने में देर नहीं लगायेगी.

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