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बीजेपी सांसदों ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से कहा : झारखंड में नहीं मिलती 10 घंटे भी बिजली, केंद्रीय मंत्री ने कहा- CM से करूंगा बात

सीएम ने कहा था "2018 तक हर गांव में बिजली नहीं आयी तो मुझे वोट मत देना"

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Akshay Kumar Jha
Kolkata : झारखंड के सभी गांवों में बिजली पहुंच गयी है. हर गांव दुधिया रोशनी से नहा रहा है. शहर में 24 घंटे और गांवों में 22 घंटे बिजली मिल रही है. ऐसे दावों के अलावा सीएम का वो बयान कि अगर 2018 तक हर गांव में बिजली नहीं आयी तो मुझे वोट मत देना. इन सारी बातों को और कोई नहीं बल्कि झारखंड के बीजेपी सांसद ही झुठला रहे हैं. वो भी और किसी के सामने नहीं बल्कि केंद्र की बीजेपी सरकार के ऊर्जा राज्यमंत्री के सामने. मौका भी कोई ऐरा-गैरा नहीं बल्कि डीवीसी की समीक्षा बैठक का था. समीक्षा बैठक के दौरान एक ऐसा वाक्या हुआ, जिसका जानना झारखंड के लोगों को जरूरी है. क्योंकि बिजली से हर आम जन का सरोकार है.

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स्थान : डीवीसी मुख्यालय कोलकाता
दिन : शनिवार, 7 जुलाई, 2018
समय : दोपहर 12 से 1.30 के बीच

डीवीसी की समीक्षा बैठक चल रही थी. केन्द्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आरके सिंह समीक्षा कर रहे थे. बैठक में झारखंड के तीन सांसद धनबाद से पीएन सिंह, गिरिडीह से रवींद्र पांडे और चतरा से सुनिल सिंह मौजूद थे उनके साथ झारखंड के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय भी वहां उपस्थित थे. यूं तो बैठक काफी गंभीरता से चल रही थी. लेकिन तभी बातों-बातों में सांसद पीएन सिंह ने कहा- मंत्रीजी डीवीसी को कहिए ना कि मेरे इलाके में मुकम्मल बिजली तो दिया करें. मुश्किल से 10-12 घंटे ही बिजली रहती है. मंत्री चौंके… उन्होंने चतरा सांसद सुनिल सिंह से बिजली का हाल पूछा, कहा क्यों सुनिल जी… ऐसा है क्या? सासंद सुनिल सिंह मुस्कुराए…और फिर बड़ी गंभीरता से बोले धनबाद सांसद पीएन सिंह ने तो 10-12 घंटे कह दिया तो हम कुछ नहीं बोले.. हमारे यहां तो बिजली रहती ही नहीं… दर्जनों गांवों में विद्युतीकरण ही नहीं हुआ है. जहां हुआ है, वहां बिजली का हाल काफी बुरा है.

सुनिल सिंह की इन बातों के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री की परेशानी साफ दिख रही थी. मंत्री ने बैठक में उपस्थित राज्य के ऊर्जा सचिव नितिन कुलकर्णी से मामले के बारे पूछा. तो उन्होंने बताया कि आज-कल आंधी पानी की वजह से दिक्कत आ रही है. केंद्रीय मंत्री ने सिर हिलाया और कहा कि गांवों में 20 घंटे और शहर में 24 घंटे बिजली मिले यह इंश्योर कीजिए. मैं खुद सीएम से बात करूंगा.

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दरअसल कुछ महीने पहले राज्य की समीक्षा बैठक में भाग लेने झारखंड आये केंद्रीय राज्यमंत्री आरके सिंह को बताया गया था कि यहां शहर से गांव तक 20 से 22 घंटे बिजली मिलती है. इस बैठक से पहले तक वो शायद मुगालते में रहे होंगे कि झारखंड में 20-22 घंटा बिजली मिलती हो. जबकि रांची में आहूत बैठक के बाद मंत्री सरयू राय दिल्ली किसी काम से गए थे तो उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री से कहा था कि बिजली का हाल जानना है तो राज्य के जनप्रतिनिधियों से बात कर हकीकत की जानकारी लें. लेकिन उस वक्त मंत्री आरके सिंह ने सरयू राय की बात को गंभीरता से नहीं लिया था. बैठक के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री को ये भी जानकारी दी गयी कि डीवीसी का झारखंड पर तीन हजार करोड़ से अधिक बकाया है. तो उन्होंने फौरन राज्य के ऊर्जा सचिव को बकाया भुगतान करने का निर्देश दिया.

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