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BJP सांसद तेजस्वी सूर्या का ऐलान, धर्मांतरण करने वालों को हिंदू धर्म में लाया जाये वापस

भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा सभी मठों और मंदिरों का होना चाहिए वार्षिक लक्ष्य

Ranchi : कर्नाटक से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने रविवार को कहा कि जिन मुसलमानों या ईसाइयों ने धर्म परिवर्तन किया है, उन्हें वापस हिंदू धर्म में लाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक पुन: रूपांतरण को पूरा करने के लिए सभी मठों और मंदिरों का वार्षिक लक्ष्य होना चाहिए.

श्रीकृष्ण मठ में एक समापन समारोह में भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूर्या ने कहा कि ऐसे लोग हैं जो हिंदू धर्म के थे लेकिन इस्लाम या ईसाई धर्म में परिवर्तित हो गए.

इन लोगों को वापस हिंदू धर्म में लाना हमारा कर्तव्य है. साथ ही, पाकिस्तान में जिन हिंदुओं को इस्लाम में परिवर्तित किया गया था, उन्हें वापस अपने धर्म लाया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि लोगों को हिंदू धर्म में वापस लाने के लिए सभी मठों और मंदिरों का वार्षिक लक्ष्य होना चाहिए. उदाहरण के लिए, ऐसे लोग थे जिन्हें टीपू सुल्तान के कारण धर्म परिवर्तन से गुजरना पड़ा था. इसलिए जरूरी है कि इन लोगों को वापस हिंदू धर्म में लाया जाए. यही एकमात्र तरीका है जिससे पुनर्जागरण हो सकता है.

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Sanjeevani

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कर्नाटक में पास हुआ है धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार विधेयक

सूर्या के बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार विधेयक, 2021 का बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है, जिसे विधानसभा में पारित किया गया है. विधेयक गलत पहचान, बल, धोखाधड़ी, प्रलोभन या विवाह द्वारा एक धर्म से दूसरे धर्म में धर्मांतरण को प्रतिबंधित करता है.

सूर्या ने आगे कहा कि हमारे अपने भाइयों ने हिंदू धर्म से धर्मांतरण किया है जो सहिष्णु, वैज्ञानिक, प्रगतिशील और दूरदर्शी है. यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन्हें उनके मूल विश्वास में वापस लाएं.

सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सूर्या ने यह कहते हुए विवाद खड़ा कर दिया था कि केवल अशिक्षित, अनपढ़ और पंचर-वाला अधिनियम का विरोध कर रहे हैं.

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एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती क्यों नहीं

सूर्या ने आगे कहा कि कई मुस्लिम युवा थे जो टीपू जयंती मनाना चाहते थे. इनमें से किसी ने भी एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती क्यों नहीं मनाई? कलाम ने मठों का दौरा किया था और हिंदू भक्ति संगीत बजाया था. एक सच्चे मुसलमान के लिए इसे स्वीकार करना मुश्किल होगा.

सूर्या ने आगे कहा कि एक समय था जब लोग सोचते थे कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करना और राम मंदिर का निर्माण असंभव था लेकिन ये आज की वास्तविकता है.

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