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भाजपा विधायक भानू प्रताप शाही का हेमंत सरकार पर हमला, कहा- महागठबंधन की सरकार में बहू-बेटियां सुरक्षित नहीं

Garhwa. गढ़वा के भवनाथपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक भानू प्रताप शाही ने राज्य के कथित तौर पर बिगड़ी कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि इसका उदाहरण गढ़वा जिले में हाल के दिनों में हुई आदिवासी और अनुसूचित जाति की बेटियों के इज्जत के साथ खेलने की घटनाएं हैं.

विधायक ने कहा कि प्रदेश में जब से हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झामुमो की अगुवाई वाली महागठबंधन की सरकार बनी है, तब से प्रदेश में कानून व्यवस्था की हालत दिन प्रतिदिन बदतर होती गई है.

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प्रदेश में हमारी दलित, आदिवासी और पिछड़ी जाति की बहन बेटियों की आबरू सुरक्षित नहीं है. येसा प्रतीत होता है की एक खास समुदाय जिसे वर्तमान सरकार और प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है, उस समुदाय के लोग नंगा नाच कर रहे हैं. बहू-बेटियों की आबरू के साथ खेल रहे हैं. सरकार के मंत्री और अफसर वैसे लोगों को बचा रहे हैं.

चार माह में हुई तीन घटनाएं
पिछले 4 माह के भीतर गढ़वा जिले की घटित तीन घटनाओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है. खुद को आदिवासियों की हितैषी बताने वाली हेमंत सरकार में आदिवासी, दलित और पिछड़ी जाति की नाबालिग लड़कियों की आबरू सुरक्षित नहीं है.

गढ़वा जिले की तीन घटनाओं ने यह भी साबित किया है कि हेमंत सरकार के गठन के बाद सरकार द्वारा संरक्षित एक खास समुदाय के लोगों का आतंक तेजी से बढ़ गया है. गैंगरेप और छेड़खानी के तीनों मामलों में इसी खास समुदाय के लोगों की संलिप्तता रही है.

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2 मार्च को दलित नाबालिग लड़की बनी निशाना
गढ़वा जिले के मेराल थानांतर्गत 2 मार्च 2020, एक दलित नाबालिग के साथ गैंगरेप हुआ. गांव के दो युवकों ने दुपट्टे से उसका मुंह बंद किया और अरहर के खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. इसके बाद सभी उसे जान से मारने का प्रयास करने लगे.

इसी दौरान उसका ममेरा भाई वहां पहुंचा और शोर मचाना शुरू कर दिया. इस पर दोनों युवकों ने उसके भाई के साथ भी मारपीट की. बाद पीड़िता ने दोनों युवकों पर नामजद केस किया. इसके बावजूद उसके ममेरे भाई को ही राजनीतिक दबाव में रेप के आरोप में पुलिस ने जेल भेज दिया. गैंगरेप आरोपी खुलेआम घूमते रहे.

23 जुलाई को हुई छेड़छाड़ की घटना
गत 23 जुलाई 2020 को गढ़वा सदर थाने के अंतर्गत पिछड़ी जाति की नाबालिग लड़की जो अपने भाई के साथ ट्यूशन पढ़ने जा रही थी. उसी दौरान कुछ युवकों ने उसपर अश्लील टिप्पणी करते हुए उसका मजाक उड़ाया. यह देख उसके साथ जा रहे भाई ने विरोध जताया.

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उसपर उन लोगों ने गालियां देते हुए उसके साथ मारपीट करने लगे. यह देख जब वह भाई को बचाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उसका दुपट्टा खींचकर फेंक दिया. आरोपियों ने कहा कि अब तुम जवान हो गई हो. हम सब मिलकर तुम्हारे साथ रेप पार्टी मनाएंगे. उस मामले में लड़की के परिवार को दबाव डाला जा रहा है.

29 जुलाई को यूपी की दो नाबालिग आदिवासी छात्रों से गैंगरेप
गत 29 जुलाई 2020, नगर उटारी में यूपी की एक आदिवासी और एक पिछड़ी जाति की नाबालिग लड़कियों के साथ गैंगरेप की शर्मनाक घटना घटी है. यूपी की दो लड़कियां अलग-अलग मोटरसाइकिल से दो रिश्तेदारों के साथ नगर उटारी से यूपी स्थित अपने गांव लौट रही थी.

नगर उटारी के बराईटांड जंगल में उनका पीछा करते हुए पहुंचे दरिंदों ने लड़कियों से गैंगरेप किया. इस कांड में लड़की का मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को नहीं मिला है. सरकार के कुछ लोग रेप के आरोपी को बचाने के लिए हर हथकंडे अपना रहे हैं. सरकार और प्रशासन चेत जाए और इस तरह के जघन्य अपराध पर अंकुश लगाए और इसके दोषियों को बचाना बंद करे अन्यथा वे चुप नहीं बैठेंगे.

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