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पलामू: सांसद वीडी राम के खिलाफ बीजेपी नेताओं की चिट्ठी सार्वजनिक, अंदरूनी कलह आया सामने

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Palamu: भारतीय जनता पार्टी में सीटों को लेकर दावेदार अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हुए हैं. अनुशासन का बोध कराने वाली इस पार्टी के संभावित उम्मीदवार अपनी स्थिति पक्की करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. ऐसी स्थिति सामने आने पर पार्टी की अनुशासनहीनता सामने आ गयी है.

ताजा मामला पलामू के सांसद वीडी राम को लेकर चर्चा में है. सांसद के खिलाफ पार्टी नेताओं की एक चिट्ठी सार्वजनिक हुई है. जिसके बाद बवाल मच गया है. हांलाकि पार्टी नेता इस चिट्ठी को फर्जी बता रहे हैं. लेकिन पिछले कुछ दिनों में पलामू संसदीय सीट को लेकर तेजी से बदल रहे समीकरण में इस चिट्ठी को पूरी तरह फर्जी कहना भी न्यायोचित नहीं होगा.

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क्या लिखा गया है चिट्ठी में?

दरअसल, पार्टी के अंदर चल रहे विरोधाभाष इस चिट्ठी के सार्वजनिक हो जाने के बाद सामने आ गये हैं. चिट्ठी को देखने से यह प्रतीत होता है कि पार्टी नेताओं के साथ-साथ कार्यकर्ता भी सांसद वीडी राम से खुश नहीं हैं. चिट्ठी में कहा गया है कि वर्तमान सांसद वीडी राम ने पार्टी के बिना विमर्श के 14 मार्च को रांची में सभी मंडल अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं को बुलाकर अपने पक्ष में टिकट के लिए हस्ताक्षर करवाया है.

पत्र में कहा गया है कि बीडी राम पहले भी संगठन को दरकिनार कर अपने अनुसार कार्य करते थे. पत्र में पलामू लोकसभा सीट से किसी और को प्रत्याशी बनाने की मांग की गयी है. चिट्ठी पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष को लिखी गयी है. इस पर भाजपा के पलामू जिला अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार पांडेय, उपाध्यक्ष शिवदीप सिंह, महामंत्री उपेंद्र नारायण सिंह, विजयानंद पाठक समेत 13 नेताओं के हस्ताक्षर हैं.

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फर्जी है लेटर: जिला अध्यक्ष

भाजपा के पलामू जिला अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार पांडेय ने इस चिट्ठी को फर्जी बताया गया है. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी शुरू से ही अनुशासित रही है. चुनाव के समय ऐसा कार्य कभी नहीं किया जा सकता, जिससे अंदरूनी मामले सामने आ सके. उन्होंने कहा कि ऐसी कोई चिट्ठी झारखंड प्रदेश अध्यक्ष को नहीं लिखी गयी है. उन्होंने कहा कि यह विरोधियों की साजिश है और इससे भाजपा की छवि धूमिल करने की कोशिश की गयी है.

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एससी आयोग के अध्यक्ष शिवधारी राम के ग्रुप से चिट्ठी हुई सार्वजनिक

कथित फर्जी चिट्ठी भाजपा के अनुसूचित आयोग के अध्यक्ष सह भाजपा नेता शिवधारी राम की गतिविधियों की जानकारी देने वाले ग्रुप से वायरल हुई है. शिवधारी राम भी पलामू सीट से टिकट के दावेदार हैं.

मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं: शिवधारी राम

अनुसूचित आयोग के अध्यक्ष सह भाजपा नेता शिवधारी राम ने कहा कि चिट्ठी उनके सोशल मीडिया ग्रुप से वायरल हुई है, लेकिन उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है. वे पार्टी के पुराने कार्यकर्ता रहे हैं. यही वजह है कि उन्हें सरकार ने एससी आयोग का अध्यक्ष बनाया है. पुराने समर्पित कार्यकर्ता होने के कारण वे प्रयास कर रहे हैं कि उन्हें पलामू संसदीय सीट से उम्मीदवार बनाया जाये. इसके लिए पार्टी के वरीय नेताओं से संपर्क में दिल्ली में हैं. उनके ग्रुप में कई लोग जुड़े हुए हैं. अब किसने इस चिट्ठी को वायरल किया, उन्हें इस संबंध में कुछ भी जानकारी नहीं है.

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