West Bengal

शिल्पांचल में अवैध कोयले के धंधा में भाजपा नेता की संलिप्ता, चर्चाओं का बाज़ार गर्म

Asansol. बाजार में कोयले का दाम बढ़ने के कारण उद्योग धंधों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. इसका मुख्य कारण कोयले की कालाबाजारी है. अवैध तरीके से कोयले को कम दाम में बेचे जाने के कारण व्यवसायिक संगठनों को क्षति हो रही है. पश्चिम बर्दवान जिले के कोयलांचल में अवैध कोयले के खनन से करोड़ों रुपए की कमाई हो रही है. अवैध कोयले के खनन की कमाई से कोयला माफिया करोड़ों रुपए की कमाई कर अपनी जेबें भर रहे हैं. इन कोयला माफियाओं के साथ कुछ सफेदपोश चोर भी जुड़े हुए हैं.

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चल रहा अवैध कोयले का व्यापार
इन भ्रष्ट अधिकारियों के कारण ही कोयलांचल में अवैध कोयला का व्यापार फल फूल रहा है. मालूम हो की बीते दिनों भाजपा उपाध्यक्ष सुब्रतो मिश्रा ने इसीएल को पत्र लिखकर कहा था की कोयला का ट्रांसपोर्ट ट्रेन से ना कर सड़क के माध्यम किया जाये. सूत्र बताते हैं की सुब्रतो मिश्रा ही वह कड़ी है जिससे इसीएल के बड़े अधिकारी और कोयला माफिया में सेटिंग होती है. शिल्पांचल में भाजपा पार्टी में अंदरूनी कलह के मुख्य कारण सुब्रतो मिश्रा को कई भाजपा नेता मानते हैं.

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सुब्रतो मिश्रा का संबंध शिल्पांचल के कुछ बड़े कोरोबारी से भी हैं. सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार सुब्रतो मिश्रा का कल्ला स्थित एक बड़े कारोबारी से है जी खुद को समाज सेवक कहता है. ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है की इस गोरखधंदे में भाजपा का जुड़ाव है और भाजपा के ही कुछ नेता इस अवैध कोयला के धंधों को शिल्पांचल में बढ़ावा दे रहे हैं.

कैसे इसीएल को लगाया जा रहा है करोड़ों का चुना
उत्तर प्रदेश कानपुर के यूटिलिटी ब्रेकवाटर प्राइवेट लिमिटेड ने कुनूस्टोरिया कोलियरी क्षेत्र में ईसीएल का एक ई-ऑक्शन करने वाला बिडर है. बिडर के कोयले को सोनाचरण वे ब्रिज पर वजन किया गया. रेक के वजन में संदेह के कारण दोबारा झारखंड के गोमो रेलवे वे ब्रिज पर माल का वजन कराया गया. 25 फरवरी 2020 को रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि वे ब्रिज पर 327 मैट्रिक टन वजन रिकॉर्ड किया गया.

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रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने ओवरलोडिंग के मुद्दे को लेकर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया. इस ओवरलोडिंग को लेकर रेलवे ने 17 लाख रुपए का जुर्माना किया. ईसीएल को 25 लाख रुपये का नुकसान सहना पडा. इस प्रकार की घटनाएं नियमित रूप से घटित हो रही हैं. शिल्पांचल से लोड होने वाली सैकड़ों रैक में से एक दो ही पकड़ में आती हैं.

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कोलियरी मजदूर संगठन के अनुसार इस गोरखधंधे के पीछे ईसीएल के सफेद पोश अधिकारियों की की संलिप्तता हैं. विदित रहे कि बीते दिनों भाजपा नेता ने कोयला मंत्रालय को संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ पत्र लिखा था. जिसमें ईसीएल के सेल्स और मार्केटिंग विभाग में एक कर्मचारी को रिटायर्ड मेंट के बाद भी सलाहकार के पद पर कार्य कर रहे.

बता दें कि यही व्यक्तित्व व्यक्ति है जो पूर्व महाप्रबंधक तथा कोयला दलालों के बीच दलाली का कार्य करता था. जिसमें सीएमडी तक का नाम शामिल है. कोयला दलाल तथा पीसीएल के अधिकारियों के बीच क्या यह दलाल मध्यस्थता का कार्य करता है. कोल इंडिया के मार्केटिंग विभाग की के इस मुद्दे पर ध्यान आकर्षित किया की ईसीएल मुख्यालय के कार्यालय में कई ऐसे अधिकारी कार्यरत हैं जो पिछले 10 वर्षों से इसी प्रकार के कार्य में लिप्त हैं और कोल इंडिया को लाखों का भट्टा लगाने का कार्य कर रहे हैं.

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