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भाजपा नेता ने कहा- हिंदू समुदाय की रक्षा के लिए एसटी-एससी कानून में बदलावों को दी गयी हरी झंडी

Indore: अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में संशोधनों पर केंद्र सरकार का बचाव करते हुए भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने रविवार को दावा किया कि देश और हिंदू समुदाय की रक्षा के लिए इन कानूनी बदलावों को मंजूरी दी गयी. वरिष्ठ भाजपा नेता बाबू सिंह रघुवंशी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इस कानून (अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम) में संशोधन के लिए हमारी सरकार पर कोई दबाव नहीं था. हम देश और हिंदू समाज की रक्षा के लिए यह संशोधित कानून लायें हैं.” उन्होंने दावा किया कि अगर सही समय पर यह संशोधन विधेयक संसद में नहीं लाया जाता, तो “विदेशी ताकतें” देश में हिंसा भड़का सकती थीं. रघुवंशी, मध्यप्रदेश के लघु उद्योग विकास निगम चेयरमैन भी हैं.

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मुख्‍यमंत्री कानून का दुरुपयोग नहीं होने देंगे

एससी-एसटी कानून के दुरुपयोग की शिकायतों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि “आप बताइये कि किस कानून का दुरुपयोग नहीं होता. ऐसे में क्या सारे कानून समाप्त कर दिये जाने चाहिए.” मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एससी-एसटी कानून में बदलावों के खिलाफ अनारक्षित समुदाय का विरोध प्रदर्शन तेज हो रहा है. रघुवंशी ने कहा कि “हम सवर्णों की भावनाओं के साथ हैं. इसलिए हमारे मुख्यमंत्री (शिवराज सिंह चौहान) ने कहा है कि हम इस कानून का दुरुपयोग नहीं होने देंगे.”

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मुस्लिम आरक्षण के खिलाफ सवर्णों को आंदोलन करना चाहिए

यह पूछे जाने पर कि संसद से अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण संशोधन अधिनियम पारित होने के बाद प्रदेश सरकार इस कानून के क्रियान्वयन को लेकर अपने स्तर पर किस तरह प्रशासनिक फैसला कर सकती है, भाजपा नेता ने खुद को कानून का जानकार बताते हुए जवाब दिया कि “मैं एक वकील हूं. सर्कुलर जारी कर इस बात का प्रबंध किया जा सकता है कि किसी निर्दोष को इस कानून के तहत गिरफ्तार नहीं किया जाए.” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सवर्णों का हक मारकर मुस्लिमों को आरक्षण देना चाहती है और इसके लिए वह अपनी राज्य सरकारों के जरिए कोशिश कर रही है. भाजपा नेता ने सलाह दी, कि ‘सवर्णों को इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करना चाहिए कि जो भी पार्टी मुस्लिमों को आरक्षण देने का समर्थन करेगी, वे उस दल का विरोध करेंगे.”

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