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RIMS में पढ़ी डॉ अर्चना शर्मा आत्महत्या मामले में BJP नेता जितेंद्र गोठवाल गिरफ्तार

गिरफ्तार नेता ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को भेजा था ट्रेन का टिकट

Jaipur: राजस्थान के दौसा के लालसोट उपखंड की डॉक्टर अर्चना शर्मा के आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है. डॉ. अर्चना शर्मा की मौत के बाद प्रदेश के चिकित्सा जगत में काफी आक्रोश है और लगातार अर्चना शर्मा की मौत के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. इस मामले में अब बीजेपी नेता जितेंद्र गोठवाल को गिरफ्तार किया है.

रांची के रिम्स में पढ़ चुकी डॉ. अर्चना शर्मा की आत्महत्या के मामले में दौसा जिले में कई जगह निजी अस्पताल संचालकों और उनके स्टाफ की ओर से प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की गई. साथ ही मेडिकल दुकानें भी बंद रही. लालसोट में आमजन भी सड़कों पर उतरे. बाजार बंद करवाए और पुरजोर तरीके से दोषियों के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की.

वहीं, दौसा कलेक्ट्रेट चौराहे पर कुछ देर के लिए जाम भी लगा दिया. इधर मामले की गंभीरता को भांपते हुए सरकार ने जयपुर संभागीय आयुक्त के नेतृत्व में टीम बनायी गयी है जो पूरे प्रकरण की जांच कर सरकार को रिपोर्ट पेश करेगी.

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क्या कहते हैं कलेक्टर

वहीं, दौसा कलेक्टर कमर उल जमान चौधरी ने पूरे प्रकरण को लेकर कहा कि जो भी घटनाक्रम हुआ है. उसको लेकर हमारी संवेदना परिवार के साथ है और जो भी बातें उनके परिवार द्वारा या आई एम ए के पदाधिकारियों द्वारा बताई गई है और जो ज्ञापन दिया गया है उसे सरकार तक भिजवा दिया गया है.

वहीं, पुलिस ने बीजेपी नेता जितेंद्र गोठवाल को गिरफ्तार किया है. गोठवाल को गिरफ्तार करके पुलिस लालसोट लेकर आई है. देर रात गोठवाल को गिरफ्तार पुलिस ने किया है. इस दौरान पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी भी गोठवाल के आवास पहुंचे और पुलिस से गोठवाल को गिरफ्तार करने का आधार मांगा.

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रात में ऐसे हुआ था घटनाक्रम

लालसोट में डॉ. अर्चना की आत्महत्या का मामला में पुलिस बीजेपी नेता जितेंद्र गोठवाल को गिरफ्तार करने पहुंची. देर रात 1:45 बजे पुलिस पहुंची तो बीजेपी के कार्यकर्ता और नेता भी मौके पर जुट गए.

पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी भी गोठवाल के निर्माण नगर स्थित आवास पहुंचे और पुलिस से गोठवाल को गिरफ्तार करने का आधार मांगा. चतुर्वेदी ने कहा कि क्या गोठवाल के खिलाफ कोई FIR दर्ज है? पुलिस ने एफआईआर कॉपी और दूसरे जरुरी दस्तावेज दिखाए. काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने जितेंद्र गोठवाल को गिरफ्तार किया और लालसोट लेकर आई. देर रात पार्टी के कुछ कार्यकर्ता भी पुलिस के साथ लालसोट पहुंच गए.

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आखिर जितेंद्र गोठवाल की गिरफ्तारी क्यों हुई

3 दिन पहले जब लालसोट में डिलीवरी के दौरान प्रसूता की मौत हो गई थी, उसके बाद स्थानीय लोगों ने बीजेपी नेता जितेंद्र गोठवाल को इसकी सूचना दी थी. गांव वालों की सूचना पर गोठवाल मौके पर पहुंचे और धरने में उनके साथ बैठे थे. बाद में गोठवाल ने खुद ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी कि उन्होंने 2 घंटे तक गांव वालों के साथ धरना देकर अस्पताल प्रशासन और पुलिस पर दबाव बनाया. इसी दबाव की वजह से पुलिस में एफ आई आर दर्ज हो सकी.

गोठवाल ने मृतक परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने की बात भी कही. इसके चलते पूरे मामले में गोठवाल की भूमिका मानी जा रही थी. उसी के बाद उनके खिलाफ लालसोट मामले में एफआइआर दर्ज की गई. गोठवाल की भूमिका को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्टर भी वायरल हो रहा था. जिसमें गोठवाल के ट्वीट और अर्चना शर्मा की मौत की बात कहते हुए इसे भाजपाई लोगों की राजनीति बताया गया था.

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जितेंद्र गोठवाल ने किया ट्वीट

बीजेपी नेता जितेंद्र गोठवाल ने ट्वीट कर अपनी गिरफ्तारी को सरकार की तरफ से बदले की भावना की कार्रवाई बताया. राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधायक पुत्र पर लगे सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों के मामले में गोठवाल ने प्रियंका गांधी को ट्रेन का टिकट भेजा था.

गोठवाल ने बयान जारी कर कहा था कि राजस्थान की लड़कियां विधायक और उसके पुत्र के रसूख के आगे लड़ नहीं पा रही. इसके लिए प्रियंका गांधी को राजस्थान आने का न्योता देकर ट्रेन का टिकट भेजा था. गोठवाल ने कहा कि प्रियंका गांधी को ट्रेन का टिकट भेजने का बदला राज्य सरकार ले रही है और इसीलिए गिरफ्तार किया है.
वहीं, इस मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दौसा जिले के एसपी अनिल कुमार को हटाने, लालसोट एसएचओ को निलंबित करने तथा वृत्ताधिकारी को एपीओ करने के निर्देश दिए हैं. संभागीय आयुक्त दिनेश कुमार यादव मामले की प्रशासनिक जांच करेंगे.

गहलोत ने बुधवार शाम को मुख्यमंत्री निवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्देश दिए. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस घटना में महिला चिकित्सक को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों पर मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए.

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