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भाजपा बड़ी है या ढुल्लू ?

Dhanbad: धनबाद के सांसद पशुपतिनाथ सिंह के गढ़ विश्वकर्मा प्रोजेक्ट में जाकर कुछ दिन पहले ही माफिया को ढुल्लू ललकार आए. एआईटीयूसी का वहां झंडा गाड़ा. एआईटीयूसी, सीपीआई का मजदूर संगठन है. यह ढुल्लू का संगठन है. बाघमारा से भाजपा विधायक ढुल्लू महतो का ट्रेड यूनियन. बात अटपटी है तो क्या ढुल्लू संगठन में अपवाद हैं.

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इन पर संगठन का कोई जोर नहीं चलता. बलजोरी ही ढुल्लू की ताकत है. इसके सामने भाजपा में किसी की नहीं चलती ? वह भाजपा में हैं भी और नहीं भी. ऐसा नहीं है कि ढुल्लू ने ही केवल संघ परिवार से संबद्ध भारतीय मजदूर संघ से नाता नहीं रखा है.

Sanjeevani

पूर्व में दिग्गज भाजपा नेता समरेश सिंह ने भी बीएमएस को चुनौती देते अपना मजदूर संगठन खड़ा किया था. ढुल्लू आरंभिक दिनों में उनके ही शागिर्द थे. तब ढुल्लू भाजपा में नहीं थे. वह दौर था, जब ढुल्लू की रंगदारी रंग पकड़ रही थी. उसकी सल्तनत का विस्तार आज की तरह नहीं हुआ था. ऐसे ढुल्लू अकेले नहीं जो भाजपा में हैं पर बीएमएस में नहीं. पहले भाजपा और बीएमएस को एक माना जाता था. बाद के दिनों में यह धारणा टूटी. लिहाजा, एचएमएस से संबद्ध जनता मजदूर संघ के नेता संजीव सिंह हैं जो झरिया से भाजपा विधायक हैं.

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ढुल्लू ने सबको चुनौती दी

ढुल्लू भाजपा के दूसरे नेताओं से कई मामलों में अलग हैं. ढुल्लू ने भाजपा संगठन से अलग अपने आदमी धनबाद और आसपास के क्षेत्र में खड़े कर रखे हैं. विश्वकर्मा प्रोजेक्ट में ढुल्लू ने माफिया को भगाने की बात कही तो उनका इशारा सांसद पीएन सिंह के भतीजा गुड्डू सिंह की ओर था. वहां गुड्डू के लोग कोयला लोडिंग कराते थे. बाद में स्थानीय लोगों ने निरसा के मासस विधायक अरूप चटर्जी को लाकर लोडिंग के काम में अपने हिस्से का दावा कर दिया. इसमें ढुल्लू ने कूदकर विवाद को त्रिकोणीय बना दिया.

फूलचंद के नाको दम किया

ढुल्लू ने सिंदरी के विधायक फूलचंद मंडल के लोगों को सबसे ज्यादा परेशान किया. ढुल्लू के अपने संगठन टाइगर फोर्स से संबंधित धर्मजीत सिंह और फूलचंद के लोगों के बीच एक समय विवाद इतना बढ़ गया कि नौबत मारपीट तक पहुंच गयी. फूलचंद के बेटे और अन्य लोग भी लपेटे में आ गये. आखिर पता नहीं किन हालात में धर्मजीत को सांसद पीएन सिंह की मौजूदगी में भाजपा ज्वाइन कराया गया.

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सुंदर यादव ने सांसद को बुरा-भला कहा

राजद से झाविमो होते हुए भाजपा में आए सुंदर यादव ने कड़े शब्दों में सांसद पीएन सिंह पर अयोग्य होने का आरोप लगाया. खबर अखबार में छपी. भाजपा के जिलाध्यक्ष सांसद पीएन सिंह के खास-म-खास चंद्रशेखर सिंह की अगुवाई में जिला समिति ने सुंदर को पार्टी से निकालने का प्रस्ताव प्रदेश नेतृत्व को भेजा. लेकिन सुंदर के खिलाफ कार्रवाई की कोई सुगबुगाहट नहीं है. शायद इसलिए की वह ढुल्लू के आदमी हैं.

झरिया विधायक को भी दी चुनौती

कई मौके पर झरिया जाकर ढुल्लू महतो ने झरिया विधायक संजीव सिंह को चुनौती दी. जोरापोखर में शहीद शशिकांत पांडेय की प्रतिमा स्थापित करवा कर अपनी ताकत दिखाई. जेएमएस के प्रभाववाले क्षेत्र में अपने लोगों के साथ मीटिंग की.

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रवींद्र पांडेय को क्या कुछ नहीं कहा

गिरिडीह क्षेत्र के सांसद रवींद्र पांडेय को अपमानित करने में ढुल्लू ने कभी कोई कसर छोड़ी ही नहीं. नाटा पांडे कहकर कई तरह के व्यक्तिगत आरोप लगाए. ऐसे आरोप लगाने पर भी ढुल्लू को किसी ने कुछ नहीं बोला.

पार्टी की मीटिंग और कार्यक्रमों में नहीं दिखते ढुल्लू

सिर्फ बड़े नेताओं और पार्टी के बड़े कार्यक्रम में ही ढुल्लू अपने भारी लाव-लश्कर के साथ यदा-कदा दिखते हैं. जबकि पार्टी की आये दिन होनेवाली बैठक और कार्यक्रमों में शिरकत नहीं करते हैं. जिलास्तर पर होनेवाले कार्यक्रमों में भी शायद ही नजर आते हैं. इसके बाद भी ढुल्लू पार्टी और प्रशासन में खास क्यों बने हुए हैं ?  इसे लेकर चर्चाएं रांची सत्ता के गलियारे से पार्टी के शीर्ष तक जाती है.

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