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अडानी,अंबानी और रुइया को लाभ पहुंचाने पर तूली है भाजपा, कोरोना काल में कोल ब्लॉक की नीलामी क्यों- झामुमो

Ranchi :  कोल ब्लॉक के कॉमर्शियल ऑक्शन को लेकर राज्य में पक्ष-विपक्ष आमने-सामने आ गये हैं. झारखंड सरकार जहां कोल ब्लॉक के कॉमर्शियल ऑक्शन के खिलाफ कोर्ट चली गई है वहीं केन्द्र द्वारा कोल ब्लॉक के कॉमर्शियल ऑक्शन कराये जाने के समर्थन में प्रदेश भाजपा नेता कूद चुके हैं. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश की ओर से कोल ब्लॉक के कॉमर्शियल ऑक्शन को सही ठहराने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

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पार्टी कार्यालाय में अयोजित संवाददाता सम्मेलन में सुप्रियो ने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने 6 जिलों के 9 कोल ब्लॉक की नीलामी की बात कही है. सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि आखिर भाजपा के नेताओं के द्वारा क्यों प्रदेश की जनता को गुमराह किया जा रहा है. नॉर्थ करणपुरा इलाके में 8 कोल ब्लॉक हैं. राजहरा, गोडडा, पाकुड़, गिरिडीह एवं अन्य जिलों के 22 कोल खदानों का ऑक्शन करने की केन्द्र की मंशा सामने आ चुकी है. ऐसे में राज्य की जनता को क्यों भाजपा नेता गुमराह कर रहे हैं.

भाजपा अपने समर्थित पूंजीपतियों को देना चहती है लाभ

सुप्रियों ने आगे कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आ गई है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोयला के मूल्यों में भारी गिरावट आयी है. भाजपा अपने मित्र पूंजीपति अंबानी, अडानी, रुइया को लाभ पहुंचाने के लिए जल्दीबाजी में कोल ब्लॉक की नीलामी करना चहती है. कोल ब्लॉक की नीलामी से भाजपा के मित्र पूंजीपतियों को लाभ मिलेगा.

वे गिरी हुई मूल्य में कोल ब्लॉक लेंगे. और विदेशों में बेच कर सीधा लाभ कमायेंगे. जिसका उदाहरण गोडडा के अडानी पावर प्लांट में भी देखा जा सकता है. जहां झारखंड का कोयला, झारखंड का पानी, झारखंड के लोग का विस्थापन कर बांग्लादेश को बिजली भेजने का काम हो किया जा रहा है. जिसका फायदा सिर्फ आडानी कंपनी को मिल रहा है.

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विनाश की शर्त पर विकास मंजूर नहीं

सुप्रियो ने आगे कहा कि विनाश की शर्त पर अब विकास राज्य को मंजूर नहीं. राज्य में हजारों लाखों परिवारों का विकास के नाम पर विस्थापन किया गया है. भाजपा नेता 20 हजार लोगों को रोजगार मिलने की बात कह रहे हैं. लेकिन 60 हजार परिवार विस्थापित होंगे. उसके बारे में नही सोच रहे. प्रदेश के लाखों आदिवासी मूलवासी राष्ट्रहित में विस्थापन का दंश झेल चुके हैं.

अब यह नहीं होगा. बिना सोशल इंपेक्ट एसेसमेंट कराये कोल ब्लॉक का आक्शन राज्य हित में नहीं है. कोरोना काल में आखिर क्यों भाजपा कोल ब्लॉक की नीलामी करना चहती है. यह प्रदेश के भाजपा नेताओं को बताना चाहिए. जबकि देश में कोयले का बफर स्टॉक मौजूद है.

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