West Bengal

चुनावी मोड में भाजपा, शाह कोलकाता पहुंचे,  दलित परिवार के साथ भोजन करेंगे…  

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, यह भाजपा का पॉलिटिकल स्टंट है. अमित शाह ने पहले भी एक दलित परिवार और 2016 में आदिवासी परिवार के साथ खाना खाया था.

 Kolkata :  पश्चिम बंगाल में अगले साल  यानी 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं.  भाजपा चुनावी मोड में आ गयी है. इसकी तैयारी को लेकर  गृहमंत्री अमित शाह बुधवार की रात कोलकाता पहुंच गये. उनका विमान रात करीब 9.20 बजे कोलकाता के दमदम स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे उतरा. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल राय ने उनका स्वागत किया.

मदन घोराई के परिजनों से मुलाकात की

कोलकाता में अमित शाह ने भाजपा बूथ उपाध्यक्ष मदन घोराई के परिजनों से मुलाकात की जिन्हें पूर्वी मिदनापुर के पताशपुर में 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और पुलिस कस्टडी में उनकी मौत हो गयी थी.

श्री शाह बांकुरा में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे. इसके बाद दलित परिवार के साथ भोजन करने का कार्यक्रम है. तृणमूल कांग्रेस की नजर के अमित शाह के दौरे पर है. टीएमसी नेता शाह के दौरे को भाजपा का पॉलिटिकल स्टंट करार दे रहे हैं.

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अमित शाह बांकुड़ा पहुंचे

जान लें कि कोरोना वायरस महमारी के बाद यह शाह की पहली पश्चिम बंगाल यात्रा है.  यात्रा के क्रम में  अमित शाह  पश्चिम बंगाल के बांकुरा पहुंचे. वहां भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को श्रद्धांजलि अर्पित की. बांकुड़ा में जंगलमहल में  दक्षिण हिस्से की 70 विधानसभा सीटों के भाजपा कार्यकर्ताओं और समाज के दूसरे नेताओं के साथ बैठक कर विचार-विमर्श करेंगे. बताया गया है कि  इस इलाके पर कभी माओवादियों का राज था. पार्टी नेताओं के अनुसार शाह की लीडरशिप में ही पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़े जायेंगे.

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मटुआ  समुदाय  सीएए के तहत नागरिकता मांग रहा है

भाजपा सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को शाह मटुआ परिवार के साथ दोपहर का भोजन करेंगे.    खास बात है कि 2019 में भाजपा को वोट देने वाला यह समुदाय पाकिस्तान के पूर्वी हिस्से से आता है. यह समुदाय सीएए के तहत नागरिकता दिये जाने की मांग कर रहा है. जबकि सीएम ममता बनर्जी नागरिकता कानून का जमकर विरोध कर रही हैं.

टीएमसी सांसद सौगत रॉय का कहना है सब जानते हैं कि यह भाजपा का पॉलिटिकल स्टंट है. कहा कि अमित शाह ने पहले भी एक दलित परिवार और 2016 में आदिवासी परिवार के साथ खाना खाया था.’ उन्होंने कहा ‘मुझे नहीं लगता कि उनकी इस यात्रा में कुछ खास है. सिवाय इस बात के कि कुछ बीजेपी नेताओं को बंगाल में आर्टिकल 356 की मांग करने का मौका मिल जायेगा. बताया कि इस मुद्दे पर भाजपा बंटी हुई है और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष इसके खिलाफ हैं.

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