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दक्षिणी छोटानागपुर की तीनों सीटों से भाजपा को हटाना है: केंद्रीय आदिवासी मोर्चा

Ranchi:  आदिवासी महिलाओं, युवाओं और बच्चों को स्वावलंबी बनाने के लिए भाजपा सरकार ने कोई सार्थक प्रयास नहीं किया है. सरकार के शासन काल को देखें, तो जानकारी होती है कि सरकार ने आदिवासियों के विकास के बजाय आदिवासियों को लूटने का अधिक काम किया है.

उक्त बातें केंद्रीय आदिवासी मोर्चा के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अजय टोप्पो ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहीं. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्य से राज्य के आदिवासियों में असंतोष है. सरकार के काल में कौड़ी के भाव में जमीनों को पूंजीपतियों को दिया गया.

इससे लोग विस्थापित तो हुए ही, साथ ही इनकी रोजी-रोटी पर भी असर देखा गया. पूंजीपतियों के कारण सरकार ने आदिवासियों को उनकी ही जमीन से बेदखल किया. ऐसे में जरूरी है कि अब सरकार को इसका जवाब दिया जाएगा. प्रेस वार्ता का आयोजन प्रेस क्लब में किया गया था.

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दक्षिणी छोटानागपुर में हर हाल में भाजपा को देनी है मात

उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि दक्षिणी छोटानागपुर की तीनों सीटों से भाजपा को हटाना है. इसके लिए मोर्चा की ओर से रांची, खूंटी, लोहरदगा में महागठबंधन उम्मीदवारों को मांग पत्र सौंपा जायेगा.

जिसमें आदिवासियों के हक और अधिकार की बात को संसद में उठाने की मांग की जायेगी. संरक्षक सुजित कुजूर ने कहा कि अगर मोर्चा की मांगों को पूरा करने का आश्वासन देते हैं, तो मोर्चा चुनाव में उनका समर्थन करेगा.

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इन बिंदुओं पर चर्चा की गयी

इस दौरान राज्य की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गयी. जिसमें आरक्षण नीति, संविधान के साथ छेड़छाड़ करते हुए आदिवासियों के मौलिक अधिकारों पर प्रहार, आठवीं अनुसूची के तहत संताल के साथ साथ कुड़ूख, मुंडारी, हो भाषा को भी अनुसूची में स्थान दिया जाये, दूसरे राज्यों में पलायन को रोकना, राज्य की संस्कृति को बचाने का कार्य करना, चालीस हजार एकड़ जमीन गैर आदिवासियों के हाथों में चली गयी- उसे वापस लाना, उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी जमीन वापस लोगों को नहीं मिल पाया समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की गयी.

मौके पर ये थे उपस्थित

करमा लिंडा, राम कुमार नायक, आकाश तिर्की, प्र्रतित कच्छप, नितीश मांझी समेत अन्य लोग उपथिस्त थे.

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