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भाजपा बना चुकी है लोकतंत्र और संविधान को समाप्त करने की योजना : सजप

‘देश में लागू मौजूदा नीतियां और विकल्प’ विषय पर परिचर्चा

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Ranchi : समाजवादी जन परिषद् के द्वारा सत्य भारती सभागार में ‘देश में लागू मौजूदा नीतियां और विकल्प’ विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया. इसमें बड़ी संख्या मेंराजनीतिक कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र व महिलाओं ने भाग लिया. परिचर्चा में बोलते हुए अफलातून ने बताया कि पूरा विश्व विशेष कर भारत, एक ऐसे दौर में पहुंच गया है जहां 25 प्रतिशत पूंजी और संसाधन 1 प्रतिशत लोगों के हाथ में केंद्रित हो गया है. अब सरकारें आर्थिक नीतियों का निर्धारण नहीं करती बल्कि पूंजीपति ही सरकार बनाते हैं. अपने मन मुताबिक घोटाले करते रहते हैं. भारत, पाकिस्तान जैसे देश की सरकारें जनहित के कामों पर ध्यान नहीं देकर ऐसे उपक्रम करते रहते हैं जिससे गरीबों, किसानों छात्रों पर खर्च किए जाने वाले पैसे को हथियार और पूंजीपतियों के सब्सिडी के लिए नियोजित किया जा सके.

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यह ‘वैश्वीकरण निर्धारित आर्थिक नीतियों’ का ही असर है की खरबपतियों की संख्या जिस अनुपात में बढ़ रही है, वैसे ही बेरोज़गार आत्महत्या करने वाले किसानों, भूख से मरने वाले आदिवासियों, अशिक्षित रहने वाले बच्चों की संख्या भी उसी दर से बढ़ती जा रही है.

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ईमानदारी से जनहित में काम करने वाले दल दृश्यता बना नहीं पाते 

सरकारी संरक्षण में हत्याएं की जा रही हैं. जाने-माने  बुद्धिजीवियों को भी देशद्रोही, urban-naxal आदि की संज्ञा देकर जेलों में बंद किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों के दलाल और धर्मों के ठेकेदार एक ही DNA के हैं. हमारी चुनावी व्यवस्था इतनी जर्जर और खर्चीली हो गयी है कि ईमानदारी से जनहित में काम करने वाले दल राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर अपनी दृश्यता बना नहीं पाते.

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राजनैतिक पार्टियों के खर्च पर सीमा निर्धारण का प्रस्ताव रखा

अफलातून ने बताया की इसी 27 अगस्त को चुनाव आयोग ने सभी राजनैतिक पार्टियों की बैठक बुला कर पार्टी द्वारा चुनावों में किए जा रहे खर्च पर सीमा निर्धारण का प्रस्ताव रखा. भाजपा को छोड़ कर सभी दल इससे सहमत थे. भाजपा सरकार ने कंपनियों द्वारा दिए जा रहे चंदों की सीमा भी हटा दी है. विदेशों से आने वाले धन की पारदर्शिता भी समाप्त कर दी है.

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धन बल का इस्तेमाल कर भाजपा चुनावों को अपने पक्ष में करने का पाल रही मंसूबा 

इन हालातों में यह विश्वास होता है की शीर्ष पूंजीपतियों के मदद से विशाल धन बल का इस्तेमाल कर भाजपा चुनावों को अपने पक्ष में करने का मंसूबा पाल रही है. जैसा कि अरुण शौरी ने शंका जाहिर की है कि भाजपा लोकतंत्र और संविधान को समाप्त करने कि योजना बना चुकी है, वह सच होता नजर आ रहा है.

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लोकतंत्र को पराजित होने से बचाने में पूरी ताकत के साथ लग जाएं

सत्ता दल के इन नापाक इरादों के विरुद्ध अफलातून ने पार्टी कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र, समाजवाद में आस्था रखने वाले सभी शहरियों का आह्वान किया की आपसी भेद भाव भुला कर, एक जुट होकर लोकतंत्र को पराजित होने से बचाने में पूरी ताकत के साथ लग जाएं. सभा में प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी,जनमुक्ति संघर्ष वहिनी के मंथन, NAPM  के झारखंड प्रदेश संयोजक बसंत हेतमसरिया और हुल झारखंड क्रांति दल के शम्भू महतो ने भी अपने विचार रखे. सभा की अध्यक्षता डाक्टर करना झा ने की और संचालन सजप के राज्य सचिव धरणीधर प्रसाद ने किया.

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