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बीजेपी ने किया था दावा : पहुंचेगा पाईप से पानी, शिक्षण संस्थान होंगे विश्वस्तरीय, खुलेगी ई लाइब्रेरी, हुआ क्या?

चुनावी घोषणा का हाल : आधे गांव में भी नहीं पहुंचा पाईप से पानी, ना दिखी ई लाईब्रेरी, ना शिक्षण संस्थान हुए विश्वस्तरीय

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Kumar Gaurav

Ranchi : लोकसभा चुनाव के तिथि की घोषणा की जा चुकी है. देशभर में चुनावी माहौल है और सभाओं का दौर भी शुरू हो गया. राजनीतिक पार्टियों की ओर से चुनाव जीतने के लिए तरह-तरह के क्रिएटिव स्लोगन सामने आ रहे हैं. राजनीतिक पार्टियां चुनाव को लेकर एजेंडा भी तैयार करने में जुटी हैं.

2014 में चुनाव के दौरान भाजपा ने जो चुनावी वादे किये थे. उन घोषणाओं के बाद झारखंड को क्या मिलना था और क्या मिला, उसकी स्थिति से न्यूज विंग आपको रुबरु करा रहा है.

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हर गांव में पाइप से पानी पहुंचाने का वादा :  सवा तीन करोड़ में 57 लाख की आबादी को ही मिल पाता है पाईप से पानी.

केंद्र सरकार सत्ता में आयी तो लगा कि अपने घोषणा के अनुरुप हर गांव मे पाईप से पानी पहुंचा देगी. पर अलाम ये है कि डैम और नदी किनारे रहने वाले गांवों को भी पाईप लाईन से पानी नहीं मिला.

अभी तक राज्य के आधे गांवों में भी पाइप लाईन से पानी पहुंचाया गया है. हर गांव में पाईप लाईन से पानी पहुंचाने में सरकार पूरी तरह से नाकाम रही है. 7 अगस्त 2018 को राज्य सरकार ने कैबिनेट की बैठक में 103 करोड़ की लागत से 9 जलापूर्ति योजनाओं को स्वीकृति दी थी.

जिसमें गढ़वा, लातेहार, सरायकेला, रांची के उपेक्षित इलाकों में सरकार ने जलापूर्ति योजना के लिए स्वीकृति दी थी. इस योजना की प्लानिंग 2015 से ही की जा रही थी. यह योजना राज्यभर में पूरा करने का लक्ष्य 2020 है. राज्यभर के 263 ब्लॉक में 4410 गांव हैं.

अभी राज्य के सवा तीन करोड़ जनता में मात्र 57 लाख की आबादी को ही पाइप लाईन के जरिए पानी सप्लाई किया जाता है. स्थानीय नदियों के जरिए हरेक गांवों में पानी पहुंचाने की बात कही गयी थी.

 

नेशनल ई लाइब्रेरी का वादा नहीं हुआ पूरा

भाजपा ने चुनावी घोषणापत्र में ई लाईब्रेरी बनाने का वादा किया था. इस योजना के माध्यम से देशभर में ई लाईब्रेरी योजना के अंतर्गत सभी पुस्तकालयों को इंटरनेट से जोड़ा जाना था.

वहीं कई नए ई लाईब्रेरी की सुविधा चालू करानी थी. लेकिन राज्य में सरकारी घोषणा के अनुरुप एक भी ई लाईब्रेरी नहीं बन पायी. अन्य कई राज्यों में राज्य सरकार के द्वारा इसकी शुरुआत की गयी, पर झारखंड में इस दिशा में कोई पहल नहीं किया गया.

राज्य में हो रही एम्स की स्थापना

केंद्र सरकार ने चुनाव के दौरान अपने घोषणापत्र में सभी राज्यों में एम्स के स्थापना की बात कही थी. इस मामले में सरकार ने झारखंड को एम्स का सौगात दिया है.

झारखंड के देवघर में एम्स की स्थापना की जा रही है. हालांकि सरकार के दावे के मुताबिक एम्स अभी तक चालू हो जाना चाहिए था. केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई लाभकारी योजनाओं को चला रही है.

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शिक्षण संस्थान बनाना था विश्वस्तरीय, राष्ट्रस्तर का भी नहीं बना

शिक्षण संस्थानों को विश्वस्तरीय बनाये जाने की घोषणा सरकार ने की थी. राज्य के एक भी संस्थान या यूनिवर्सिटी राष्ट्र स्तरीय तक नहीं है. राज्य के किसी भी यूनिवर्सिटी को केंद्रीय यूनिवर्सिटी तक का दर्जा नहीं मिल पाया है.

केंद्र सरकार की ओर से शिक्षण संस्थानों की बेहतरी के लिए काम तो किया गया पर शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई की स्थिति पहले जैसी ही है. क्वालिटी एजूकेशन के नाम पर भी सरकार के काम सिर्फ कागजों में ही दिखे.

राज्य के अध्यापकों को वोकेशनल ट्रेनिंग देने की बात कही गयी थी, इस दिशा में भी कोई कार्य नहीं किया गया.

उर्दू का विस्तार और मदरसों का आधुनिकीकरण की बात नहीं हुई पूरी

जब सरकार आई थी तो अल्पसंख्यक समुदायों को लेकर की गयी घोषणाओं को पूरा होने की उम्मीद नजर आयी थी. सरकार ने उर्दू के विस्तार और मदरसों के आधुनिकीकरण को लेकर जो घोषणा की थी, वो दम तोड़ती नजर आयी.

झारखंड में उर्दू के विस्तार के लिए नाम मात्र के लिए भी कोई काम नहीं किये गये हैं. वहीं मदरसों के आधुनिकीकरण की दिशा में भी कोई काम नहीं हुआ. वहीं राज्य के कई मदरसों को बंद कर दिया गया, जबकि मदरसा शिक्षकों के वेतन को भी काफी दिनों तक रोक दिया गया था.

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पारसनाथ और भद्रकाली ईटखोरी में बन रहा है टूरिस्ट सर्किट

भाजपा ने 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान देशभर में 50 नए टूरिस्ट सर्किट बनाने की बात कही थी, जिसमें झारखंड में भी टूरिस्ट सर्किट बनाने की बात कही थी, सरकार इस दिशा में पहल करते हुए राज्य के दो पर्यटन स्थलों में टूरिस्ट सर्किट बना रही है. गिरिडीह जिले के पारसनाथ और चतरा जिले के ईटखोरी भद्रकाली में टूरिस्ट सर्किट का निर्माण करा रही है.

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हर व्यक्ति को पक्का घर का वादा हो रहा पूरा

चुनावी घोषणा में सरकार ने कहा था कि हर व्यक्ति को पक्का घर सरकार बनने के बाद दी जाएगी. 2014 में सरकार बनने के बाद हर व्यक्ति को पक्का घर के सपने को साकार करने में जुटी है. राज्य के हर जिले के गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर दिया जा रहा है. वहीं झारखंड में भी सरकार गैस ग्रिड बना रही है.

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