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झारखंड में बीजेपी की बंपर जीत, राजनीतिक पंडितों के दावे फेल, एग्जिट पोल निकला सही

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Ranchi: हालांकि जिस वक्त यह आलेख लिखा जा रहा था, उस वक्त झारखंड के किसी लोकसभा सीट पर किसी पार्टी की जीत की औपचारिक घोषणा नहीं हुई थी. लेकिन तकरीबन हर सीट पर नर्णायक बढ़त की खबरें आ चुकी थीं. रुझान बता रहे हैं कि पिछले बार से बीजेपी का झारखंड में अच्छा प्रदर्शन रहा है. संथाल में जेएमएम ने किसी तरह राजमहल सीट ने बचायी, नहीं तो सूपड़ा साफ ही था. इस बार अगर शिबू सोरेन चुनाव जीत जाते तो वो झारखंड से सबसे ज्यादा बार सांसद बनने का रिकॉर्ड बना लेते. कड़िया मुंडा और शिबू सोरेन दो ही ऐसे नेता हैं, जिनके पास आठ बार सांसद बनने का रिकॉर्ड है. जिस तरह से चुनाव के नतीजे आ रहे हैं, फिर से झारखंड में बीजेपी गठबंधन को 12 सीटें मिलने जा रही है.

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सभी पार्टी अध्यक्ष हार गये

इस बार का लोकसभा चुनाव के नतीजे कई मायनों में अहम रहे. बात बीजेपी की हो, जेएमएम की या फिर जेवीएम की. तीनों पार्टी के बड़े नेता को हार की मुंह देखना पड़ा. पश्चिमी सिंहभूम से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ कांग्रेस के उम्मीदवार गीता कोड़ा से चुनाव हाये गये. वहीं जेवीएम के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को चार लाख से ज्यादा के वोटों के अंतर से राजद से बीजेपी में आयीं अन्नपूर्णा देवी ने हराया. सबसे बड़ा झटका जेएमएम के सुप्रीमो शिबू सोरेन को लगा है. दो बार से हारते आ रहे सुनील सोरेन ने शिबू सोरेन को हराया. हालांकि वोटों का अंतर बहुत ज्यादा नहीं था, लेकिन शिबू सोरेन हार गये. संथाल के दुमका सीट से शिबू सोरेन का चुनाव हार जाना राजनीतिक रूप से उनकी राजनीति सक्रियता पर सवाल उठाता है.

असली फाइट मुंडा और भगत के बीच

झारखंड में असली फाइट की बात करें तो वो खूंटी सीट पर होते हुई दिखाई दी. जीत की घोषणा के बाद यह कहा जा सकेगा कि अर्जुन मुंडा झारखंड से सबसे कम वोटों से जीतने वाले पूर्व मुख्यमंत्री रहे. गिनती शुरू होने के बाद कभी कांग्रेस के उम्मीदवार कालीचरण बढ़त लेते दिखे, तो कभी बीजेपी के अर्जुन मुंडा. आखिरकार बढ़त बनाने में अर्जुन मुंडा को कामयाबी मिली. ऐसा ही कुछ नजारा लोहरदगा सीट पर भी देखने को मिला. दिन भर कांग्रेस के उम्मीदवार सुखदेव भगत और बीजेपी के उम्मीदवार के बीच नेक-टू-नेक फाइट होने के बाद आखिरकार बीजेपी के सुरदर्शन भगत को बढ़त मिली.

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राजनीतिक पंडितों के दावे फेल

चुनाव के बाद नतीजों को लेकर हो रही चर्चा में कभी भी बीजेपी को 10 से ज्यादा सीट मिलने की बात नहीं कही जाती थी. सभी का आकलन आठ से 10 सीट ही रहता था. एग्जिट पोल के आने के बाद तो यहां तक कहा जाने लगा कि बीजेपी को 12 सीटें मिलने का सवाल ही नहीं है. लेकिन मामला उलटा पड़ गया. एग्जिट पोल की कही गयी बातें सही होते दिखायी दे रही हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि जैसे अनुमान लगानेवालों की बोलती बंद कर दी गयी हो.

रघुवर ने दी बधाई, कहा जनता की जीत

बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि यह जीत देश की करोड़ों जनता की है. उन्होंने देश और प्रदेश की जनता का आभार प्रकट किया. कहा कि भारतीय राजनीति के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है. एक चलती हुई सरकार के कार्यक्रमों एवम् उसके नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए एनडीए को पहले से ज्यादा जनादेश दिया. यह इतिहास में एक मिसाल है. मोदी जी एवं अमित शाह के कुशल नेतृत्व एवं रणनीति के तहत सुरक्षा और विकास चुनाव का मुद्दा बना. कहा कि झारखंड में जो महागठबंधन बना था वो झूठ की बिसात पर बनाया गया था. लोगों ने महागठबंधन को परख लिया था. इसलिए उन्हें जनादेश नहीं मिला. कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार से नए झारखंड का सपना साकार होगा.

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