Main SliderRanchiTop Story

भाजपा के अजय मारू ने किया सीएनटी एक्ट का उल्लंघन? जमीन ली प्रेस खोलने के लिए, बना दिया मॉल

विज्ञापन

Ranchi: प्रदेश भाजपा और रघुवर दास सरकार सीएनटी-एसपीटी एक्ट के उल्लंघन के खिलाफ लगातार हमला बोल रही है. विपक्ष के कई कद्दावर नेताओं द्वारा सीएनटी-एसपीटी में किये गये उल्लंघन का उद्भेदन भी भाजपा ने किया.  खासकर पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा सीएनटी में किये गये उल्लंघन की रिपोर्ट भी सार्वजनिक की गयी. इसके बाद रघुवर सरकार ने भी स्पष्ट रूप से कहा था कि जो भी आदिवासियों की जमीन हड़पेगा, उसे होटवार जेल भेजेंगे. यह खेल पूरी तरह से बंद होगा. लेकिन  भाजपा के पूर्व सांसद सह वर्तमान में प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य अजय मारू ने ही सीएनटी एक्ट का उल्लंघन किया है. वे राज्य 20 सूत्री कार्यान्वयन समिति के सदस्य भी हैं. उन्होंने प्रेस खोलने के लिए हरमू मुक्ति धाम के पास जमीन ली थी, लेकिन उसमें सिटी मॉल बना दिया. जबकि रजिस्ट्री डीड में साफ कहा गया है कि उक्त प्रयोजन अर्थात रांची प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड(प्रेस) के लिए जमीन का उपयोग नहीं किये जाने पर विक्रेता को जमीन वापस कर दी जायेगी.

इसे भी पढ़ें – मुश्किल समय में हर बार प्रेरणा बनने का काम करती हैं आईएएस अफसरों के लिए किताबें

क्या है मामला

भाजपा के पूर्व सांसद अजय मारू ने रांची प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड के लिए 4 कट्ठा 8 छटांक आदिवासी जमीन हरमू मुक्तिधाम के समीप खरीदी थी. यह जमीन महादेव कच्छप, अजीत कच्छप, सुनील कच्छप, दुर्गा कच्छप और अनिल कच्छप से 6 लाख 75 हजार में ली गयी थी. इसमें स्पष्ट कहा गया था कि विक्रेताओं ने अपने मकान मरम्मत, निर्माण और  परिवार की आय बढ़ाने के लिए छोटे व्यवसाय स्थापित करने के नाम पर डीसी से स्वीकृति ली थी. यह स्वीकृति  सीएनटी की धारा 49, उपधारा एक(ए) के तहत महादेव कच्छप से प्रेस लगाने के लिए मिली थी. इस मसले पर रांची के तत्कालीन उपायुक्त ने 01-07-2008 को आदिवासी जमीन खरीदने की स्वीकृति दी थी. उपसमाहर्ता ने अपर समाहर्ता रांची को  11-05-2007 जांच आवेदन  समर्पित किया. रजिस्ट्री डीड में स्पष्ट कहा गया था कि उक्त प्रयोजन अर्थात रांची प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड(प्रेस) के लिए जमीन का उपयोग नहीं किये जाने पर विक्रेता को जमीन वापस कर दी जायेगी.

इसे भी पढ़ें – राज्य की पहली बर्खास्त महिला IAS ज्योत्सना ने सात साल से नहीं दिया है प्रोप्रर्टी का ब्योरा

कैसे सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर चल रहा है खेल

अजय मारू ने उक्त जमीन पर मॉल तो बना लिया है. अब मॉल के एक हिस्से पर होटल ताज खोलने की तैयारी की जा रही है. एक ही भवन में मॉल व  होटल रहेगा. जबकि डीड में साफ है कि जमीन रांची प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड को मिली है, और इसमें सिर्फ प्रेस की ही स्वीकृति मिली है. दिलचस्प यह भी है कि रांची प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड अब अजय मारू के हाथों में नहीं है. मारू इसे बेच चुके हैं. रजिस्ट्री के 10 साल के बाद भी रांची प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड जमीन का उपयोग नहीं कर पाया है.

इसे भी पढ़ें – पूर्व सीएस राजबाला वर्मा हो सकती हैं JPSC की अध्यक्ष! पहले सरकार की सलाहकार बनने की थी चर्चा

क्या है जमीन की स्थिति

सिटी मॉल के पीछे का निर्माणाधीन हिस्‍सा

अजय मारू ने जिस जमीन की खरीदारी की. उस जमीन का खाता नंबर 147 है.  सर्वे प्लॉट नंबर 580 है.  बकाश्त भुइंहरी, राजस्व मौजा रांची, थाना नंबर 205 है. जो  वर्तमान थाना कोतवाली के अंतगर्त आता है. .

इस मामले में क्या कहते हैं अजय मारू

अजय मारू ने न्यूज विंग से बात करते हुए बताया कि उपायुक्त के परमिशन से आदिवासी जमीन औद्योगिक प्रायोजन के लिए खरीदी थी. इस जमीन का उपयोग औद्योगिक प्रायोजन के लिए ही होगा. 30 मई 2018 को ताज होटल के साथ एमओयू भी कर लिया गया है. होटल उद्योग की ही श्रेणी में आता है.

इसे भी पढ़ेंः दिखावे की “चकाचौंध” में राज्य को डूबा तो नहीं रही “सरकार” ?

क्या कहते हैं कानून के जानकर

कानून के जानकारों के अनुसार सीएनटी की धारा 49 के तहत उपलब्ध करायी गयी औद्योगिक प्रयोजन की जमीन जिस परपस के लिए दी गयी  है,  उसी परपस के लिए उपयोग किया जाना जरूरी है.  सिटी मॉल खोलना सीएनटी एक्ट का उल्लंघन है.  डीसी की स्वीकृति में समय सीमा का जिक्र न होने के कारण भी सीएनटी एक्ट का गलत इस्तेमाल किया गया है.

Advertisement

Related Articles

Back to top button
Close